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Barabanki News: अकीदत के साथ निकले जुलूस, गूंजी या हुसैन की सदाएं
Wed, 17 Jul 2024 03:46 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 17 Jul 2024 03:46 AM IST
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जैदपुर/सआदतगंज/ कोटवाधाम (बाराबंकी)। ज़ैदपुर कस्बे वक्फ इमामबाड़ा गढ़ी जदीद में मोजिज़े के अलम की मजलिस हुई। उसके बाद अलम अपनी तारीखी रवायत से निकाला गया। यह अलम यहां के बुज़ुर्गों को इराक कर्बला से मिला था। तब से हर साल आठ मुहर्रम को यह अलम निकाला जाता है। आठ मोहर्रम की रात दो बजे मजलिस के बाद अलम की ज़ियारत कराई गई।
मजलिस को मौलाना इस्तेफा रज़ा ने खिताब करते हुए कहा कि हर एक इमाम हुसैन के मानने वाले को उस शरीयत और कुरानों हदीस की रोशनी में अपने किरदार को अपने अमल से इतना बुलंद करना चाहिए की खुद दुनिया समझ जाए की ये हुसैनी है। इसके बाद मौलाना ने इमाम हुसैन के भाई लश्कर के अलमदार जनाबे अब्बास की वफादारी और बहादुरी को बयान करते हुए कर्बला में उनकी शहादत के मसायब बयान किए। जिसे सुन कर अज़ादार रो पड़े।
उधर सआदतगंज में रामपुर, दिकौलिया, सहरी के लोग ढोल नगाड़े के साथ तानेवाली बागमें इकट्ठा हुए इसके बाद नौवीं मुहर्रम का जुलूस निकाला गया जो पचासा होते हुए पुरानी बाजार, चमनगंज, नई बाजार, अनूपगंज में समाप्त हुआ। इस दौरान भारी संख्या में लोग या हुसैन या हुसैन की सदाएं बुलंद कर रहे थे। कोटवाधाम में आठवे मोहर्रम पर अकीदत के साथ जुलूस निकाला गया। जुलूस क्षेत्र के रानीकटरा, कोटवाधाम, अरियामऊ, मदारपुर के बाद मीरापुर गांव तक ले जाया गया। इस दौरान पूरे समय या हुसैन की सदाएं माहौल में गूंजती रही।
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मजलिस को मौलाना इस्तेफा रज़ा ने खिताब करते हुए कहा कि हर एक इमाम हुसैन के मानने वाले को उस शरीयत और कुरानों हदीस की रोशनी में अपने किरदार को अपने अमल से इतना बुलंद करना चाहिए की खुद दुनिया समझ जाए की ये हुसैनी है। इसके बाद मौलाना ने इमाम हुसैन के भाई लश्कर के अलमदार जनाबे अब्बास की वफादारी और बहादुरी को बयान करते हुए कर्बला में उनकी शहादत के मसायब बयान किए। जिसे सुन कर अज़ादार रो पड़े।
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उधर सआदतगंज में रामपुर, दिकौलिया, सहरी के लोग ढोल नगाड़े के साथ तानेवाली बागमें इकट्ठा हुए इसके बाद नौवीं मुहर्रम का जुलूस निकाला गया जो पचासा होते हुए पुरानी बाजार, चमनगंज, नई बाजार, अनूपगंज में समाप्त हुआ। इस दौरान भारी संख्या में लोग या हुसैन या हुसैन की सदाएं बुलंद कर रहे थे। कोटवाधाम में आठवे मोहर्रम पर अकीदत के साथ जुलूस निकाला गया। जुलूस क्षेत्र के रानीकटरा, कोटवाधाम, अरियामऊ, मदारपुर के बाद मीरापुर गांव तक ले जाया गया। इस दौरान पूरे समय या हुसैन की सदाएं माहौल में गूंजती रही।
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