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चुनावी घमासान में तीन सीटों पर रहेगी सबकी नजर
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बाराबंकी। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिले की छह सीटों पर सभी प्रमुख दलों ने अपने-अपने उम्मीदवारों को चुनावी समर में उतार दिया है।। इनमें से तीन ऐसी सीटें हैं जहां दिग्गज नेताओं के मैदान में उतरने के कारण मुकाबला दिलचस्प ही नहीं होगा बल्कि कई नेताओं का भविष्य भी तय करने वाला होगा।
सपा के तीन पूर्व मंत्री और भाजपा के वर्तमान तीन विधायक आमने-सामने चुनाव मैदान में होने से कुर्सी, रामनगर और दरियाबाद चुनावी नजरिए से वीआईपी सीटों में गिनी जाने लगी हैं। इनके समर्थक क्षेत्र में डेरा डाल चुके हैं। क्षेत्र बदलने के कारण तीनों पूर्व मंत्री ने क्षेत्रों में लोगों से मेलमिलाप तेज किया है। तो पांच साल तक किए गए कार्यों के सहारे अपनों को साधने और मनाने के दौर में विधायक भी कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
जिले में समाजवादी पार्टी अपने तीन पूर्व मंत्रियों को क्षेत्र बदलकर कुर्सी से राकेश वर्मा, रामनगर से फरीद महफूज किदवाई और दरियाबाद से अरविंद कुमार सिंह गोप को चुनाव मैदान में उतारा है। इनके मुकाबले में भाजपा ने कुर्सी से साकेंद्र प्रताप वर्मा, रामनगर से शरद कुमार अवस्थी और दरियाबाद से सतीश चंद्र शर्मा वर्तमान विधायकों पर ही दांव लगाया है।
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इसलिए यह तीनों सीटें वीआईपी श्रेणी में आ गई हैं। दिग्गजों के आमने-सामने चुनाव मैदान में आने से वीआईपी श्रेणी में शुमार होने वाली इन सीटों पर मुकाबला भी काफी दिलचस्प होने के आसार हैं। नामांकन के बाद सभी प्रत्याशी अपने-अपने समर्थकों के साथ जीत के लिए मतदाताओं के बीच जुट गए हैं।
कुर्सी विधानसभा क्षेत्र में स्व. बेनी प्रसाद वर्मा के पुत्र राकेश वर्मा के मुकाबले संघ पृष्ठभूमि वाले भाजपा विधायक साकेंद्र प्रताप वर्मा के अलावा बसपा से मीता गौतम भी सशक्त उम्मीदवार मानी जा रही हैं। यह पहला चुुनाव है जब राकेश केे चुनाव में बेनी बाबू नहीं होंगे। उनकी विरासत को लेकर पूरा परिवार और समर्थक पूरी ताकत से जुटे हैं।
यहां परिणाम पर उनका राजनीतिक भविष्य तय होगा। इसी तरह रामनगर में पूर्व मंत्री फरीद महफूज किदवाई का मुकाबला वर्तमान भाजपा विधायक शरद कुमार अवस्थी से है। यहां बसपा के रामकिशोर ने अपनी उम्मीदवारी पेश की है। फरीद पहले यहां से विधायक रह चुके हैं। उन्हें गोप और राकेश की जंग में रामनगर से टिकट दिया गया है। शरद के सामने जहां यहां मिथक तोड़नेे की चुनौती होगी तो फरीद को भी अपनी राजनीतिक खोई ताकत को वापस लाने के लिए कड़ी मसक्कत करनी होगी।
दरियाबाद में भी मुकाबला कम दिलचस्प नहीं होगा। यहां पर सपा के दिग्गज पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद कुमार सिंह गोप चुनाव मैदान में उतरे हैं। उनका मुकाबला भाजपा के युवा नेता विधायक सतीश चंद्र शर्मा से होगा। यहां टिकट कटने से राजीव कुमार सिंह हड़हा के पुत्र रितेश कुमार सिंह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में दावा पेश किया है।
नामांकन करने के बाद वीआईपी सीटों में शुमार इन तीनों क्षेत्रों में मुकाबला रोचक होगा। क्योंकि वर्तमान विधायकों के सामने जहां दोबारा विधानसभा पहुंचने पर उनका कद राजनीति में एक स्थापित नेता के रूप में बन जाएगा। वहीं तीनों पूर्व मंत्रियों के सामने खोई हुई राजनीतिक ताकत या यूं कहा जाए कि यहां का परिणाम उनका राजनीतिक भविष्य तय करेगा।
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सपा के तीन पूर्व मंत्री और भाजपा के वर्तमान तीन विधायक आमने-सामने चुनाव मैदान में होने से कुर्सी, रामनगर और दरियाबाद चुनावी नजरिए से वीआईपी सीटों में गिनी जाने लगी हैं। इनके समर्थक क्षेत्र में डेरा डाल चुके हैं। क्षेत्र बदलने के कारण तीनों पूर्व मंत्री ने क्षेत्रों में लोगों से मेलमिलाप तेज किया है। तो पांच साल तक किए गए कार्यों के सहारे अपनों को साधने और मनाने के दौर में विधायक भी कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
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जिले में समाजवादी पार्टी अपने तीन पूर्व मंत्रियों को क्षेत्र बदलकर कुर्सी से राकेश वर्मा, रामनगर से फरीद महफूज किदवाई और दरियाबाद से अरविंद कुमार सिंह गोप को चुनाव मैदान में उतारा है। इनके मुकाबले में भाजपा ने कुर्सी से साकेंद्र प्रताप वर्मा, रामनगर से शरद कुमार अवस्थी और दरियाबाद से सतीश चंद्र शर्मा वर्तमान विधायकों पर ही दांव लगाया है।
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इसलिए यह तीनों सीटें वीआईपी श्रेणी में आ गई हैं। दिग्गजों के आमने-सामने चुनाव मैदान में आने से वीआईपी श्रेणी में शुमार होने वाली इन सीटों पर मुकाबला भी काफी दिलचस्प होने के आसार हैं। नामांकन के बाद सभी प्रत्याशी अपने-अपने समर्थकों के साथ जीत के लिए मतदाताओं के बीच जुट गए हैं।
कुर्सी विधानसभा क्षेत्र में स्व. बेनी प्रसाद वर्मा के पुत्र राकेश वर्मा के मुकाबले संघ पृष्ठभूमि वाले भाजपा विधायक साकेंद्र प्रताप वर्मा के अलावा बसपा से मीता गौतम भी सशक्त उम्मीदवार मानी जा रही हैं। यह पहला चुुनाव है जब राकेश केे चुनाव में बेनी बाबू नहीं होंगे। उनकी विरासत को लेकर पूरा परिवार और समर्थक पूरी ताकत से जुटे हैं।
यहां परिणाम पर उनका राजनीतिक भविष्य तय होगा। इसी तरह रामनगर में पूर्व मंत्री फरीद महफूज किदवाई का मुकाबला वर्तमान भाजपा विधायक शरद कुमार अवस्थी से है। यहां बसपा के रामकिशोर ने अपनी उम्मीदवारी पेश की है। फरीद पहले यहां से विधायक रह चुके हैं। उन्हें गोप और राकेश की जंग में रामनगर से टिकट दिया गया है। शरद के सामने जहां यहां मिथक तोड़नेे की चुनौती होगी तो फरीद को भी अपनी राजनीतिक खोई ताकत को वापस लाने के लिए कड़ी मसक्कत करनी होगी।
दरियाबाद में भी मुकाबला कम दिलचस्प नहीं होगा। यहां पर सपा के दिग्गज पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद कुमार सिंह गोप चुनाव मैदान में उतरे हैं। उनका मुकाबला भाजपा के युवा नेता विधायक सतीश चंद्र शर्मा से होगा। यहां टिकट कटने से राजीव कुमार सिंह हड़हा के पुत्र रितेश कुमार सिंह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में दावा पेश किया है।
नामांकन करने के बाद वीआईपी सीटों में शुमार इन तीनों क्षेत्रों में मुकाबला रोचक होगा। क्योंकि वर्तमान विधायकों के सामने जहां दोबारा विधानसभा पहुंचने पर उनका कद राजनीति में एक स्थापित नेता के रूप में बन जाएगा। वहीं तीनों पूर्व मंत्रियों के सामने खोई हुई राजनीतिक ताकत या यूं कहा जाए कि यहां का परिणाम उनका राजनीतिक भविष्य तय करेगा।