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बाराबंकी : दिग्गजों का नहीं काम आया कोई पैतरा, धुरंधरों को दिखाया आइना
Thu, 06 May 2021 12:48 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाराबंकी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाराबंकी
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 06 May 2021 12:48 AM IST
सार
पंचायत चुनाव में इस बार कई राजनीतिक धुरंधरों को आइना दिखा दिया। कई वर्षों से गांव और क्षेत्र की राजनीति से जुड़े राजनीतिक दिग्गजों का कोई भी पैंतरा काम नहीं आया तो कई गांव के सक्रिय राजनीति करने वाले लोग अपनी सत्ता कायम रखने में सफल रहे।
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यूपी पंचायत चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सिद्धौर (बाराबंकी)। पंचायत चुनाव में इस बार कई राजनीतिक धुरंधरों को आइना दिखा दिया। कई वर्षों से गांव और क्षेत्र की राजनीति से जुड़े राजनीतिक दिग्गजों का कोई भी पैंतरा काम नहीं आया तो कई गांव के सक्रिय राजनीति करने वाले लोग अपनी सत्ता कायम रखने में सफल रहे।
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सिद्धौर ब्लॉक की ग्राम पंचायत दीन पनाह में प्रधान पद के प्रत्याशी सत्यनाम सिंह काफी दिनों से बीमार चल रहे हैं उनका इलाज आस्था नर्सिंगहोम में किया जा रहा है। वह चुनाव प्रचार तक नहीं कर पाए फिर भी लगातार दूसरी बार गांव की सत्ता पर अपना परचम लहराया है। इसके अलावा सिद्धौर ब्लॉक की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत कोठी में भले ही ग्राम प्रधान माहेजबी को मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक पुरस्कार मिला हो लेकिन गांव में विकास कार्यों की हकीकत क्या थी, जिसका आइना इस बार कोठी ग्राम पंचायत की जनता ने प्रधान को दिखा दिया।
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इस ग्राम पंचायत में ब्लॉक प्रमुख सिद्धौर रमेशचंद्र वर्मा की पत्नी शिव नंदिनी को गांव की सत्ता की बागडोर सौंपी है। ग्राम पंचायत पूरबबेलाव में भाजपा के कद्दावर नेता भगवंत लाल रावत ने अपनी पत्नी को चुनाव मैदान में उतारा था। वह स्वयं तो चुनाव हार ही गए लेकिन अपनी पत्नी को भी चुनाव नहीं जीता सके। अजोवा गांव के राजनीति में धुरंधर माने जाने वाले श्रीगणेश की पत्नी राधा वर्मा पिछली पंचवर्षीय में गांव की प्रधान थी और इस बार उनके पति श्रीगणेश ने गांव की सत्ता संभाली।
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इसके अलावा सराय बेलहरी ग्राम पंचायत में दो पंचवर्षीय से लगातार प्रधान रहे राम सागर रावत का इस बार भी गांव की सत्ता पर दबदबा बरकरार रहा। उन्होंने अपनी बहू संतोष कुमारी को जीत दिलाकर गांव की सरकार चलाने की कमान दिलाई। ग्राम पंचायत बुधनई में एक परिवार का लगातार गांव की सत्ता तीन पंचवर्षीय से संभाल रखी थी। इस बार आरक्षण के खेल से गांव की सत्ता से बाहर हो गए थे।
इस गांव में युवा महिला पूनम रावत ने गांव की कमान संभाली। बीबीपुर ग्राम पंचायत में फूलमती ने लगातार दूसरी बार गांव की जनता ने गांव की सरपंच चुना है। इसके अलावा जिला पंचायत सदस्य के पदों पर एक सीट को छोड़कर बाकी किसी सीट पर किसी भी राजनीतिक पार्टी ने कब्जा नहीं जमा पाया।