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पहले दिन में एक भी केंद्र पर नहीं हुई प्रयोगात्मक परीक्षाएं
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बाराबंकी। कोरोना काल में बंद विद्यालय लंबे समय बाद खुले। धीरे-धीरे छात्र-छात्राओं की संख्या में इजाफा होने में महीनों लग गए। ऐसे में विद्यार्थी अभी प्रयोगशाला में रखे उपकरणों के बारे में भलीभांति परिचित भी नहीं हो पाए थे कि प्रैक्टिकल की तिथि आ गई। हालांकि बोर्ड द्वारा तय की गई प्रयोगात्मक परीक्षा के पहले दिन जिले में एक भी केंद्र पर प्रैक्टिकल परीक्षाएं नहीं हो सकी। कारण एक दिन पहले ही विद्यालयों को नामिनल रोल व एग्जामरों के बारे में जानकारी हुई। इसके बाद अब वह उनसे बात कर प्रैक्टिकल की तिथि तय कर रहे हैं।
कोविड-19 को लेकर विद्यालय बंद होने के बाद कम किए गए सिलेबस में प्रैक्टिकल की संख्या भले ही घटा दी गई हो। मगर, घटे हुए सिलेबस के अनुरूप भी विद्यालयों में प्रैक्टिकल नहीं हो सके। राजकीय व एडेड विद्यालयों में शिक्षक व संसाधनों की कमी के साथ छात्रों की उपस्थित कम रही। विद्यालयों में छात्रों की संख्या नए वर्ष के बाद बढ़ी।
ऐसे में लंबे समय से बंद पड़ी प्रयोगशालाओं की साफ-सफाई के बाद विद्यार्थी लैब तो गए मगर, कोर्स पूरा होना तो दूर सच तो यह है कि अभी तक वह उपकरणों से सही तरीके से परिचित नहीं हुए। ऐसे में प्रयोगात्मक परीक्षा में क्या कर दिखाएंगे। इसके बारे में बताने की जरूरत नहीं है। इस बारे में बुधवार को शहर के जीआईसी व जीजीआईसी के शिक्षक व विद्यार्थियों से बात की गई तो नाम न छापने की शर्त पर कुछ ऐसी ही हकीकत बयां की।
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कोरोना काल के बाद स्कूल खुलने पर जितना समय मिला उसमें प्रैक्टिकल कराए गए हैं। विद्यार्थी पूरी तरह से तैयार हैं। एग्जामनरों की सूची मिल गई है। उनसे बात कर तिथि तय की जा रही है। एक-दो दिन बाद प्रैक्टिकल शुरू हो जाएंगे।
-राजेश कुमार वर्मा,डीआईओएस
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कोविड-19 को लेकर विद्यालय बंद होने के बाद कम किए गए सिलेबस में प्रैक्टिकल की संख्या भले ही घटा दी गई हो। मगर, घटे हुए सिलेबस के अनुरूप भी विद्यालयों में प्रैक्टिकल नहीं हो सके। राजकीय व एडेड विद्यालयों में शिक्षक व संसाधनों की कमी के साथ छात्रों की उपस्थित कम रही। विद्यालयों में छात्रों की संख्या नए वर्ष के बाद बढ़ी।
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ऐसे में लंबे समय से बंद पड़ी प्रयोगशालाओं की साफ-सफाई के बाद विद्यार्थी लैब तो गए मगर, कोर्स पूरा होना तो दूर सच तो यह है कि अभी तक वह उपकरणों से सही तरीके से परिचित नहीं हुए। ऐसे में प्रयोगात्मक परीक्षा में क्या कर दिखाएंगे। इसके बारे में बताने की जरूरत नहीं है। इस बारे में बुधवार को शहर के जीआईसी व जीजीआईसी के शिक्षक व विद्यार्थियों से बात की गई तो नाम न छापने की शर्त पर कुछ ऐसी ही हकीकत बयां की।
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कोरोना काल के बाद स्कूल खुलने पर जितना समय मिला उसमें प्रैक्टिकल कराए गए हैं। विद्यार्थी पूरी तरह से तैयार हैं। एग्जामनरों की सूची मिल गई है। उनसे बात कर तिथि तय की जा रही है। एक-दो दिन बाद प्रैक्टिकल शुरू हो जाएंगे।
-राजेश कुमार वर्मा,डीआईओएस