{"_id":"62547b6cbc96055983564709","slug":"power-cut-barabanki-news-lko625698293","type":"story","status":"publish","title_hn":"भीषण गर्मी के बीच रात में चार घंटे गुल रही बिजली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भीषण गर्मी के बीच रात में चार घंटे गुल रही बिजली
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाराबंकी। भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती ने पूरी रात शहर व आसपास के गांवों को बेहाल रखा। रातभर बिजली आती जाती रही। उसका इंतजार करने के बाद कई मोहल्लों के लोग छतों व सड़क पर टहलते नजर आए। लोग बिजली उपकेंद्रों व अधिकारियों के सीयूजी नम्बर मिलाते रहे। सबसे अधिक परेशानी रोजेदारों को हुई। इस दौरान एक जगह पर ट्रॉली-ट्रांसफार्मर के सहारे बिजली आपूर्ति शुरू की गई जबकि एक स्थान पर ट्रांसफार्मर दुरुस्त किया गया।
गर्मी शुुरू होते ही बिजली की मांग बढ़ गई है। पंखों के साथ कूलर व एसी का प्रयोग भी बढ़ गया है। ऐसे में ट्रांसफार्मरों पर लोड बढ़ गया है। रविवार की रात नौ बजे के बाद शहर के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई। अभयनगर, कमरियाबाग, हड्डीगंज आदि मोहल्लों में बिजली चंद मिनटों के लिए आती और फिल गुल हो जाती। इस समय गर्मी के साथ मच्छरों का प्रकोप तेज है। पंखे चलने से मच्छरों से कुछ निजात मिलती है लेकिन बार-बार बिजली कटने से परेशान लोग छतों पर पहुंच गए।
अभयनगर में रात करीब दो बजे लोग बिजली के इंतजार में सड़कों पर इधर-उधर टहलते और बातचीत करते दिखे। रात में ही पता चला कि अभयनगर के निकट ट्रांसफार्मर में फाल्ट आने से वह लोड नहीं ले पा रहा था। लोगों के फोन ज्यादा जाने शुरू हुए तो रात में ही पावर कॉर्पोरेशन के कर्मचारियों ने ट्रॉली-ट्रांसफार्मर मंगवाया और फिर करीब ढाई बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।
विज्ञापन
रात में ही बड़ेल के पास रखे बड़े ट्रांसफार्मर में खराबी आने के बाद तीरगांव, हरख, डल्लूखेड़ा समेत आधा दर्जन गांवों में बिजली चार घंटे गुल रही। घंटों की मेहनत के बाद ट्रांसफार्मर ठीक किया गया तो आपूर्ति शुरू हुई। अधिशासी अभियंता आरके मिश्र ने बताया कि जहां खराबी थी वहां तत्काल कर्मचारियों को भेजकर बिजली आपूर्ति शुरू कराई गई।
वार्ड व ओपीडी में शोपीस बने पंखे
तापमान 40 डिग्री पहुंचने के बाद भी जिला अस्पताल की ओपीडी व वार्ड दोनों में पंखे ठप मिले। इससे मरीजों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। सोमवार को ओपीडी में लगे पंखे बंद मिले। जबकि डॉक्टर कक्ष व कार्यालयों में पंखे चल रहे थे। कुछ ऐसी ही स्थिति वार्ड में भी थी।
मरीजों ने बताया कि पंखे कभीकभार चल जाएं यही बहुत है। तीमारदारों का कहना था कि अधिकतर पंखे ऐसे हैं जो चलने के बाद भी हवा नहीं देते। ये हालात तब थे जब अभी तीन दिन पहले ही संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य एसके श्रीवास्तव ने जिला अस्पताल का निरीक्षण करते समय ओपीडी में पंखों को लेकर फटकार लगाई थी।
चिलचिलाती धूप और गर्मी से परेशान दिखे लोग
अप्रैल के दूसरे सप्ताह में तापमान 40 डिग्री पार करने को बेताब है। जिले में 20 डिग्री के आसपास रहने वाला न्यूनतम तापमान भी सोमवार को 24 डिग्री तक आ पहुंचा। पूरा दिन आसमान से मानो आग बरसती रही। घर के बाहर निकले लोगों ने धूप से बचने के लिए छाता, गमछा व स्कार्फ का सहारा लिया। गर्मी का प्रकोप बढ़ने के साथ ही धूप भी बहुत तल्ख हो रही है। पिछले दो दिन से जिले में लू का प्रकोप भी शुरू हो गया है।
दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक का मौसम हीट वेव जैसा हो रहा है। मौसम के तीखे तेवर का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। जिला अस्पताल में सोमवार को उल्टी-दस्त व पेटदर्द के करीब दो दर्जन मरीज ओपीडी के साथ इमरजेंसी में भी पहुंचे। सीएमएस डॉ. ब्रजेश कुमार ने बताया कि गर्मी को देखते हुए अस्पताल में ओआरएस व अन्य दवाईयों की उपलब्धता प्रचुर मात्रा में हैं।
विज्ञापन
गर्मी शुुरू होते ही बिजली की मांग बढ़ गई है। पंखों के साथ कूलर व एसी का प्रयोग भी बढ़ गया है। ऐसे में ट्रांसफार्मरों पर लोड बढ़ गया है। रविवार की रात नौ बजे के बाद शहर के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई। अभयनगर, कमरियाबाग, हड्डीगंज आदि मोहल्लों में बिजली चंद मिनटों के लिए आती और फिल गुल हो जाती। इस समय गर्मी के साथ मच्छरों का प्रकोप तेज है। पंखे चलने से मच्छरों से कुछ निजात मिलती है लेकिन बार-बार बिजली कटने से परेशान लोग छतों पर पहुंच गए।
विज्ञापन
अभयनगर में रात करीब दो बजे लोग बिजली के इंतजार में सड़कों पर इधर-उधर टहलते और बातचीत करते दिखे। रात में ही पता चला कि अभयनगर के निकट ट्रांसफार्मर में फाल्ट आने से वह लोड नहीं ले पा रहा था। लोगों के फोन ज्यादा जाने शुरू हुए तो रात में ही पावर कॉर्पोरेशन के कर्मचारियों ने ट्रॉली-ट्रांसफार्मर मंगवाया और फिर करीब ढाई बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।
विज्ञापन
रात में ही बड़ेल के पास रखे बड़े ट्रांसफार्मर में खराबी आने के बाद तीरगांव, हरख, डल्लूखेड़ा समेत आधा दर्जन गांवों में बिजली चार घंटे गुल रही। घंटों की मेहनत के बाद ट्रांसफार्मर ठीक किया गया तो आपूर्ति शुरू हुई। अधिशासी अभियंता आरके मिश्र ने बताया कि जहां खराबी थी वहां तत्काल कर्मचारियों को भेजकर बिजली आपूर्ति शुरू कराई गई।
वार्ड व ओपीडी में शोपीस बने पंखे
तापमान 40 डिग्री पहुंचने के बाद भी जिला अस्पताल की ओपीडी व वार्ड दोनों में पंखे ठप मिले। इससे मरीजों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। सोमवार को ओपीडी में लगे पंखे बंद मिले। जबकि डॉक्टर कक्ष व कार्यालयों में पंखे चल रहे थे। कुछ ऐसी ही स्थिति वार्ड में भी थी।
मरीजों ने बताया कि पंखे कभीकभार चल जाएं यही बहुत है। तीमारदारों का कहना था कि अधिकतर पंखे ऐसे हैं जो चलने के बाद भी हवा नहीं देते। ये हालात तब थे जब अभी तीन दिन पहले ही संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य एसके श्रीवास्तव ने जिला अस्पताल का निरीक्षण करते समय ओपीडी में पंखों को लेकर फटकार लगाई थी।
चिलचिलाती धूप और गर्मी से परेशान दिखे लोग
अप्रैल के दूसरे सप्ताह में तापमान 40 डिग्री पार करने को बेताब है। जिले में 20 डिग्री के आसपास रहने वाला न्यूनतम तापमान भी सोमवार को 24 डिग्री तक आ पहुंचा। पूरा दिन आसमान से मानो आग बरसती रही। घर के बाहर निकले लोगों ने धूप से बचने के लिए छाता, गमछा व स्कार्फ का सहारा लिया। गर्मी का प्रकोप बढ़ने के साथ ही धूप भी बहुत तल्ख हो रही है। पिछले दो दिन से जिले में लू का प्रकोप भी शुरू हो गया है।
दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक का मौसम हीट वेव जैसा हो रहा है। मौसम के तीखे तेवर का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। जिला अस्पताल में सोमवार को उल्टी-दस्त व पेटदर्द के करीब दो दर्जन मरीज ओपीडी के साथ इमरजेंसी में भी पहुंचे। सीएमएस डॉ. ब्रजेश कुमार ने बताया कि गर्मी को देखते हुए अस्पताल में ओआरएस व अन्य दवाईयों की उपलब्धता प्रचुर मात्रा में हैं।