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Barabanki News: सजने लगी पद्मश्री केडी सिंह बाबू की हवेली
Mon, 09 Mar 2026 01:36 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Mon, 09 Mar 2026 01:36 AM IST
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बाराबंकी। हॉकी के बेहतरीन खिलाड़ी रहे पद्मश्री केडी सिंह बाबू की पुश्तैनी हवेली अब एक नए कलेवर में सजने लगी है। यह ऐतिहासिक इमारत, जो कभी हॉकी के इस दिग्गज खिलाड़ी की कर्मभूमि रही, अब एक स्मारक और संग्रहालय के रूप में विकसित की जा रही है, जिसका उद्देश्य युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करना और खेल की विरासत को संजोए रखना है। यह वही पुश्तैनी कोठी है जो परिषदीय विद्यालयों में कक्षा पांच में पढ़ाई जाने वाली हिंदी की पुस्तक का हिस्सा है। इस पुस्तक में हॉकी नामक पाठ के रूप में केडी सिंह बाबू का संस्मरण है, जिसमें उन्होंने हॉकी खेल में मिली सफलता और अपनी कोठी के प्रति लगाव की कहानी लिखी है। बीते वर्ष, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस ऐतिहासिक कोठी को नीलामी के खतरे से बचाते हुए संस्कृति विभाग को सौंप दिया था। अब पांच करोड़ रुपये की लागत से इस कोठी का कायाकल्प किया जा रहा है। इसे एक भव्य स्मारक और संग्रहालय के रूप में स्थापित किया जाएगा। नीलामी से बचाकर इसे सरकार के पक्ष में केडी सिंह बाबू के परिजनों से बैनामा कराने में तत्कालीन डीएम सत्येंद्र कुमार ने अहम भूमिका निभाई थी। उसके बाद मौजूदा डीएम शशांक त्रिपाठी इसके जीर्णोद्धार कार्य को अपनी निगरानी में करा रहे हैं। डीएम ने कई बार मौके पर जाकर कराए जा रहे कार्य को देखा। इससे काम तेजी से चल रहा है।
यह परियोजना न केवल केडी सिंह बाबू की स्मृति को जीवित रखेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए खेल के प्रति प्रेरणा का स्रोत भी बनेगी। भारतीय खेल इतिहास के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। यह सुनिश्चित करेगा कि केडी सिंह बाबू जैसे महान खिलाड़ियों की विरासत को भुलाया न जाए और उनकी उपलब्धियां भविष्य की पीढ़ियों को प्रेरित करती रहें।
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यह परियोजना न केवल केडी सिंह बाबू की स्मृति को जीवित रखेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए खेल के प्रति प्रेरणा का स्रोत भी बनेगी। भारतीय खेल इतिहास के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। यह सुनिश्चित करेगा कि केडी सिंह बाबू जैसे महान खिलाड़ियों की विरासत को भुलाया न जाए और उनकी उपलब्धियां भविष्य की पीढ़ियों को प्रेरित करती रहें।
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