फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   Merger of voter list, missing alive, ancestors recorded

Barabanki News: वोटर लिस्ट का मर्ज, जिंदा गायब, पुरखे दर्ज

Sat, 13 May 2023 01:49 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Sat, 13 May 2023 01:49 AM IST
विज्ञापन
Merger of voter list, missing alive, ancestors recorded
बाराबंकी। जिंदा के नाम गायब, दिवंगत पुरखों के नाम दर्ज तो कहीं एक ही मकान में अलग-अलग जाति और धर्म के मतदाता... निकाय चुनावों में मतदान के दौरान ऐसी मतदाता सूची तो शायद पहली बार देखने को मिली। ससुराल जा चुकी बेटियों के साथ दामाद का नाम भी दर्ज मिला। शहर में मतदान का प्रतिशत कम होने के पीछे मतदाता सूची में गड़बड़ियों को प्रमुख कारण मान रहे हैं। एक ही मकान में दो धर्म और आठ जातियों के 37 मतदाताओं के नाम देखने के बाद पीठासीन अधिकारी से लेकर पुलिस अधिकारी तक चकरा गए। शिकायतें प्रेक्षक तक पहुंच गईं। प्रशासन भी इसे गंभीर मान रहा है। शहर की मतदाता सूची में जमकर गड़बड़ियां मिलीं हैं। नगर पालिका नवाबगंज के अजीमुद्दीन अशरफ इंटर कॉलेज में बनाए गए मतदान केंद्र की मतदाता सूची में क्रमांक 391 से 427 तक एक ही मकान नंबर 973 दर्ज है। इसी एक मकान में 37 मतदाता दर्ज हैं। हिंदू-मुस्लिम के साथ आठ जातियों के लोगों का एक ही मकान में रहना दर्शाया गया है। संबंधित मतदाता ही नहीं पीठासीन अधिकारी तक गड़बड़ी देखकर दंग रह गए। गड़बड़ी एक मोहल्ले में नहीं हुई। नगर पालिका की मतदाता सूची में क्रमांक 342 से 390 तक एक ही मकान 973 में विभिन्न जाति-धर्म के 42 मतदाता दर्ज हैं। क्रमांक 354 पर रमन को महिला मतदाता के रूप में और क्रमांक 355 पर इसी नाम को पुरुष मतदाता के रूप में दर्ज किया गया है। ओबरी और कैलाश आश्रम मोहल्ले की मतदाता सूची में मकान नंबर 690 में 47 मतदाता बताए गए हैं वह भी अलग धर्म और जाति के। यही नहीं, लखपेड़ाबाग, आवास विकास व नेहरूनगर में ऐसे कई मामले सामने आए हैं। पीरबटावन मोहल्ले में ऐसी सच्चाई सामने आई कि अधिकारियों के माथे पर पसीना आ गया। पता चला कि यहां डेढ़ सौ से अधिक ऐसी महिला मतदाता हैं जिनकी शादी हो चुकी है। ससुराल में रहती है मगर उनके साथ दामाद तक को मोहल्ले का वोटर बना दिया गया है। भले ही यह काम पुलिस का नहीं था मगर मतदान के दौरान सीओ डॉ. बीनू सिंह ने बीएलओ को इसके लिए फटकार भी लगाई। 27 नंबर वार्ड के जावेद का नाम नहीं है मगर इनके पिता का है। जावेद के दिवंगत पुरखे मुन्नू चौधरी व अब्दुल सकूर के नाम भी मतदाता के रूप में दर्ज हैं। वार्ड नंबर 14 के मोहम्मद इकराम बताते हैं कि उनका नाम मतदाता सूची में नहीं है जबकि केवल अलीम का वोट है और इनके बाकी लोगों का मतदाता सूची में नाम ही नहीं है। एडीएम राकेश सिंह ने बताया कि मतदाता सूची से संबंधित जो शिकायतें आई हैं उनकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


14 हजार आपत्तियों का यह कैसा निस्तारण
निकाय चुनाव की सुगबुगाहट बीते साल ही शुरू हो गई थी। 31 सितंबर 2022 को अनंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी। एक से आठ नवंबर तक मतदाता सूची को लेकर आपत्तियां व सुझाव मांगे गए थे। 14 हजार से अधिक आपत्तियां आने के बाद कमियों को दुरुस्त कर 18 नवंबर को फाइनल मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी। चुनाव आगे बढ़ गए तो दोबारा पुनरीक्षण किया गया। बीते एक अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर हजारों आपत्तियों के निस्तारण का दावा किया गया। इसकेबावजूद मतदान के दिन जो सच दिखा वह न जाने कितने मतदाताओं को निराश कर गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed