{"_id":"574b37fe4f1c1b62291091ba","slug":"mitwara-minor-cut","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिठवारा माइनर कटी 50 बीघा मेंथा बर्बाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिठवारा माइनर कटी 50 बीघा मेंथा बर्बाद
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Mon, 30 May 2016 12:12 AM IST
विज्ञापन
बाराबंकी में सुढ़ियामऊ क्षेत्र स्थित शेखूपुर गांव के निकट कटी मिठवारा माइनर को बांधती जेसीबी मशीन।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक साल पूर्व गेहूं की फ सल बर्बाद करने वाली मिठवारा माइनर अब मेंथा की फ सलों को तबाह करना शुरू कर दिया है। माइनर की सफ ई न होने के चलते माइनर शनिवार की रात कट गई जिससे मेंथा की करीब 50 बीघा फसल जलमग्न हो गई।
शारदा सहायक नहर फ तेहपुर से निकली मिठवारा माइनर जो कि मिठवारा, बंजरिया, शेखूपुर, ज्योली, आल्हेमऊ होकर गुजरी माइनर शनिवार की देर रात में सूरतगंज फ तेहपुर मार्ग स्थिति शेखूपुर गांव के पास कट जाने के चलते पचासों बीधे मेंथा की हरी भरी फ सल जलमग्न हो गयी है।
फ सल जलमग्न होने से किसान राजेश मिश्र, सीताकान्त मिश्र, लल्ला, भुलन, रामपाल यादव, गोपाली एटिली वर्मा ने मौके पर पहुंचे किसानों ने चंदा लगाकर जेसीबी मंगाई और माइनर की पटाई कराई। किसानों का कहना है कि कई बार माइनर कटने से नुकसान हो चुका है।
विज्ञापन
सिंचाई विभाग के कर्मचारी व अधिकारी माइनर की दोनों ओर की पटरियों की देखभाल नहीं कराते हैं। सफाई के दौरान बरती जाने वाली लापरवाही के चलते माइनर कट जाती है जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। किसानों ने जिलाधिकारी से शिकायत कर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
विज्ञापन
शारदा सहायक नहर फ तेहपुर से निकली मिठवारा माइनर जो कि मिठवारा, बंजरिया, शेखूपुर, ज्योली, आल्हेमऊ होकर गुजरी माइनर शनिवार की देर रात में सूरतगंज फ तेहपुर मार्ग स्थिति शेखूपुर गांव के पास कट जाने के चलते पचासों बीधे मेंथा की हरी भरी फ सल जलमग्न हो गयी है।
विज्ञापन
फ सल जलमग्न होने से किसान राजेश मिश्र, सीताकान्त मिश्र, लल्ला, भुलन, रामपाल यादव, गोपाली एटिली वर्मा ने मौके पर पहुंचे किसानों ने चंदा लगाकर जेसीबी मंगाई और माइनर की पटाई कराई। किसानों का कहना है कि कई बार माइनर कटने से नुकसान हो चुका है।
विज्ञापन
सिंचाई विभाग के कर्मचारी व अधिकारी माइनर की दोनों ओर की पटरियों की देखभाल नहीं कराते हैं। सफाई के दौरान बरती जाने वाली लापरवाही के चलते माइनर कट जाती है जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। किसानों ने जिलाधिकारी से शिकायत कर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है।