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एंबुलेंस प्रकरण में पंजाब व मऊ रवाना हुई पुलिस टीम

Sun, 04 Apr 2021 12:10 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 04 Apr 2021 12:10 AM IST
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mukhtar ansari
बाराबंकी। माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की सेवा में लगी एंबुलेंस पंजीकरण में फर्जी दस्तावेजों की पुष्टि के बाद दर्ज किए गए केस की विवेचना के लिए बाराबंकी से मऊ और पंजाब के लिए टीमें भेजी गई हैं। पुलिस की ये टीम मऊ में डॉ. अलका राय से पूछताछ कर सकती है। तो पंजाब में माफिया से मिलने वालों की जानकारी एंबुलेंस और चालक को कब्जे में लेकर जानकारी जुटाएगी। स्थानीय लोगों से मुख्तार के रिश्तों को खंगाला जा रहा है। फर्जी वोटर कार्ड बनवाने से लेकर पंजीकरण कराने तक सरकारी अमले की क्या भूमिका रही है, इस पर भी पुलिस की नजर है।
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पंजाब की रोपड़ जेल से पेशी पर माफिया डॉन मुख्तार अंसारी को ले जाने के लिए निजी एंबुलेंस का प्रयोग किया गया था। जांच के दौरान पंजीकरण कराने में जिन दस्तावेजों का प्रयोग किया गया वह सब फर्जी पाए गए। एआरटीओ प्रशासन और एसडीएम की जांच में वोटर आईडी कार्ड बनाने से लेकर दर्ज पता फर्जी निकला। जिस पर एआरटीओ की तरफ से मऊ जिले के श्याम संजीवनी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर की डॉ. अलका राय व अन्य अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी का केस शुक्रवार को नगर कोतवाली बाराबंकी में दर्ज कराया गया था।
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शनिवार को बाराबंकी से दो पुलिस टीमें जांच के लिए पंजाब और मऊ जिले को रवाना की गईं। मऊ भेजी गईं टीम डॉ. अलका राय से पूछताछ करेगी कि किस तरह फर्जी दस्तावेजों के सहारे पंजीकरण हुआ। बाराबंकी और माफिया डॉन से रिश्तों को भी खंगालेगी। सूत्र बताते हैं कि डॉ. अलका राय अपने बचाव में उच्च न्यायालय से गुहार लगा सकती हैं।
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उधर पंजाब गई टीम जेल प्रशासन से मुख्तार अंसारी से अब तक मिलने वाले लोगों का ब्योरा लेगी। एंबुलेंस और उसके चालक को भी कब्जे में ले सकती है। जिससे यह साफ हो सके कि यह एंबुलेंस पंजाब कैैसे पहुंची और उसका बाराबंकी में पंजीकरण कराने में कौन लोग शामिल हैं। उधर स्थानीय स्तर पर भी मुख्तार से संपर्क रखने वालों पर पुलिस की कड़ी नजर है।
उजागर हुई सरकारी तंत्र की लापरवाही
फर्जी दस्तावेजों के जरिए जिस तरह एंबुलेंस का पंजीकरण कराया गया उससे कई विभागों की लापरवाही खुलकर सामने आ गई। एक दिन की जांच में वोटर आईडी कार्ड से लेकर जो भी दस्तावेज प्रयोग किए गए वह सब फर्जी पाए गए। यदि इसी तरह पंजीकरण के समय लोग सतर्क होते तो शायद आज यह नौबत नहीं आती। फर्जी वोटर आईडी कार्ड और कागज पर अस्पताल की जानकारी निर्वाचन और सीएमओ ऑफिस से आसानी से कराई जा सकती थी। किंतु इसमें घोर लापरवाही बरती गई।

एंबुलेंस प्रकरण में जांच के लिए एएसपी उत्तरी के नेतृत्व में एक एसआईटी बनाई गई है। इसमें दो टीमें रहेंगी। एक सीओ हैदरगढ़ के नेतृत्व में पंजाब और दूसरी इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह के नेतृत्व में मऊ भेजी गई हैं। यह टीमें सभी बिंदुओं पर जांच करेंगी। जेल से मिलने वालों को ब्योरा लिया जाएगा। एंबुलेंस और उसके चालक की भी तलाश की जाएगी। इस पूरे प्रकरण में पूरी गंभीरता के साथ जांच चल रही है। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
-यमुना प्रसाद, एसपी
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