{"_id":"611d57f28ebc3e7a2b18be48","slug":"moharram-barabanki-news-lko591855383","type":"story","status":"publish","title_hn":"घर पर ही रखे जाएंगे ताजिया, नहीं निकलेगा जुलूस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घर पर ही रखे जाएंगे ताजिया, नहीं निकलेगा जुलूस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाराबंकी। दस मोहर्रम को हजरत इमाम हुसैन की कर्बला में शहादत की याद में मनाए जाने वाले मोहर्रम के ताजिए इस बार घरों में रखे जाएंगे। कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अकीदत और व एहतराम के साथ ताजिए रखने की तैयारियां करने में अकीदतमंद जुटे हैं। बुधवार को बाजार में लोगों ने अपनी पसंद के अनुसार ताजिए खरीदे।
कोरोना महामारी को लेकर इस बार मोहर्रम के ताजिए घरों में रखे जाएंगे। इसके लिए जिला प्रशासन ने पहले से ही गाइडलाइन जारी कर दी थी। शहर के साथ कस्बों व ग्रामीण क्षेत्रों में ताजिए रखे जाएंगे। इस्लामी साल के पहले महीने की चांद की दस तारीख को हजरत इमाम हुसैन व उनके जानिशार साथियों की कर्बला में शहादत की याद में मोहर्रम में अकीदतमंद लोग ताजिया रखते हैं और उसको उठाते थे। लेकिन कोरोना महामारी को लेकर इस बार भी ताजिए रखे जाएंगे लेकिन ताजिया व आलम को उठाने के लिए पाबंदी लगी हुई है।
शहर के साथ देवा, फतेहपुर, बेलहरा, कुर्सी, बंकी, जैदपुर, सफदरजंग, रामनगर, सिद्धौर, सतरिख, हैदरगढ़, भिटरिया, रामपुर, मसौली, टिकैतनगर, दरियाबाद, सुबेहा, असंद्रा, अहमदपुर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में गुरुवार शाम को घरों में ताजिए रखे जाएंगे। ताजिया रखने वाले लोग ताजिया अपने मन मुताबिक खरीद कर रखते हैं।
विज्ञापन
पिछले दो सालों से मोहर्रम के ताजिए व आलम का जुलूस नहीं निकलता है। कोरोना महामारी नियम के अंतर्गत रोक लगने के करण दस मोहर्रम को इस बार भी जैदपुर कस्बे का कदीमी जुलूस नहीं निकाला जाएगा। बाजार में ताजिया खरीदने के लिए लोग दुकानों पर जुटे रहे।
कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सभी त्योहार मनाए जाने हैं। ऐसे में लोगों से अपने घरों में रहकर त्योहार मनाने की अपील की गई है।
-डॉ. आदर्श सिंह, जिलाधिकारी
विज्ञापन
कोरोना महामारी को लेकर इस बार मोहर्रम के ताजिए घरों में रखे जाएंगे। इसके लिए जिला प्रशासन ने पहले से ही गाइडलाइन जारी कर दी थी। शहर के साथ कस्बों व ग्रामीण क्षेत्रों में ताजिए रखे जाएंगे। इस्लामी साल के पहले महीने की चांद की दस तारीख को हजरत इमाम हुसैन व उनके जानिशार साथियों की कर्बला में शहादत की याद में मोहर्रम में अकीदतमंद लोग ताजिया रखते हैं और उसको उठाते थे। लेकिन कोरोना महामारी को लेकर इस बार भी ताजिए रखे जाएंगे लेकिन ताजिया व आलम को उठाने के लिए पाबंदी लगी हुई है।
विज्ञापन
शहर के साथ देवा, फतेहपुर, बेलहरा, कुर्सी, बंकी, जैदपुर, सफदरजंग, रामनगर, सिद्धौर, सतरिख, हैदरगढ़, भिटरिया, रामपुर, मसौली, टिकैतनगर, दरियाबाद, सुबेहा, असंद्रा, अहमदपुर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में गुरुवार शाम को घरों में ताजिए रखे जाएंगे। ताजिया रखने वाले लोग ताजिया अपने मन मुताबिक खरीद कर रखते हैं।
विज्ञापन
पिछले दो सालों से मोहर्रम के ताजिए व आलम का जुलूस नहीं निकलता है। कोरोना महामारी नियम के अंतर्गत रोक लगने के करण दस मोहर्रम को इस बार भी जैदपुर कस्बे का कदीमी जुलूस नहीं निकाला जाएगा। बाजार में ताजिया खरीदने के लिए लोग दुकानों पर जुटे रहे।
कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सभी त्योहार मनाए जाने हैं। ऐसे में लोगों से अपने घरों में रहकर त्योहार मनाने की अपील की गई है।
-डॉ. आदर्श सिंह, जिलाधिकारी