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गांवों में घुसने लगा नेपाल का पानी
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बाराबंकी। पहाड़ों पर हुई बारिश के बाद सरयू में छोड़े गए नेपाल के पानी ने तराई में तबाही मचानी शुरू कर दी है। खतरे के निशान से 33 सेंटीमीटर ऊपर बह रही सरयू प्रति घंटे तीन सेंटीमीटर की गति से बढ़ रही है। इसी बीच फिर करीब पांच लाख क्यूसेक पानी और छोड़ दिया गया है। इसे लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
बुधवार को डीएम व एसपी ने तराई के गांवों, बाढ़ चौकी व केंद्रीय जल आयोग के कार्यालय पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। तराई की तीन तहसीलों व चार ब्लॉकों के 15 गांवों में पानी घुस गया है। करीब दो सौ गांवों पर खतरा मंडराने लगा है। खौफजदा तराई के लोग गांव छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की तलाश में बांधों की ओर पहुंच रहे हैं।
जिले की तराई में तीन तहसील व चार ब्लॉकों के करीब ढाई सौ से अधिक गांव सरयू के आसपास बसे हैं। इस बार बाढ़ ने जून में तो तबाही नहीं मचाई लेकिन पहाड़ो पर हुई बारिश के बाद सरयू में मंगलवार की भोर शारदा व बनबसा बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया। सीडीओ एकता सिंह व एएसपी डॉ. अवधेश कुमार सिंह तथा रामनगर व सिरौलीगौसपुर के एसडीएम ने बाढ़ क्षेत्र के गांवों में पहुंचकर लोगों से गांव खाली करने की अपील की।
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वहीं डीएम ने बाढ़ क्षेत्र की चौकियों व सुरक्षा व्यवस्था में लगे अधिकारियों व कर्मचारियों को अपने ड्यूटी प्वाइंट पर पहुंचने के आदेश देने के साथ कंट्रोल रूम भी शुरू करा दिया। इसी बीच बुधवार को तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे बढ़ रही सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 33 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचने के साथ गांवों में पानी घुसने लगा है।
रामनगर के कोरियनपुरवा, मल्हानपुरवा, परसादीपुर व सिरौलीगौसपुर तहसील के टेपरा, सरायसुर्जन, कहरानपुरवा व गोबरहा तथा सूरतगंज ब्लॉक के हेतमापुर के किनारे बसे कचनापुर, सुंदरनगर, कोड़री, क्योलीपुरवा, मदरहा व बेलहरी गांवों में पानी तेजी से घुसने लगा है। इससे तराई के लोग घर का जरूरी सामान समेटकर सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन करने लगे हैं।
इसी बीच बुधवार को फिर सरयू में करीब पांच लाख क्यूसेक नेपाली पानी और छोड़ गया है जिसके देर रात तक पहुंचने का अनुमान बाढ़ क्षेत्र के अधिकारी लगा रहे हैं। हालांकि उनका यह भी मानना है कि इस पानी के आने के बाद तराई के हालात भयावह होंगे।
बुधवार को डीएम डॉ. आदर्श सिंह व एसपी यमुना प्रसाद ने तराई के कोरियनपुरवा तपेसिपाह व केंद्रीय जल आयोग के घाघरा घाट स्थित कार्यालय पहुुंचकर स्थित का जायजा लिया। वहीं मातहतों को हर स्थिति से निपटने के साथ बाढ़ राहत व बचाव की तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए।
बाढ़ खंड के अधिशाषी अभियंता शशिकांत सिंह ने बताया कि सरयू में बुधवार को भी पांच लाख क्यूसेक पानी शारदा व बनबसा बैराज से छोड़ा गया है। ऐसे में अभी सरयू का जलस्तर और बढ़ने से स्थित भयावह हो सकती है। हालांकि कटान रोकने के इंतजाम के साथ अभियंताओं की 24 घंटे ड्यूटी लगाकर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह ने बताया कि बाढ़ के हालात को लेकर तराई में राहत व बचाव कार्य की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। कंट्रोल रूम भी पूरी तरह एक्टिव है। शारदा व गिरिजा बैराज से बुधवार को भी पानी छोड़ा गया है। प्रशासन पूरी तरह से तैयार है।
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बुधवार को डीएम व एसपी ने तराई के गांवों, बाढ़ चौकी व केंद्रीय जल आयोग के कार्यालय पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। तराई की तीन तहसीलों व चार ब्लॉकों के 15 गांवों में पानी घुस गया है। करीब दो सौ गांवों पर खतरा मंडराने लगा है। खौफजदा तराई के लोग गांव छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की तलाश में बांधों की ओर पहुंच रहे हैं।
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जिले की तराई में तीन तहसील व चार ब्लॉकों के करीब ढाई सौ से अधिक गांव सरयू के आसपास बसे हैं। इस बार बाढ़ ने जून में तो तबाही नहीं मचाई लेकिन पहाड़ो पर हुई बारिश के बाद सरयू में मंगलवार की भोर शारदा व बनबसा बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया। सीडीओ एकता सिंह व एएसपी डॉ. अवधेश कुमार सिंह तथा रामनगर व सिरौलीगौसपुर के एसडीएम ने बाढ़ क्षेत्र के गांवों में पहुंचकर लोगों से गांव खाली करने की अपील की।
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वहीं डीएम ने बाढ़ क्षेत्र की चौकियों व सुरक्षा व्यवस्था में लगे अधिकारियों व कर्मचारियों को अपने ड्यूटी प्वाइंट पर पहुंचने के आदेश देने के साथ कंट्रोल रूम भी शुरू करा दिया। इसी बीच बुधवार को तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे बढ़ रही सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 33 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचने के साथ गांवों में पानी घुसने लगा है।
रामनगर के कोरियनपुरवा, मल्हानपुरवा, परसादीपुर व सिरौलीगौसपुर तहसील के टेपरा, सरायसुर्जन, कहरानपुरवा व गोबरहा तथा सूरतगंज ब्लॉक के हेतमापुर के किनारे बसे कचनापुर, सुंदरनगर, कोड़री, क्योलीपुरवा, मदरहा व बेलहरी गांवों में पानी तेजी से घुसने लगा है। इससे तराई के लोग घर का जरूरी सामान समेटकर सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन करने लगे हैं।
इसी बीच बुधवार को फिर सरयू में करीब पांच लाख क्यूसेक नेपाली पानी और छोड़ गया है जिसके देर रात तक पहुंचने का अनुमान बाढ़ क्षेत्र के अधिकारी लगा रहे हैं। हालांकि उनका यह भी मानना है कि इस पानी के आने के बाद तराई के हालात भयावह होंगे।
बुधवार को डीएम डॉ. आदर्श सिंह व एसपी यमुना प्रसाद ने तराई के कोरियनपुरवा तपेसिपाह व केंद्रीय जल आयोग के घाघरा घाट स्थित कार्यालय पहुुंचकर स्थित का जायजा लिया। वहीं मातहतों को हर स्थिति से निपटने के साथ बाढ़ राहत व बचाव की तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए।
बाढ़ खंड के अधिशाषी अभियंता शशिकांत सिंह ने बताया कि सरयू में बुधवार को भी पांच लाख क्यूसेक पानी शारदा व बनबसा बैराज से छोड़ा गया है। ऐसे में अभी सरयू का जलस्तर और बढ़ने से स्थित भयावह हो सकती है। हालांकि कटान रोकने के इंतजाम के साथ अभियंताओं की 24 घंटे ड्यूटी लगाकर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह ने बताया कि बाढ़ के हालात को लेकर तराई में राहत व बचाव कार्य की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। कंट्रोल रूम भी पूरी तरह एक्टिव है। शारदा व गिरिजा बैराज से बुधवार को भी पानी छोड़ा गया है। प्रशासन पूरी तरह से तैयार है।