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Barabanki News: तीसरी बार बेच दी पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की जमीन
Sun, 21 May 2023 01:00 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 21 May 2023 01:00 AM IST
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त्रिवेदीगंज (बाराबंकी)। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए यूपीडा को बेची जा चुकी जमीन जालसाजों ने तीसरी बार बेच कर लाखों रुपये हड़प लिए। जमीन के दाखिल-खारिज के दौरान मामला उजागर होने पर लोनीकटरा थाने में चार लोगों पर केस दर्ज कर जांच शुरु कर दी गई है।
कानपुर जिले के थाना नवाबगंज क्षेत्र के 68-डी परमिया झोपड़पट्टी निवासी लाजवंती ने लोनीकटरा थाने की पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उन्होंने पखरपुर गांव के पास पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड के किनारे पांच बिस्वा जमीन खरीदी थी। ककरी के अंकित गौतम के माध्यम से भूमि स्वामी ओमप्रकाश से बीते साल 10 अगस्त को जमीन की रजिस्ट्री कराई थी। इस जमीन के लिए तीन लाख 90 हजार रुपये दिए थे।
फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ, जब हैदरगढ़ तहसील में दाखिल-खारिज के लिए आवेदन किया गया। पता लगा कि जमीन का कुछ हिस्सा यूपीडा को तथा शेष आलोक कुमार को पहले ही बेचा जा चुका है। यही नहीं, इसी जमीन को बाद में अश्वनी को बेच कर लाखों रुपये हड़प लिए। बिचौलिया अंकित से पूछने पर मात्र 52 हजार रुपये वापस कर शेष बीते साल दिसंबर तक वापस करने को कहा था, लेकिन वापस नहीं किए। प्रभारी निरीक्षक अजय त्रिपाठी ने बताया कि तहरीर के अनुसार अंकित, धीरज, ज्ञानेंद्र व भूस्वामी ओमप्रकाश के विरुद्ध धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
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कानपुर जिले के थाना नवाबगंज क्षेत्र के 68-डी परमिया झोपड़पट्टी निवासी लाजवंती ने लोनीकटरा थाने की पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उन्होंने पखरपुर गांव के पास पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड के किनारे पांच बिस्वा जमीन खरीदी थी। ककरी के अंकित गौतम के माध्यम से भूमि स्वामी ओमप्रकाश से बीते साल 10 अगस्त को जमीन की रजिस्ट्री कराई थी। इस जमीन के लिए तीन लाख 90 हजार रुपये दिए थे।
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फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ, जब हैदरगढ़ तहसील में दाखिल-खारिज के लिए आवेदन किया गया। पता लगा कि जमीन का कुछ हिस्सा यूपीडा को तथा शेष आलोक कुमार को पहले ही बेचा जा चुका है। यही नहीं, इसी जमीन को बाद में अश्वनी को बेच कर लाखों रुपये हड़प लिए। बिचौलिया अंकित से पूछने पर मात्र 52 हजार रुपये वापस कर शेष बीते साल दिसंबर तक वापस करने को कहा था, लेकिन वापस नहीं किए। प्रभारी निरीक्षक अजय त्रिपाठी ने बताया कि तहरीर के अनुसार अंकित, धीरज, ज्ञानेंद्र व भूस्वामी ओमप्रकाश के विरुद्ध धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
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