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शिक्षामित्रों ने किया प्रदर्शन
अमर उजाला/बाराबंकी
Updated Thu, 17 Aug 2017 11:45 PM IST
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शिक्षामित्रों की हड़ताल के बाद एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था गुरुवार को चरमरा गई। 300 विद्यालयों में शिक्षक भेजकर भले ही ताला खोलवा दिया गया हो, पर पढ़ाई पूरी तरह चौपट रही। पूरे दिन शिक्षा का माहौल नहीं बना। बच्चे स्कूल आए और बिना पढ़े ही लौट गए। बेसिक शिक्षा अधिकारी सभी स्कूलों के खुलने का दावा भले कर रहे हों, पर पढ़ाई के लिए किए गए इंतजाम नकाफी साबित हुए। शिक्षामित्र बीएसए कार्यालय पर एकत्र होकर रैली निकालते हुए पटेल तिराहे तक प्रदर्शन करते हुए पहुंचे। जाम लगने से राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा।
सहायक अध्यापक के पद का समायोजन रद्द होने का फैसला न लिए जाने से भड़के शिक्षामित्र गुरुवार को बीएसए कार्यालय में एकत्र हुए। उसके बाद संघ के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार वर्मा की अगुवाई में प्रदर्शन रैली निकालते हुए शिक्षामित्र पटेल तिराहा पहुंचे। भारी संख्या में उमड़ी शिक्षामित्रों की भीड़ से दोनों ओर जाम लगा रहा।
आधा घंटे तक प्रदर्शन करने के बाद शिक्षामित्र वापस बीएसए कार्यालय लौट गए। मुख्यमंत्री के आदेश की अवहेलना करते हुए शिक्षामित्रों ने विद्यालय बंद कर दिया। जिले में कुल 3120 शिक्षामित्र हैं। करीब 300 ऐसे विद्यालय हैं जो शिक्षामित्रों के सहारे ही चल रहे थे।
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पूर्व निर्धारित कार्यक्रम होने के कारण जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने 300 विद्यालयों में पड़ोस के स्कूलों से शिक्षकों को भेजकर ताला खोलवाए जाने की बात कही है। सभी विद्यालयों का ताला भले ही खुला हो पर यहां पढ़ाई कार्य ठप रहा।
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सहायक अध्यापक के पद का समायोजन रद्द होने का फैसला न लिए जाने से भड़के शिक्षामित्र गुरुवार को बीएसए कार्यालय में एकत्र हुए। उसके बाद संघ के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार वर्मा की अगुवाई में प्रदर्शन रैली निकालते हुए शिक्षामित्र पटेल तिराहा पहुंचे। भारी संख्या में उमड़ी शिक्षामित्रों की भीड़ से दोनों ओर जाम लगा रहा।
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आधा घंटे तक प्रदर्शन करने के बाद शिक्षामित्र वापस बीएसए कार्यालय लौट गए। मुख्यमंत्री के आदेश की अवहेलना करते हुए शिक्षामित्रों ने विद्यालय बंद कर दिया। जिले में कुल 3120 शिक्षामित्र हैं। करीब 300 ऐसे विद्यालय हैं जो शिक्षामित्रों के सहारे ही चल रहे थे।
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पूर्व निर्धारित कार्यक्रम होने के कारण जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने 300 विद्यालयों में पड़ोस के स्कूलों से शिक्षकों को भेजकर ताला खोलवाए जाने की बात कही है। सभी विद्यालयों का ताला भले ही खुला हो पर यहां पढ़ाई कार्य ठप रहा।