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पेयजल संकट गहराया,10 हजार शहरी बेहाल
Amarujala Bureau
Updated Mon, 23 Apr 2018 10:22 PM IST
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लोगों को परेशानी
- फोटो : अमर उजाला
बढ़ती गर्मी में भी सरकारी अमला कितना लापरवाह है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शहर में टूटी पाइप लाइन, खराब पड़े हैंडपंप और सार्वजनिक प्याऊ ठप होने से पीने के पानी की किल्लत दिनों दिन बढ़ती जा रही है। करीब 75 हैंडपंपों की टोटी से पानी नहीं निकल रहा है।
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कई जगह पाइप लाइन कट जाने से जलापूर्ति ठप हो गई है। सार्वजनिक स्थलों पर लगे प्याऊ शोपीस बने हैं। ऐसे में शहरवासी पानी के लिए पूरे दिन पीने के पानी के संकट से जूझ रहे हैं। यही नहीं जिला मुख्यालय होने के कारण अस्पताल, बस अड्डा, कचेहरी के आसपास जरूरत पड़ जाए तो पानी मिलना आसान नहीं है। या यूं कहा जाए कि आप घर से बाहर निकल रहे हैं तो अपना पानी साथ में जरूर लेकर आएं।
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नगरपालिका और जल निगम इस समस्या के प्रति गंभीर नहीं दिख रहे हैं। शहर के कई मोहल्ले में पानी का संकट गहरा गया है। शहर क्षेत्र में 363 हैंडपंप लगे हैं। इनमें से करीब 75 हैंडपंप पानी नहीं दे रहे हैं। 50 ऐसे हैं जिन्हें मामूूली खराबी ठीक कर दुरुस्त किया जा सकता है। वहीं 20 हैंडपंप रिबोर योग्य बताए जाते हैं, यह आंकड़े तो नगर पालिका और जलनिगम के बीच चल रहे पत्राचार में दर्ज हैं। जलनिगम के पास हैंडपंप को दुरुस्त कराने के लिए बजट ही नहीं है।
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