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Barabanki News: 44 करोड़ से स्वच्छ होंगी 61 ग्राम पंचायतें
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बाराबंकी। शहरों की तरह अब गांवों में भी डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन किया जाएगा। घरों से निकलने वाले कचरे के प्रबंधन के लिए अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र (आरआरसी) बनाए जाएंगे। व्यक्तिगत एवं सामुदायिक स्तर पर कंपोस्ट पिट की व्यवस्था की जाएगी। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत जिले की 61 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। इसके लिए मिशन एवं राज्य वित्त आयोग से पंचायती राज विभाग को 44 करोड़ रुपये का बजट मिला है।
विभाग ने चयनित ग्राम पंचायतों का सर्वे कराकर एस्टीमेट बनाने की प्रकिया शुरू कर दी है। ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए पूरे प्रदेश में 4723 ग्राम पंचायतों को चयनित किया गया है, जिनमें 61 ग्राम पंचायतें जिले की हैं। इन ग्राम पंचायतों की आबादी पांच हजार से अधिक है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत इन ग्राम पंचायतों में घरों से कूड़ा एकत्र करने की व्यवस्था के साथ कचरे को अलग-अलग करने के लिए एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र बनेगा।
निजी एवं सामुदायिक स्तर पर कंपोस्ट पिट की व्यवस्था की जाएगी, ताकि कचरे में से खाद बनाई जा सके। तरल अपशिष्ट प्रबंधन में सोक पिट से लेकर भूमिगत नालियों का निर्माण होगा। इसके लिए स्वच्छ भारत मिशन से 27 करोड़ एवं राज्य वित्त आयोग से 14 करोड़ का बजट मिला है। चयनित ग्राम पंचायतों को 50 से 90 लाख रुपये का बजट जारी कर दिया है।
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सलाहकार अभियंता करेंगे निगरानी
ग्रामीण क्षेत्र में होने वाले निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार को देखते हुए पंचायती राज विभाग को सलाहकार अभियंता दिए गए हैं। ये अभियंता संविदा पर नियुक्त हुए हैं, जिनकी योग्यता बीटेक आदि है। इन अभियंताओं को ही स्वच्छ भारत मिशन के तहत होने वाले कार्यों की रूपरेखा तैयार करने के साथ एस्टीमेट बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
ठोस कचरा प्रबंधन में ये होंगे कार्य
व्यक्तिगत एवं सामुदायिक खाद गड्ढ़ा, नाडेप, वर्मी कंपोस्ट पिट, सामुदायिक एवं संस्थागत कचरा पात्र, प्लास्टिक बैंक, कचरा वाहन, स्वच्छता किट की व्यवस्था होगी। साथ ही एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र बनाया जाएगा, जहां कचरा अलग-अलग किया जाएगा। इसमें सेनेटरी पैड के निस्तारण की भी व्यवस्था होगी।
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बॉक्स
तरल अपशिष्ट प्रबंधन में होने वाले कार्य
व्यक्तिगत एवं सामुदायिक संस्थाओं के लिए सोकपिट का निर्माण होगा। नालियों पर सिल्ट कैचर लगाए जाएंगे। फिल्टर चैंबर का निर्माण, यू टाइप नालियों का निर्माण व भूमिगत नाली निर्माण कार्य कराए जाएंगे।
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ब्लॉकवार चयनित की गईं ग्राम पंचायतें
त्रिवेदीगंज- 8
पूरेडलई- 2
सिद्घौर- 4
बनीकोड़र- 3
बंकी- 7
दरियाबाद- 1
देवा- 2
फतेहपुर- 2
हैदरगढ़- 4
हरख- 3
मसौली- 9
निंदूरा- 6
सूरतगंज- 1
रामनगर- 5 सिररौली गौसपुर- 4
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वर्जन
स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए कार्य कराए जाने हैं। इसके लिए शासन से 44 करोड़ का बजट मिला है, जिसे गांवों की आबादी के हिसाब से आवंटित कर दिया गया है। जल्द ही सभी जगह काम शुरू कराए जाएंगे।
- रोहित भारती, डीपीआरओ
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विभाग ने चयनित ग्राम पंचायतों का सर्वे कराकर एस्टीमेट बनाने की प्रकिया शुरू कर दी है। ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए पूरे प्रदेश में 4723 ग्राम पंचायतों को चयनित किया गया है, जिनमें 61 ग्राम पंचायतें जिले की हैं। इन ग्राम पंचायतों की आबादी पांच हजार से अधिक है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत इन ग्राम पंचायतों में घरों से कूड़ा एकत्र करने की व्यवस्था के साथ कचरे को अलग-अलग करने के लिए एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र बनेगा।
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निजी एवं सामुदायिक स्तर पर कंपोस्ट पिट की व्यवस्था की जाएगी, ताकि कचरे में से खाद बनाई जा सके। तरल अपशिष्ट प्रबंधन में सोक पिट से लेकर भूमिगत नालियों का निर्माण होगा। इसके लिए स्वच्छ भारत मिशन से 27 करोड़ एवं राज्य वित्त आयोग से 14 करोड़ का बजट मिला है। चयनित ग्राम पंचायतों को 50 से 90 लाख रुपये का बजट जारी कर दिया है।
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सलाहकार अभियंता करेंगे निगरानी
ग्रामीण क्षेत्र में होने वाले निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार को देखते हुए पंचायती राज विभाग को सलाहकार अभियंता दिए गए हैं। ये अभियंता संविदा पर नियुक्त हुए हैं, जिनकी योग्यता बीटेक आदि है। इन अभियंताओं को ही स्वच्छ भारत मिशन के तहत होने वाले कार्यों की रूपरेखा तैयार करने के साथ एस्टीमेट बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
ठोस कचरा प्रबंधन में ये होंगे कार्य
व्यक्तिगत एवं सामुदायिक खाद गड्ढ़ा, नाडेप, वर्मी कंपोस्ट पिट, सामुदायिक एवं संस्थागत कचरा पात्र, प्लास्टिक बैंक, कचरा वाहन, स्वच्छता किट की व्यवस्था होगी। साथ ही एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र बनाया जाएगा, जहां कचरा अलग-अलग किया जाएगा। इसमें सेनेटरी पैड के निस्तारण की भी व्यवस्था होगी।
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तरल अपशिष्ट प्रबंधन में होने वाले कार्य
व्यक्तिगत एवं सामुदायिक संस्थाओं के लिए सोकपिट का निर्माण होगा। नालियों पर सिल्ट कैचर लगाए जाएंगे। फिल्टर चैंबर का निर्माण, यू टाइप नालियों का निर्माण व भूमिगत नाली निर्माण कार्य कराए जाएंगे।
ब्लॉकवार चयनित की गईं ग्राम पंचायतें
त्रिवेदीगंज- 8
पूरेडलई- 2
सिद्घौर- 4
बनीकोड़र- 3
बंकी- 7
दरियाबाद- 1
देवा- 2
फतेहपुर- 2
हैदरगढ़- 4
हरख- 3
मसौली- 9
निंदूरा- 6
सूरतगंज- 1
रामनगर- 5 सिररौली गौसपुर- 4
वर्जन
स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए कार्य कराए जाने हैं। इसके लिए शासन से 44 करोड़ का बजट मिला है, जिसे गांवों की आबादी के हिसाब से आवंटित कर दिया गया है। जल्द ही सभी जगह काम शुरू कराए जाएंगे।
- रोहित भारती, डीपीआरओ