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कटौती से आजिज उपभोक्ताओं ने उपकेंद्र का किया घेराव
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सूरतगंज (बाराबंकी)। बिजली की अंधाधुंध कटौती से आजिज लोगों ने मंगलवार को बिजली उपकेंद्र का घेराव किया। उपभोक्ताओं ने पावर कॉर्पोरेशन के अभियंताओं और कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। अफसरों के खिलाफ ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की। अधिकारियों के आश्वासन पर उपभोक्ता शांत हुए।
लो-वोल्टेज, मनमानी बिजली कटौती से परेशान उपभोक्ताओं के सब्र का बांध मंगलवार को टूट गया। उन्होंने बिजली उपकेंद्र का घेराव किया। मुकेश शुक्ला, नितिन तिवारी, रोहित कुमार, सुधीर गुप्ता, राहुल गुप्ता, विकास निगम, हितेश गुप्ता, विपिन कुमार, राजेश कुमार का आरोप है कि बिजली आपूर्ति का कोई रोस्टर निश्चित नहीं है। बिजली आपूर्ति कब चालू हो जाए और कब बंद हो, इसका भी कोई पता नहीं है। बीते चौबीस घंटे में केवल तीन से चार घंटे ही बिजली मिल सकी।
ब्रेक डाउन, तो कभी लोकल फाल्ट होने की बात कहकर घंटों बिजली गुल कर दी जाती है। यही नहीं इसके जिम्मेदारों के फोन या तो पहुंच से बाहर होते हैं या फिर वह बंद मिलते हैं। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने उपकेंद्र पर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। उपभोक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए ताला बंद कर देने की चेतावनी दी।
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लाइनमैन ने आक्रोश बढ़ता देख इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाने का प्रयास किया लेकिन उपभोक्ता नहीं माने। अधिशासी अभियंता डीके यादव के रोस्टर के अनुसार, बिजली आपूर्ति के आश्वासन पर उपभोक्ता शांत हुए।
रेलवे फाटक को बंद करने का ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन
दरियाबाद। रेलवे फाटक को स्थायी रूप से बंद करने पर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। क्षेत्र की ग्राम पंचायत बीकापुर रेलवे लाइन के दोनों तरफ बसा है। गांव की आबादी करीब तीन हजार है और अधिकतर लोगों की जमीन रेलवे लाइन के दूसरी तरफ है। रेल विभाग ने यहां वर्षों पहले 158-सी रेलवे क्रॉसिंग बनाई थी।
रेल विभाग ने इस क्रॉसिंग को स्थायी रूप से बंद करने के लिए तहसीलदार ज्ञानेंद्र सिंह से जांच रिपोर्ट मांगी थी। मंगलवार को तहसीलदार क्रॉसिंग के स्थायी रूप से बंद करने से होने वाले आर्थिक व सामाजिक नुकसान की जांच करने पहुंचे। जानकारी मिलने पर बीकपुर के सैकड़ों महिलाएं व पुरुष रेलवे फाटक पर जमा हो गए और इसको बंद करने के विरोध में प्रदर्शन करने लगे।
तहसीलदार ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि रेलवे फाटक स्थायी रूप से बंद करने के संबंध में जांच रिपोर्ट मांगी गई थी। मंगलवार को मौके पर स्थलीय जांचकर ग्रामीणों के बयान दर्ज करवाए गए हैं। रिपोर्ट बनाकर रेल विभाग को भेजा जाएगा। संवाद
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लो-वोल्टेज, मनमानी बिजली कटौती से परेशान उपभोक्ताओं के सब्र का बांध मंगलवार को टूट गया। उन्होंने बिजली उपकेंद्र का घेराव किया। मुकेश शुक्ला, नितिन तिवारी, रोहित कुमार, सुधीर गुप्ता, राहुल गुप्ता, विकास निगम, हितेश गुप्ता, विपिन कुमार, राजेश कुमार का आरोप है कि बिजली आपूर्ति का कोई रोस्टर निश्चित नहीं है। बिजली आपूर्ति कब चालू हो जाए और कब बंद हो, इसका भी कोई पता नहीं है। बीते चौबीस घंटे में केवल तीन से चार घंटे ही बिजली मिल सकी।
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ब्रेक डाउन, तो कभी लोकल फाल्ट होने की बात कहकर घंटों बिजली गुल कर दी जाती है। यही नहीं इसके जिम्मेदारों के फोन या तो पहुंच से बाहर होते हैं या फिर वह बंद मिलते हैं। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने उपकेंद्र पर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। उपभोक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए ताला बंद कर देने की चेतावनी दी।
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लाइनमैन ने आक्रोश बढ़ता देख इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाने का प्रयास किया लेकिन उपभोक्ता नहीं माने। अधिशासी अभियंता डीके यादव के रोस्टर के अनुसार, बिजली आपूर्ति के आश्वासन पर उपभोक्ता शांत हुए।
रेलवे फाटक को बंद करने का ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन
दरियाबाद। रेलवे फाटक को स्थायी रूप से बंद करने पर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। क्षेत्र की ग्राम पंचायत बीकापुर रेलवे लाइन के दोनों तरफ बसा है। गांव की आबादी करीब तीन हजार है और अधिकतर लोगों की जमीन रेलवे लाइन के दूसरी तरफ है। रेल विभाग ने यहां वर्षों पहले 158-सी रेलवे क्रॉसिंग बनाई थी।
रेल विभाग ने इस क्रॉसिंग को स्थायी रूप से बंद करने के लिए तहसीलदार ज्ञानेंद्र सिंह से जांच रिपोर्ट मांगी थी। मंगलवार को तहसीलदार क्रॉसिंग के स्थायी रूप से बंद करने से होने वाले आर्थिक व सामाजिक नुकसान की जांच करने पहुंचे। जानकारी मिलने पर बीकपुर के सैकड़ों महिलाएं व पुरुष रेलवे फाटक पर जमा हो गए और इसको बंद करने के विरोध में प्रदर्शन करने लगे।
तहसीलदार ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि रेलवे फाटक स्थायी रूप से बंद करने के संबंध में जांच रिपोर्ट मांगी गई थी। मंगलवार को मौके पर स्थलीय जांचकर ग्रामीणों के बयान दर्ज करवाए गए हैं। रिपोर्ट बनाकर रेल विभाग को भेजा जाएगा। संवाद