{"_id":"6112c7ee8ebc3e7d1c183ea0","slug":"nine-arrrest-barabanki-news-lko590803267","type":"story","status":"publish","title_hn":"संपत्ति के लिए रिश्तेदारों ने की थी भाजपा नेता की हत्या, नौ आरोपी गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संपत्ति के लिए रिश्तेदारों ने की थी भाजपा नेता की हत्या, नौ आरोपी गिरफ्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाराबंकी। सुबेहा थाना क्षेत्र में हुई भाजपा नेता की हत्या का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। एसपी ने बताया कि मृतक के रिश्तेदारों ने उसके पड़ोसी के साथ मिलकर उसकी संपत्ति हड़पने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया था। हत्यारों ने पहले गला दबाया था। उसके बाद गले में चाकू से वार किया। पुलिस ने नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर उनको कोर्ट में पेश किया जहां से वह जेल भेजे गए हैं।
एसपी यमुना प्रसाद ने मंगलवार को पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता में बताया कि रत्नेश सिंह निवासी कुमारगंज अयोध्या ने सुबेहा थाने में अपने जीजा हरिहर सिंह निवासी ग्राम पूरे पण्डित मजरे थलवारा की हत्या का केस दर्ज कराया था।
पुलिस ने इस मामले में नौ आरोपी निर्मल सिंह उर्फ बब्लू निवासी बल्हवापुर मजरे बड़नापुर थाना हैदरगढ़ (मृतक का भांजा), हरविन्दर सिंह उर्फ डब्लू सिंह निवासी उसरा मजरे अवसिरगढ़ थाना दरियाबाद (मृतक का भांजा), शिवकुमार सिंह निवासी पूरे जबर मजरे हकामी थाना असन्द्रा (मृतक का बहनोई), रामकरन सिंह निवासी ग्राम पंडित पुरवा थाना सुबेहा (मृतक का पड़ोसी), अमित सिंह निवासी पूरेकुबेर मजरे अमरवल क्रिसिया थाना सुबेहा (रामकरन का रिश्तेदार), अजय सिंह निवासी पूरेकुबेर मजरे अमरवल क्रिसिया थाना सुबेहा (रामकरन का रिश्तेदार) व आलोक सिंह, अंकित सिंह व अतुल सिंह तीनों पुत्र रामकरन सिंह को गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन
आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि मृतक हरिहर सिंह के कोई संतान नहीं थी और उनकी पत्नी की लगभग दो माह पूर्व बीमारी से मृत्यु हो गयी थी। इनकी तीन बहनें थीं जो अपने-अपने ससुराल में रहती है। मृतक हरिहर सिंह अकेले रहते थे और अपने साले रत्नेश सिंह को वर्ष-2018 से अपने गांव पूरे पंडित मजरे थलवारा के कुटुम्ब रजिस्टर में नाम दर्ज कराया था।
क्योंकि हरिहर सिंह अपनी बहनों को सम्पत्ति नहीं देना चाहते थे। मृतक हरिहर के बहनोई शिवकुमार सिंह, उनके भांजे निर्मल सिंह उर्फ बब्लू व हरविन्दर सिंह उर्फ डब्लू सिंह ने पूरे पण्डित मजरे थलवारा निवासी रामकरन सिंह जो मुर्गी पोल्ट्री फार्म चलाते हैं, के साथ मिलकर हरिहर को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया।
चूंकि हरिहर के मरने के उपरांत उनकी बेशकीमती अचल-सम्पत्ति इनके बहनों के नाम पर हो जायेगी। इसी लालच में शिवकुमार सिंह, निर्मल सिंह उर्फ बब्लू व हरविन्दर सिंह उर्फ डब्लू सिंह ने रामकरन सिंह को हरिहर को रास्ते से हटाने के लिए हरिहर का पोल्ट्री फार्म व मकान और तीन लाख रुपये देने के लिए कहा गया तो रामकरन द्वारा यह बात अपने पुत्रों अंकित, अतुल व आलोक को बताई।
जिस पर रामकरन के लड़के अंकित, अतुल, आलोक और रामकरन के रिश्तेदार अमित व अजय ने 8 अगस्त की रात्रि में हरिहर का गला दबाकर हत्या कर दी और शव को घर के पीछे ले जाकर फेंक दिया। वह जिंदा न रह जाए इसलिए अमित और आलोक ने गले पर चाकू घोंप दिया। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त चाकू बरामद किया गया है।
विज्ञापन
एसपी यमुना प्रसाद ने मंगलवार को पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता में बताया कि रत्नेश सिंह निवासी कुमारगंज अयोध्या ने सुबेहा थाने में अपने जीजा हरिहर सिंह निवासी ग्राम पूरे पण्डित मजरे थलवारा की हत्या का केस दर्ज कराया था।
विज्ञापन
पुलिस ने इस मामले में नौ आरोपी निर्मल सिंह उर्फ बब्लू निवासी बल्हवापुर मजरे बड़नापुर थाना हैदरगढ़ (मृतक का भांजा), हरविन्दर सिंह उर्फ डब्लू सिंह निवासी उसरा मजरे अवसिरगढ़ थाना दरियाबाद (मृतक का भांजा), शिवकुमार सिंह निवासी पूरे जबर मजरे हकामी थाना असन्द्रा (मृतक का बहनोई), रामकरन सिंह निवासी ग्राम पंडित पुरवा थाना सुबेहा (मृतक का पड़ोसी), अमित सिंह निवासी पूरेकुबेर मजरे अमरवल क्रिसिया थाना सुबेहा (रामकरन का रिश्तेदार), अजय सिंह निवासी पूरेकुबेर मजरे अमरवल क्रिसिया थाना सुबेहा (रामकरन का रिश्तेदार) व आलोक सिंह, अंकित सिंह व अतुल सिंह तीनों पुत्र रामकरन सिंह को गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन
आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि मृतक हरिहर सिंह के कोई संतान नहीं थी और उनकी पत्नी की लगभग दो माह पूर्व बीमारी से मृत्यु हो गयी थी। इनकी तीन बहनें थीं जो अपने-अपने ससुराल में रहती है। मृतक हरिहर सिंह अकेले रहते थे और अपने साले रत्नेश सिंह को वर्ष-2018 से अपने गांव पूरे पंडित मजरे थलवारा के कुटुम्ब रजिस्टर में नाम दर्ज कराया था।
क्योंकि हरिहर सिंह अपनी बहनों को सम्पत्ति नहीं देना चाहते थे। मृतक हरिहर के बहनोई शिवकुमार सिंह, उनके भांजे निर्मल सिंह उर्फ बब्लू व हरविन्दर सिंह उर्फ डब्लू सिंह ने पूरे पण्डित मजरे थलवारा निवासी रामकरन सिंह जो मुर्गी पोल्ट्री फार्म चलाते हैं, के साथ मिलकर हरिहर को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया।
चूंकि हरिहर के मरने के उपरांत उनकी बेशकीमती अचल-सम्पत्ति इनके बहनों के नाम पर हो जायेगी। इसी लालच में शिवकुमार सिंह, निर्मल सिंह उर्फ बब्लू व हरविन्दर सिंह उर्फ डब्लू सिंह ने रामकरन सिंह को हरिहर को रास्ते से हटाने के लिए हरिहर का पोल्ट्री फार्म व मकान और तीन लाख रुपये देने के लिए कहा गया तो रामकरन द्वारा यह बात अपने पुत्रों अंकित, अतुल व आलोक को बताई।
जिस पर रामकरन के लड़के अंकित, अतुल, आलोक और रामकरन के रिश्तेदार अमित व अजय ने 8 अगस्त की रात्रि में हरिहर का गला दबाकर हत्या कर दी और शव को घर के पीछे ले जाकर फेंक दिया। वह जिंदा न रह जाए इसलिए अमित और आलोक ने गले पर चाकू घोंप दिया। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त चाकू बरामद किया गया है।