{"_id":"69d6bc3756118d71630fae55","slug":"memoir-indira-gandhi-came-to-azamgarh-to-campaign-for-mohsina-barabanki-news-c-315-1-slko1012-163637-2026-04-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"संस्मरण: आजमगढ़ में मोहसिना के लिए प्रचार करने आई थीं इंदिरा जी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संस्मरण: आजमगढ़ में मोहसिना के लिए प्रचार करने आई थीं इंदिरा जी
Thu, 09 Apr 2026 02:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 09 Apr 2026 02:06 AM IST
विज्ञापन
- सरकार की बंदिशों के बावजूद कई दिनों तक डटीं रहीं पूर्व प्रधानमंत्री
पूरे देश की राजनीति से मोहसिना किदवई जी का गहरा संबंध रहा है। मुझे याद है, 1978 में जब जनता पार्टी की सरकार थी। आजमगढ़ में उपचुनाव हुआ। मोहसिना जी वहां से कंडीडेट हुई। सरकार ने बहुत बंदिशें लगा रखीं थी। इसके बावजूद इंदिरा गांधी उनके प्रचार के लिए आई थीं। इमरजेंसी के बाद कांग्रेस की हार हुई थी, इसी के चलते इंदिरा जी ने अपनी प्रतिष्ठा की लड़ाई में यहां डेरा डाला था और जनता के बीच जाकर कांग्रेस की वापसी की नींव रखी थी, जिसके बाद मोहसिना किदवई ने जीत दर्ज की थी। इस चुनाव में जीत के लिए उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री राम नरेश यादव ने भी पूरी ताकत झाेंक रखी थी। इंदिरा जी के लिए आजमगढ़ में चुनाव प्रचार करना आसान नहीं था, फिर भी उन्होंने अपनी जिद के आगे किसी की नहीं सुनी। मोहसिना को जिताने के लिए कई दिन तक इंदिरा जी ने जनसंपर्क किया। मोहसिना जी चारों सदन लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा व विधान परिषद की सदस्य रहीं। वह महिलाओं का पुरजोर समर्थन करती थीं। उनको आगे बढ़ाने का प्रयास करती थीं। इसके अलावा पुरुषों को भी कभी मौका नहीं दिया कि वे यह कह सकें कि उनके साथ भेदभाव हुआ है।
पीएल पुनिया, पूर्व केंद्रीय मंत्री व पूर्व सांसद बाराबंकी
विज्ञापन
पूरे देश की राजनीति से मोहसिना किदवई जी का गहरा संबंध रहा है। मुझे याद है, 1978 में जब जनता पार्टी की सरकार थी। आजमगढ़ में उपचुनाव हुआ। मोहसिना जी वहां से कंडीडेट हुई। सरकार ने बहुत बंदिशें लगा रखीं थी। इसके बावजूद इंदिरा गांधी उनके प्रचार के लिए आई थीं। इमरजेंसी के बाद कांग्रेस की हार हुई थी, इसी के चलते इंदिरा जी ने अपनी प्रतिष्ठा की लड़ाई में यहां डेरा डाला था और जनता के बीच जाकर कांग्रेस की वापसी की नींव रखी थी, जिसके बाद मोहसिना किदवई ने जीत दर्ज की थी। इस चुनाव में जीत के लिए उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री राम नरेश यादव ने भी पूरी ताकत झाेंक रखी थी। इंदिरा जी के लिए आजमगढ़ में चुनाव प्रचार करना आसान नहीं था, फिर भी उन्होंने अपनी जिद के आगे किसी की नहीं सुनी। मोहसिना को जिताने के लिए कई दिन तक इंदिरा जी ने जनसंपर्क किया। मोहसिना जी चारों सदन लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा व विधान परिषद की सदस्य रहीं। वह महिलाओं का पुरजोर समर्थन करती थीं। उनको आगे बढ़ाने का प्रयास करती थीं। इसके अलावा पुरुषों को भी कभी मौका नहीं दिया कि वे यह कह सकें कि उनके साथ भेदभाव हुआ है।
पीएल पुनिया, पूर्व केंद्रीय मंत्री व पूर्व सांसद बाराबंकी