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दाल व सब्जी के बढ़े दाम
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 22 Aug 2015 11:45 PM IST
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दाल व सब्जियों की महंगाई ने आम आदमी के मुंह का जायका बिगाड़ दिया है। आसमान छू रहे भावों के चलते दाल व सब्जियों की कटोरियां थाली में छोटी होती जा रही हैं। आम आदमी महंगाई की मार से परेशान हैं। लेकिन उसे राहत मिलने के आसार नहीं दिखाई दे रहे हैं। अरहर दाल में 30 से 35 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। जबकि सब्जियों के दाम में 50 फीसद तक बढ़ोतरी हुई है।
पिछले 15 दिनों में दाल व सब्जियों के भाव में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। सबसे अधिक भाव तो अरहर दाल के ही बढ़े हैं। इसमें तीस रुपये की बढ़ोतरी हुई है। सब्जियों के भाव में पचास फीसद तक बढ़ोतरी हुई है। जिससे आदमी परेशान है। उन्हें महंगाई से निजात की सूरत भी नहीं दिखाई दे रही है।
अभय नगर निवासी वीरेंद्र सिंह कहते हैं कि महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। पहले सौ रुपये में अच्छे खासी सब्जी मिल जाती थी लेकिन अब इतनी ही सब्जी मिल रही है उसे पॉलीथीन में ही लोग लेकर घर चले आते हैं। मनोज कश्यप भी महंगाई से परेशान हैं।
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यह कहते हैं कि पहले चार हजार रुपये खर्च कर घर का लगभग सामान आ जाता था। लेकिन महंगाई के चलते सामान में कटौती करने के बाद भी महीने का सामान लाने में पांच हजार रुपये खर्च हो जाते हैं। दुर्गापुरी में रहने वाले राजेश श्रीवास्तव कहते हैं कि महंगाई से आम आदमी परेशान हैं।
महंगाई बढ़ रही है लेकिन आय नहीं। जिससे यह समस्या बनी हुई है। सरकार को महंगाई पर नियंत्रण करना चाहिए। सब्जी व दाल सबकुछ महंगा हो गया है। ऐसे में आदमी खाए तो क्या। महंगाई के चलते किचन का बजट भी बिगड़ गया है।
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पिछले 15 दिनों में दाल व सब्जियों के भाव में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। सबसे अधिक भाव तो अरहर दाल के ही बढ़े हैं। इसमें तीस रुपये की बढ़ोतरी हुई है। सब्जियों के भाव में पचास फीसद तक बढ़ोतरी हुई है। जिससे आदमी परेशान है। उन्हें महंगाई से निजात की सूरत भी नहीं दिखाई दे रही है।
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अभय नगर निवासी वीरेंद्र सिंह कहते हैं कि महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। पहले सौ रुपये में अच्छे खासी सब्जी मिल जाती थी लेकिन अब इतनी ही सब्जी मिल रही है उसे पॉलीथीन में ही लोग लेकर घर चले आते हैं। मनोज कश्यप भी महंगाई से परेशान हैं।
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यह कहते हैं कि पहले चार हजार रुपये खर्च कर घर का लगभग सामान आ जाता था। लेकिन महंगाई के चलते सामान में कटौती करने के बाद भी महीने का सामान लाने में पांच हजार रुपये खर्च हो जाते हैं। दुर्गापुरी में रहने वाले राजेश श्रीवास्तव कहते हैं कि महंगाई से आम आदमी परेशान हैं।
महंगाई बढ़ रही है लेकिन आय नहीं। जिससे यह समस्या बनी हुई है। सरकार को महंगाई पर नियंत्रण करना चाहिए। सब्जी व दाल सबकुछ महंगा हो गया है। ऐसे में आदमी खाए तो क्या। महंगाई के चलते किचन का बजट भी बिगड़ गया है।