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नहीं मिली तीसरी किस्त अधूरे पड़े पांच सौ पीएम आवास
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बाराबंकी। पीएम नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) को ग्रहण लगता नजर आ रहा है। प्रधानमंत्री भले ही आजादी का अमृत महोत्सव मना प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को चाभी सौंप रहे हों। लेकिन शासन में बैठे अधिकारियों की लापरवाही के चलते जिले के करीब पांच सौ लाभार्थी ऐसे हैं जिन्हें प्रधानमंत्री आवास (शहरी) की तीसरी किस्त नहीं मिल पा रही है। जिसकी वजह से इन आवासों के निर्माण का कार्य ठप हो गया है। लाभार्थी तीसरी किस्त पाने के लिए विभाग के चक्कर काट रहे हैं जबकि विभागीय अधिकारी पैसा न होने की बात कहकर हाथ खड़े कर रहे हैं।
जिले में करीब 9100 प्रधानमंत्री आवास शहरी योजना के तहत बन रहे हैं। इनमें से अब तक 8500 आवास तीनों किस्त मिल जाने से पूर्ण हो चुके हैं। लेकिन 500 आवास ऐसे हैं जिनके लाभार्थियों की सभी औपचारिकताएं पूरी हो जाने के बाद अभी तक तीसरी किस्त का पैसा नहीं मिला है। इसके चलते इन आवासों के निर्माण का कार्य रुक गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लाभार्थियों का कहना है कि अब तक दो किस्तों के माध्यम से जितना पैसा मिला था वह आवास के निर्माण पर लगा दिया गया।
लेकिन जियो टैगिंग समेत सभी औपचारिकताएं पूरी हो जाने के बाद भी तीसरी किस्त का पैसा अभी तक हम लोगों के खाते में नहीं पहुंच सका है। पैसा न मिलने के कारण जो आवास अब तक पूर्ण हो जाने चाहिए थे वह अभी तक अधूरे पड़े हैं। इसके लिए कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। लेकिन अभी तक समस्या का कोई हल नहीं निकल पाया है। विभागीय अधिकारी समस्या से शासन को अवगत कराने की बात कह अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।
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एक साल से लंबित पड़े हैं 19 हजार आवेदन
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के करीब 19 हजार आवेदन लंबित पड़े हैं। एक साल पहले आवास पाने के लिए जिन लोगों ने आवेदन किया था उन्हें आज तक योजना का लाभ नहीं मिल सका है। जबकि विभाग ने सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। लाभार्थियों का सत्यापन भी करा लिया गया है और पूरी अनुमोदन के लिए पूरी फाइल शासन को भेज दी गई है लेकिन शासन स्तर से अभी तक स्वीकृति न मिल पाने के कारण लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के करीब पांच सौ लाभार्थी ऐसे हैं जिन्हें तीसरी किस्त का पैसा नहीं मिल सका है। मंगलवार को हुई विभागीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में एक बार फिर इस मामले को उच्चाधिकारियों के सामने रखा गया। जिस पर अधिकारियों ने जल्द ही पैसा भेजने का आश्वासन दिया है। जैसे से शासन से पैसा मिलता है वैसे ही इसे सीधे लाभार्थियों के खाते में भेज दिया जाएगा। वहीं जिन लोगों ने आवास के लिए आवेदन किया था उसकी जांच कराकर पूरी फाइल अनुमोदन के लिए शासन को भेज दी गई है।
-सौरभ त्रिपाठी, पीओ डूडा
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जिले में करीब 9100 प्रधानमंत्री आवास शहरी योजना के तहत बन रहे हैं। इनमें से अब तक 8500 आवास तीनों किस्त मिल जाने से पूर्ण हो चुके हैं। लेकिन 500 आवास ऐसे हैं जिनके लाभार्थियों की सभी औपचारिकताएं पूरी हो जाने के बाद अभी तक तीसरी किस्त का पैसा नहीं मिला है। इसके चलते इन आवासों के निर्माण का कार्य रुक गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लाभार्थियों का कहना है कि अब तक दो किस्तों के माध्यम से जितना पैसा मिला था वह आवास के निर्माण पर लगा दिया गया।
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लेकिन जियो टैगिंग समेत सभी औपचारिकताएं पूरी हो जाने के बाद भी तीसरी किस्त का पैसा अभी तक हम लोगों के खाते में नहीं पहुंच सका है। पैसा न मिलने के कारण जो आवास अब तक पूर्ण हो जाने चाहिए थे वह अभी तक अधूरे पड़े हैं। इसके लिए कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। लेकिन अभी तक समस्या का कोई हल नहीं निकल पाया है। विभागीय अधिकारी समस्या से शासन को अवगत कराने की बात कह अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।
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एक साल से लंबित पड़े हैं 19 हजार आवेदन
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के करीब 19 हजार आवेदन लंबित पड़े हैं। एक साल पहले आवास पाने के लिए जिन लोगों ने आवेदन किया था उन्हें आज तक योजना का लाभ नहीं मिल सका है। जबकि विभाग ने सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। लाभार्थियों का सत्यापन भी करा लिया गया है और पूरी अनुमोदन के लिए पूरी फाइल शासन को भेज दी गई है लेकिन शासन स्तर से अभी तक स्वीकृति न मिल पाने के कारण लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के करीब पांच सौ लाभार्थी ऐसे हैं जिन्हें तीसरी किस्त का पैसा नहीं मिल सका है। मंगलवार को हुई विभागीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में एक बार फिर इस मामले को उच्चाधिकारियों के सामने रखा गया। जिस पर अधिकारियों ने जल्द ही पैसा भेजने का आश्वासन दिया है। जैसे से शासन से पैसा मिलता है वैसे ही इसे सीधे लाभार्थियों के खाते में भेज दिया जाएगा। वहीं जिन लोगों ने आवास के लिए आवेदन किया था उसकी जांच कराकर पूरी फाइल अनुमोदन के लिए शासन को भेज दी गई है।
-सौरभ त्रिपाठी, पीओ डूडा