{"_id":"6a666d0edbffbbbe700d4e23","slug":"plaintiff-victim-and-witnesses-turn-hostile-in-rape-case-accused-acquitted-barabanki-news-c-315-1-brp1006-175329-2026-07-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: दुष्कर्म के मामले में वादी, पीड़िता व गवाह पलटे, आरोपी बरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: दुष्कर्म के मामले में वादी, पीड़िता व गवाह पलटे, आरोपी बरी
Mon, 27 Jul 2026 01:54 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Mon, 27 Jul 2026 01:54 AM IST
विज्ञापन
बाराबंकी। दुष्कर्म के मामले में अदालत ने आरोपी सुभाष को दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में यह फैसला सुनाया। अभियोजन के अनुसार असंद्रा थाना क्षेत्र के एक गांव की एक महिला ने 16 मई 2019 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि गांव में रिश्तेदारी में आने वाला सुभाष रात करीब साढ़े 12 बजे उसकी 18 वर्षीय बेटी को अपने साथ ले गया। पुलिस ने विवेचना के बाद दुष्कर्म की धारा बढ़ाकर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान रिपोर्ट दर्ज कराने वाली महिला अपने बयान से पलट गई। उसने अदालत में कहा कि सुभाष उनके गांव आता-जाता था। थाने में दी गई तहरीर और रिपोर्ट के बारे में उसने कहा कि उसे नहीं पता कि उसमें क्या लिखा गया था।
महिला के अनुसार गांव के प्रधान उसे थाने ले गए थे और उसने एक कागज पर केवल अंगूठा लगाया था। उसे रिपोर्ट पढ़कर नहीं सुनाई गई थी। वहीं, पीड़िता ने अदालत में बताया कि वह माता-पिता की फटकार से नाराज होकर अपनी रिश्तेदारी में चली गई थी। उसने यह भी कहा कि पुलिस को दिए गए बयान में उसने ऐसी कोई बात नहीं कही थी, बल्कि महिला कांस्टेबल ने उसके बयान में दूसरी बातें लिख दी थीं। गवाहों के बयान से मुकरने और अभियोजन की ओर से आरोप साबित न कर पाने पर अपर सत्र न्यायाधीश असद अहमद हाशमी ने आरोपी सुभाष को दोषमुक्त करार दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुकदमे की सुनवाई के दौरान रिपोर्ट दर्ज कराने वाली महिला अपने बयान से पलट गई। उसने अदालत में कहा कि सुभाष उनके गांव आता-जाता था। थाने में दी गई तहरीर और रिपोर्ट के बारे में उसने कहा कि उसे नहीं पता कि उसमें क्या लिखा गया था।
विज्ञापन
महिला के अनुसार गांव के प्रधान उसे थाने ले गए थे और उसने एक कागज पर केवल अंगूठा लगाया था। उसे रिपोर्ट पढ़कर नहीं सुनाई गई थी। वहीं, पीड़िता ने अदालत में बताया कि वह माता-पिता की फटकार से नाराज होकर अपनी रिश्तेदारी में चली गई थी। उसने यह भी कहा कि पुलिस को दिए गए बयान में उसने ऐसी कोई बात नहीं कही थी, बल्कि महिला कांस्टेबल ने उसके बयान में दूसरी बातें लिख दी थीं। गवाहों के बयान से मुकरने और अभियोजन की ओर से आरोप साबित न कर पाने पर अपर सत्र न्यायाधीश असद अहमद हाशमी ने आरोपी सुभाष को दोषमुक्त करार दिया।
विज्ञापन