{"_id":"4c8b5c0d0b11f2948d39b143fa738d2b","slug":"pds-wheat-sold-in-the-market-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाजार में बेच दिया पीडीएस का गेहूं ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाजार में बेच दिया पीडीएस का गेहूं
बाराबंकी/अमर उजाला
Updated Sun, 20 Sep 2015 11:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस जानकारी पर अपर जिलाधिकारी ने जांच के आदेश देने के साथ डीएसओ से जवाब तलब किया है।
नगर पालिका परिषद नवाबगंज के कोटेदारों को एपीएल कार्डधारकों में वितरण के लिए अगस्त माह में 4460 क्विंटल, नगर पंचायत फतेहपुर को 954 क्विंटल, देवा को 456, सिद्घौर को 554, रामनगर को 394, हैदरगढ़ को 1012, दरियाबाद को 684, टिकैतनगर को 256 और सतरिख नगर पंचायत को 1178 क्विंटल गेहूं दिया गया।
विपणन विभाग का कहना है कि करीब दस हजार क्विंटल गेहूं का उठान कोटेदारों ने अगस्त माह में ब्लॉकों के गोदामों से किया। इसका वितरण सितंबर में किया जाना था लेकिन किसी भी नगर पंचायत के एपीएल कार्डधारकों में वितरित नहीं किया गया।
विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से कोटेदारों ने इस गेहूं को खुलेबाजार में बेच दिया। एपीएल कार्डधारक राकेश, पप्पू, विनोद, राबिया बेगम, महादेव प्रसाद, केशव आदि का आरोप है कि कोटेदारों ने उन्हें गेहूं नहीं दिया। उस गेहूं को खुलेबाजार में बेच दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर पालिका परिषद नवाबगंज के कोटेदारों को एपीएल कार्डधारकों में वितरण के लिए अगस्त माह में 4460 क्विंटल, नगर पंचायत फतेहपुर को 954 क्विंटल, देवा को 456, सिद्घौर को 554, रामनगर को 394, हैदरगढ़ को 1012, दरियाबाद को 684, टिकैतनगर को 256 और सतरिख नगर पंचायत को 1178 क्विंटल गेहूं दिया गया।
विपणन विभाग का कहना है कि करीब दस हजार क्विंटल गेहूं का उठान कोटेदारों ने अगस्त माह में ब्लॉकों के गोदामों से किया। इसका वितरण सितंबर में किया जाना था लेकिन किसी भी नगर पंचायत के एपीएल कार्डधारकों में वितरित नहीं किया गया।
विज्ञापन
विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से कोटेदारों ने इस गेहूं को खुलेबाजार में बेच दिया। एपीएल कार्डधारक राकेश, पप्पू, विनोद, राबिया बेगम, महादेव प्रसाद, केशव आदि का आरोप है कि कोटेदारों ने उन्हें गेहूं नहीं दिया। उस गेहूं को खुलेबाजार में बेच दिया है।
विज्ञापन