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Barabanki News: 26 साल से आरक्षित जमीन पर नहीं बना शहीद स्मारक

Mon, 29 Sep 2025 12:52 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Mon, 29 Sep 2025 12:52 AM IST
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Martyr's memorial not built on reserved land for 26 years
बाराबंकी। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 के महानायक रहे राजा बलभद्र सिंह चहलारी नरेश का स्मारक बनाने के लिए 26 साल पहले नगर पालिका परिषद क्षेत्र के बड़ेल में जमीन आरक्षित की गई थी। इसके बावजूद अभी तक यहां स्मारक का निर्माण शुरू तक नहीं हो सका है।
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इससे खिन्न हो कर चहलारी नरेश स्मारक समिति के अध्यक्ष साहित्यकार अजय सिंह ने जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी को एक पत्र लिखकर स्मारक का निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। डीएम ने भरोसा दिलाया है कि इस संबंध में शासन को पत्र भेजकर गतिरोध दूर करवाने का भरोसा दिलवाया है। चहलारी नरेश ने अवध की रानी बेगम हजरत महल के आह्वान पर शहर के ओबरी में रेठ नदी के किनारे अंग्रेजों से युद्ध किया और 13 जून 1858 को उन्हें वीरगति प्राप्त हुई थी। उनके शौर्य का उल्लेख अंग्रेजी सेना के ब्रिगेडियर होपग्रांट ने अपनी पुस्तक दि सिपाय वार व लंदन टाइम्स के रिपोर्टर रहे सर डब्ल्यू एच रसेल ने अपनी पुस्तक ए डायरी माई लाइफ इन इंडिया में भी किया है।
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अमृत लाल नागर ने गदर के फूल पुस्तक, ठाकुर प्रसाद ने स्वतंत्रता संग्राम के सैनिक में भी इसका खास तौर पर वर्णन किया है। 15 जुलाई 1999 को तत्कालीन डीएम प्रशांत त्रिवेदी ने शहर के निकट बड़ेल गांव में बंजर-परती भूमि गाटा संख्या 1118 में रकबा 0.253 हेक्टेयर जमीन शहीद स्मारक के निर्माण के लिए चयनित कराकर ग्राम पंचायत भूमि प्रबंध समिति को सौंपे जाने का प्रस्ताव भी पारित कराया था।
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अजय सिंह के अनुसार उनकी मांग पर वर्ष 18 अगस्त 2011 को तत्कालीन डीएम विकास गोठलवाल ने शहीद स्मारक के लिए चयनित भूखंड पर घोड़े पर सवार हाथ में तलवार लिए चहलारी नरेश की प्रतिमा, बहु उद्देशीय सभागार, आगंतुक विश्राम कक्ष, कर्मचारी आवास व शौचायल आदि का निर्माण कराए जाने की कार्ययोजना भी लोक निर्माण विभाग से बनवाकर मुख्यमंत्री कार्यालय को अनुमोदन के लिए भेजी थी। लेकिन बजट स्वीकृति न मिल पाने से शहीद स्मारक का काम शुरू नहीं हो सका।
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