{"_id":"601af2858ebc3e4a6500933a","slug":"project-barabanki-news-lko563053781","type":"story","status":"publish","title_hn":"तराई वासियों को बाढ़ से बचाने के लिए खर्च होंगे 34 करोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तराई वासियों को बाढ़ से बचाने के लिए खर्च होंगे 34 करोड़
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाराबंकी। तराई वासियों को बाढ़ से बचाने के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को अलीनगर रानीमऊ तटबंध पर 34 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली पांच परियोजनाओं को लखनऊ से शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री के शिलान्यास के बाद से ही बाढ़ खंड विभाग ने इस दिशा में कार्य करना शुरू कर दिया है।
सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के करीब 50 गांवों की लगभग 35 हजार की आबादी हर साल बाढ़ की चपेट में आती है। यहां के कहारनपुरवा, सनावां, बीहड, गोबरहा, पासिनपुरवा, पंडितपुरवा, तेलवारी, परवतपुरवा, करौनी आदि कई गांव बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं। जिससे यहां के वासी महीनों तक घर से बेघर हो जाते हैं और अलीनगर रानीमऊ तटबंध पर परिवारीजनों के साथ जीवन गुजारते हैं।
मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए तराई की जनता को बाढ़ से बचाने के लिए 34 करोड़ रुपये की पांच परियोजनाओं का बुधवार को लखनऊ से शिलान्यास किया। जिला कलक्ट्रेट के एनआईसी में बुधवार को हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्यमंत्री तक बाढ़ इलाके की पूरी जानकारी पहुंचाने वाले रामनगर विधायक शरद अवस्थी, डीएम डॉ आदर्श सिंह समेत संबंधित विभागों के अफसर मौजूद रहे।
विज्ञापन
इन परियोजनाओं का किया शिलान्यास
अलीनगर रानीमऊ तटबंध पर किमी 11.650 से 11.400 तक 4 करोड़ 22 लाख रुपये से, किमी 13.350 से 13.980 तक 3 करोड़ 33 लाख रुपये से, किमी 14.600 से 15.410 तक 4 करोड़ 39 लाख से, किमी ़11.650 से 11.400 तक 4 करोड़ 22 लाख से, किमी 1.00 से 2.350 तक 15 करोड़ 23 लाख से बाढ़ सुरक्षात्मक एवं कटान निरोधक कार्र्य होंगे। इसके अलावा हाता, पंसारा, मंगरौडा आदि के सुरक्षा कार्य पर 7 करोड़ 8 लाख रुपये, इस प्रकार कुल 34 करोड़ रुपये के कार्य अलीनगर रानीमऊ तटबंध के दायें ओर कराए जाने हैं।
सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के तराई क्षेत्र में 34 करोड़ रुपये की लागत से होने वाली पांच परियोजनाओं का शिलान्यास मुख्यमंत्री द्वारा किया गया है। शासन से इन कार्यों की स्वीकृति मिल गई है। जो औपचारिकताएं बची हैं उन्हें जल्द पूरी कराकर कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
-शशिकांत सिंह, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड
विज्ञापन
सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के करीब 50 गांवों की लगभग 35 हजार की आबादी हर साल बाढ़ की चपेट में आती है। यहां के कहारनपुरवा, सनावां, बीहड, गोबरहा, पासिनपुरवा, पंडितपुरवा, तेलवारी, परवतपुरवा, करौनी आदि कई गांव बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं। जिससे यहां के वासी महीनों तक घर से बेघर हो जाते हैं और अलीनगर रानीमऊ तटबंध पर परिवारीजनों के साथ जीवन गुजारते हैं।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए तराई की जनता को बाढ़ से बचाने के लिए 34 करोड़ रुपये की पांच परियोजनाओं का बुधवार को लखनऊ से शिलान्यास किया। जिला कलक्ट्रेट के एनआईसी में बुधवार को हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्यमंत्री तक बाढ़ इलाके की पूरी जानकारी पहुंचाने वाले रामनगर विधायक शरद अवस्थी, डीएम डॉ आदर्श सिंह समेत संबंधित विभागों के अफसर मौजूद रहे।
विज्ञापन
इन परियोजनाओं का किया शिलान्यास
अलीनगर रानीमऊ तटबंध पर किमी 11.650 से 11.400 तक 4 करोड़ 22 लाख रुपये से, किमी 13.350 से 13.980 तक 3 करोड़ 33 लाख रुपये से, किमी 14.600 से 15.410 तक 4 करोड़ 39 लाख से, किमी ़11.650 से 11.400 तक 4 करोड़ 22 लाख से, किमी 1.00 से 2.350 तक 15 करोड़ 23 लाख से बाढ़ सुरक्षात्मक एवं कटान निरोधक कार्र्य होंगे। इसके अलावा हाता, पंसारा, मंगरौडा आदि के सुरक्षा कार्य पर 7 करोड़ 8 लाख रुपये, इस प्रकार कुल 34 करोड़ रुपये के कार्य अलीनगर रानीमऊ तटबंध के दायें ओर कराए जाने हैं।
सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के तराई क्षेत्र में 34 करोड़ रुपये की लागत से होने वाली पांच परियोजनाओं का शिलान्यास मुख्यमंत्री द्वारा किया गया है। शासन से इन कार्यों की स्वीकृति मिल गई है। जो औपचारिकताएं बची हैं उन्हें जल्द पूरी कराकर कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
-शशिकांत सिंह, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड