{"_id":"641e010a53420650470e37e7","slug":"man-sentenced-to-10-years-for-murderous-attack-barabanki-news-c-13-1-146952-2023-03-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: जानलेवा हमले के आरोपी को 10 साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: जानलेवा हमले के आरोपी को 10 साल की सजा
Sat, 25 Mar 2023 01:29 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 25 Mar 2023 01:29 AM IST
विज्ञापन
बाराबंकी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश रविंद्रनाथ दुबे ने जानलेवा हमले के मामले में अभियुक्त को 10 वर्ष की सजा सुनाई। साथ ही 30000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश पांडेय और एडीजीसी आशीष शरण गुप्ता ने बताया कि देवा थाना क्षेत्र के अछरी पुरवा मजरे मियांपुर निवासी दुर्गेश कुमार ने अपने भाइयों के साथ मिलकर गांव के ही रामप्रताप से जमीन खरीदी थी। उसी जमीन के बगल में कृष्णकांत उर्फ नवाब, प्रेमचंद व रमेशचंद्र पुत्र मुन्नीलाल तथा उपेंद्र पुत्र हरिप्रसाद की भी जमीन थी। खरीदी गई जमीन पर यूकेलिप्टस के पेड़ लगाए गए थे, जिसे उक्त आरोपियों ने उखाड़ कर फेंक दिया था और कब्जा नहीं करने दे रहे थे। इसके लिए 12 अगस्त 2012 को दोपहर में पंचायत बुलाई गई थी, सारा मामला तय हो गया था और राम प्रताप ने ईंट लगाकर निशानदेही भी करवा दी थी। तभी अचानक कृष्णकांत उर्फ नवाब ने कहा कि वे लोग इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं और तमंचे से फायर कर दिया।
सब लोग घर की तरफ भागे तो वहां भी कृष्णकांत उर्फ नवाब ने पहुंचकर उसके दरवाजे के सामने ही सर्वेश को गोली मार दी, जो उसके सीने में बाईं तरफ कंधे के नीचे लगी। इलाज के बाद वह ठीक हुए। जज ने गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अभियुक्त कृष्णकांत उर्फ नवाब को 10 साल की सजा सुनाई। प्रेमचंद्र की मुकदमे के विचारण के दौरान मौत हो गई थी तथा रमेशचंद और उपेंद्र को अपराध साबित नहीं होने के कारण दोषमुक्त कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश पांडेय और एडीजीसी आशीष शरण गुप्ता ने बताया कि देवा थाना क्षेत्र के अछरी पुरवा मजरे मियांपुर निवासी दुर्गेश कुमार ने अपने भाइयों के साथ मिलकर गांव के ही रामप्रताप से जमीन खरीदी थी। उसी जमीन के बगल में कृष्णकांत उर्फ नवाब, प्रेमचंद व रमेशचंद्र पुत्र मुन्नीलाल तथा उपेंद्र पुत्र हरिप्रसाद की भी जमीन थी। खरीदी गई जमीन पर यूकेलिप्टस के पेड़ लगाए गए थे, जिसे उक्त आरोपियों ने उखाड़ कर फेंक दिया था और कब्जा नहीं करने दे रहे थे। इसके लिए 12 अगस्त 2012 को दोपहर में पंचायत बुलाई गई थी, सारा मामला तय हो गया था और राम प्रताप ने ईंट लगाकर निशानदेही भी करवा दी थी। तभी अचानक कृष्णकांत उर्फ नवाब ने कहा कि वे लोग इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं और तमंचे से फायर कर दिया।
विज्ञापन
सब लोग घर की तरफ भागे तो वहां भी कृष्णकांत उर्फ नवाब ने पहुंचकर उसके दरवाजे के सामने ही सर्वेश को गोली मार दी, जो उसके सीने में बाईं तरफ कंधे के नीचे लगी। इलाज के बाद वह ठीक हुए। जज ने गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अभियुक्त कृष्णकांत उर्फ नवाब को 10 साल की सजा सुनाई। प्रेमचंद्र की मुकदमे के विचारण के दौरान मौत हो गई थी तथा रमेशचंद और उपेंद्र को अपराध साबित नहीं होने के कारण दोषमुक्त कर दिया गया।
विज्ञापन