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सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन, ढाई घंटा चला हंगामा
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बेलहरा (बाराबंकी)। नगर पंचायत बेलहरा के नेतपुरवा वार्ड में रास्ते के विवाद को लेकर हुई मारपीट में घायल युवक की दस दिन बाद उपचार के दौरान मौत हो गई। सोमवार को शव लेकर घर पहुंचे परिवारीजनों ने में शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। मौके पर पहुंचे तहसीलदार के आश्वासन के बाद परिवारीजन व ग्रामीण शांत हुए। पुलिस की निगरानी में शव का अंतिम संस्कार किया गया।
थाना मोहम्मदपुर खाला क्षेत्र के नगर पंचायत बेलहरा के नेतपुरवा वार्ड में बीते 16 जून को रास्ते के विवाद को लेकर उमराव व दिलीप में मारपीट हो गई थी। इसमें दिलीप (35) गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसका उपचार लखनऊ के निजी चिकित्सालय में चल रहा था। सोमवार सुबह दिलीप की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव उसके घर पहुंचा।
मोहम्मदपुर खाला पुलिस ने शव का अंतिम संस्कार करने के लिए दबाव बनाया। इस पर परिवारीजन व दर्जनों ग्रामीण उग्र हो गए। आक्रोशित लोगों ने शव को मोहल्ले के मुख्य रास्ते पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। हंगामे को देखते हुए फतेहपुर व मोहम्मदपुर खाला थाने से भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया।
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परिवारीजनों की मांग थी कि आरोपी उमराव, राहुल, रोहित, मोहित व पुतान के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाय। पुलिस द्वारा वार्ता असफल रही तो तहसीलदार राहुल सिंह व रामनगर सीओ दिनेश कुमार दुबे ने परिवारीजनों से बातचीत की।
तहसीलदार के लिखित आश्वासन पर परिवारीजन व मोहल्लेवासी शांत हुए और शव का अंतिम संस्कार कर दिया। तीन बजे से शुरू हुआ प्रदर्शन शाम साढ़े पांच बजे तक चला। इस संबंध में तहसीलदार ने बताया कि पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। परिवारीजनों को जो भी आर्थिक सहायता मिल सकती है, दिलाई जाएगी।
परिवार का अकेला सहारा था दिलीप
मृतक दिलीप मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करता था। दिलीप की पत्नी रेनू देवी, दिव्यांशु (7), हर्षित (5) व सात माह की एक पुत्री परी है। दिलीप की मौत होने के बाद परिवार पर संकट का पहाड़ टूट पड़ा है। उनकी पत्नी तो सदमे के मारे बार-बार बेहोश हो रही थी।
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थाना मोहम्मदपुर खाला क्षेत्र के नगर पंचायत बेलहरा के नेतपुरवा वार्ड में बीते 16 जून को रास्ते के विवाद को लेकर उमराव व दिलीप में मारपीट हो गई थी। इसमें दिलीप (35) गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसका उपचार लखनऊ के निजी चिकित्सालय में चल रहा था। सोमवार सुबह दिलीप की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव उसके घर पहुंचा।
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मोहम्मदपुर खाला पुलिस ने शव का अंतिम संस्कार करने के लिए दबाव बनाया। इस पर परिवारीजन व दर्जनों ग्रामीण उग्र हो गए। आक्रोशित लोगों ने शव को मोहल्ले के मुख्य रास्ते पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। हंगामे को देखते हुए फतेहपुर व मोहम्मदपुर खाला थाने से भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया।
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परिवारीजनों की मांग थी कि आरोपी उमराव, राहुल, रोहित, मोहित व पुतान के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाय। पुलिस द्वारा वार्ता असफल रही तो तहसीलदार राहुल सिंह व रामनगर सीओ दिनेश कुमार दुबे ने परिवारीजनों से बातचीत की।
तहसीलदार के लिखित आश्वासन पर परिवारीजन व मोहल्लेवासी शांत हुए और शव का अंतिम संस्कार कर दिया। तीन बजे से शुरू हुआ प्रदर्शन शाम साढ़े पांच बजे तक चला। इस संबंध में तहसीलदार ने बताया कि पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। परिवारीजनों को जो भी आर्थिक सहायता मिल सकती है, दिलाई जाएगी।
परिवार का अकेला सहारा था दिलीप
मृतक दिलीप मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करता था। दिलीप की पत्नी रेनू देवी, दिव्यांशु (7), हर्षित (5) व सात माह की एक पुत्री परी है। दिलीप की मौत होने के बाद परिवार पर संकट का पहाड़ टूट पड़ा है। उनकी पत्नी तो सदमे के मारे बार-बार बेहोश हो रही थी।