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रामसनेहीघाट मामले में सियासी घमासान तेज

Thu, 20 May 2021 11:46 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 20 May 2021 11:46 PM IST
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politics
बाराबंकी। रामसनेहीघाट तहसील परिसर से अवैध निर्माण ढहाए जाने के मामले में सियासी घमासान और तेज हो गया। भाजपा सांसद और विधायक ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जहां कार्रवाई को सही करार दिया है। वहीं कांग्रेस और सपा इसे अनुचित बताते हुए उच्च न्यायालय के सिटिंग जज से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उधर, रामसनेहीघाट जा रहे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष को बृहस्पतिवार को पुलिस ने अयोध्या हाईवे पर चौपुला के पास रोक लिया। इसके बाद उन्हें राजधानी की सीमा पर ले जाकर छोड़ा तो वह सीधे लखनऊ वापस चले गए।
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भाजपा सांसद उपेंद्र सिंह रावत, विधायक सतीश शर्मा और साकेंद्र वर्मा ने सीएम और डीएम को पत्र लिखकर कार्रवाई का समर्थन करते हुए सही बताया है। वहीं वृहस्पतिवार को रामसनेहीघाट जा रहे अयोध्या हाईवे पर चौपुला के पास रोके गए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि भाजपा सरकार पूरी तरह से निरंकुश हो गई है। तहसील परिसर में बने सौ साल पुुराने निर्माण को ढहाकर सरकार ने साबित कर दिया है कि उसका कानून और अदालत पर कोई विश्वास नहीं है।
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ऐसे में दोषी अधिकारियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए और सम्पूर्ण प्रकरण की जांच उच्च न्यायालय के सिटिंग जज से कराई जाए। जिससे प्रदेश में भाईचारा कायम रह सके। इसके बाद पुलिस ने कांग्रेस अध्यक्ष को राजधानी की सीमा पर ले जाकर छोड़ दिया जहां से वह लखनऊ वापस लौट गए। इस मौके पर पूर्व राज्यसभा सदस्य छत्तीसगढ़ प्रभारी डॉ. पीएल पुनिया, पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, तनुज पुनिया, जिलाध्यक्ष मो. मोहसिन, पूर्व विधायक राजलक्ष्मी वर्मा आदि मौजूद रहे।
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उधर, सपा प्रतिनिधि मंडल ने पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह गोप के नेतृत्व में राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह को सौंपा है। इसमें लिखा गया है कि रामसनेहीघाट तहसील में स्थित सौ साल पुराने निर्माण को एसडीएम ने असंवैधानिक तरीके से गिराने का कार्य किया है। मांग की इस मामले में एसडीएम समेत सहयोगी अधिकारियों को निलंबित कर केस दर्ज किया जाए और पूरे मामले की जांच उच्च न्यायालय के जज से कराई जाए। इस मौके पर पूर्व सांसद रामसागर रावत, एमएलसी राजेश यादव राजू, विधायक धर्मराज उर्फ सुरेश यादव, जिलाध्यक्ष हाफिज अयाज, अदनान चौधरी आदि मौजूद रहे।
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