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बायोगैस प्लांट से बनेगी बिजली
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Mon, 09 May 2016 11:26 PM IST
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निबलेट फार्म के बायोगैस बिजली प्लांट से बहुत जल्द बिजली उत्पादन शुरू हो जाएगा। 16 अप्रैल को शुरू किए गए प्लांट के बैलून में करीब 60 फीसदी गैस भरी जा चुकी है। गैस से बैलून के पूरा भरते ही गैस से जनरेटर आपरेट कर दिए जाएंगे और प्रतिदिन करीब 800 यूनिट बिजली उत्पादन शुरु हो जाएगा।
निबलेट फार्म में बायोगैस से बिजली उत्पादन की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी है। फार्म परिसर में 90 लाख रुपये की लागत से बना बायोगैस प्लांट में गोबर ट्रांसप्लान का काम गत सात अप्रैल से किया जा रहा है।
इसके बाद 16 अप्रैल से गैस बनना प्रारंभ हो गई। बायोगैस टैंक में प्रतिदिन 1500 से 2000 किलोग्राम गोबर मिश्रण टैंक से मोटर द्वारा डाला जाता है। प्लांट से निकलने वाली गैस का एक बड़े वैलून में भंडारण किया जा रहा है।
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इस तरह 23 दिन में 60 प्रतिशत गैस भरी जा चुकी है। गैस से वैलून के फुल होने पर उससे जनरेटर आपरेट किए जाएंगे। वैलून की गैस से जनरेटर चलता रहेगा और प्लांट से गैस आती रहेगी। इस प्रक्रिया से जनरेटर बिना रुके निरंतर एक गति से चलता रहेगा। जनरेटर से प्रतिदिन करीब 800 यूनिट बिजली का उत्पादन होगा जो परिसर में सप्लाई की जाएगी।
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निबलेट फार्म में बायोगैस से बिजली उत्पादन की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी है। फार्म परिसर में 90 लाख रुपये की लागत से बना बायोगैस प्लांट में गोबर ट्रांसप्लान का काम गत सात अप्रैल से किया जा रहा है।
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इसके बाद 16 अप्रैल से गैस बनना प्रारंभ हो गई। बायोगैस टैंक में प्रतिदिन 1500 से 2000 किलोग्राम गोबर मिश्रण टैंक से मोटर द्वारा डाला जाता है। प्लांट से निकलने वाली गैस का एक बड़े वैलून में भंडारण किया जा रहा है।
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इस तरह 23 दिन में 60 प्रतिशत गैस भरी जा चुकी है। गैस से वैलून के फुल होने पर उससे जनरेटर आपरेट किए जाएंगे। वैलून की गैस से जनरेटर चलता रहेगा और प्लांट से गैस आती रहेगी। इस प्रक्रिया से जनरेटर बिना रुके निरंतर एक गति से चलता रहेगा। जनरेटर से प्रतिदिन करीब 800 यूनिट बिजली का उत्पादन होगा जो परिसर में सप्लाई की जाएगी।