{"_id":"688293ea90026180c90216c7","slug":"neither-stretcher-nor-bed-was-available-patients-were-made-to-lie-on-the-floor-barabanki-news-c-315-1-slko1014-144410-2025-07-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: स्ट्रेचर मिला न बेड, फर्श पर लिटा दिए मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: स्ट्रेचर मिला न बेड, फर्श पर लिटा दिए मरीज
Fri, 25 Jul 2025 01:43 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Fri, 25 Jul 2025 01:43 AM IST
विज्ञापन
बाराबंकी। इमरजेंसी में व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं लौट पा रही हैं। यहां मरीजों को न तो स्ट्रेचर मिल रहा है और न ही बेड। इस वजह से इन्हें फर्श पर लिटाकर इलाज किया जाता है। सीडीओ के निरीक्षण के बाद भी यहां व्यवस्थाओं में सुधार होता नहीं दिख रहा है। चिकित्सकों और कर्मियों की मनमानी मरीजों पर भारी पड़ रही है।
इमरजेंसी के ट्रॉमा में व्याप्त अव्यवस्थाओं को अमर उजाला समय-समय पर उजागर करता रहा है। इसे संज्ञान में लेते हुए डीएम के निर्देश पर सीडीओ अन्ना सुदन ने हाल ही में इमरजेंसी का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए थे। इस पर यहां 10 बेड बढ़ा दिए गए।
बंदर काटने पर लाए गए रामनगर के वीरेंद्र को यहां न तो स्ट्रेचर नसीब हुआ और न ही बेड। उन्हें फर्श पर ही लिटाकर इलाज शुरू कर दिया गया। पास ही में फर्श पर बैठे रामबहादुर ने बताया कि उल्टी-दस्त की शिकायत पर बेटे कैलाश को दिखाने लाया लेकिन अभी तक न तो बेड मिला है न ही स्ट्रेचर। कर्मचारी बेड की व्यवस्था कराने की बात कहकर दो घंटे से बिठाए हैं।
विज्ञापन
सीएमएस डॉ. वीपी सिंह का कहना है कि इमरजेंसी में 10 बेड बढ़ा दिए गए हैं। पर्याप्त संख्या में स्ट्रेचर होने के बावजूद मरीज को बेड न मिलना गंभीर विषय है, इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
इमरजेंसी के ट्रॉमा में व्याप्त अव्यवस्थाओं को अमर उजाला समय-समय पर उजागर करता रहा है। इसे संज्ञान में लेते हुए डीएम के निर्देश पर सीडीओ अन्ना सुदन ने हाल ही में इमरजेंसी का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए थे। इस पर यहां 10 बेड बढ़ा दिए गए।
विज्ञापन
बंदर काटने पर लाए गए रामनगर के वीरेंद्र को यहां न तो स्ट्रेचर नसीब हुआ और न ही बेड। उन्हें फर्श पर ही लिटाकर इलाज शुरू कर दिया गया। पास ही में फर्श पर बैठे रामबहादुर ने बताया कि उल्टी-दस्त की शिकायत पर बेटे कैलाश को दिखाने लाया लेकिन अभी तक न तो बेड मिला है न ही स्ट्रेचर। कर्मचारी बेड की व्यवस्था कराने की बात कहकर दो घंटे से बिठाए हैं।
विज्ञापन
सीएमएस डॉ. वीपी सिंह का कहना है कि इमरजेंसी में 10 बेड बढ़ा दिए गए हैं। पर्याप्त संख्या में स्ट्रेचर होने के बावजूद मरीज को बेड न मिलना गंभीर विषय है, इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।