{"_id":"610995058ebc3e88c86e82ea","slug":"madarsa-barabanki-news-lko5897920174","type":"story","status":"publish","title_hn":"मदरसा पर राष्ट्रीय ध्वज न फहराने के मामले में एफआईआर के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मदरसा पर राष्ट्रीय ध्वज न फहराने के मामले में एफआईआर के आदेश
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बाराबंकी। मदरसा पर 15 अगस्त को राष्ट्रीय ध्वज न फहराने और मीडिया कर्मी द्वारा पूछने पर मारपीट करने सम्बन्धी प्रकरण की सुनवाई करते हुये विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी कोर्ट अशोक कुमार यादव ने थाना प्रभारी सफदरगंज को केस दर्ज करने का आदेश दिया है।
मामला कस्बा रामपुर कटरा थाना सफदरगंज का है। रामपुर भवानीपुर निवासी अजय कुमार कनौजिया की ओर से कोर्ट पर प्रस्तुत मामले में कहा गया है कि वह अनुसूचित जाति का है और न्यूज चैनल का रिपोर्टर है। वह 15 अगस्त 2020 को 10 बजे रिपोर्टिंग के आशय से रामपुर कटरा स्थित मदरसा दारुलउलूम पहुंचा जहां राष्ट्रीय ध्वज न लगा देखकर प्रबंधक मौलाना उबेर से पूछा तो उन्होंने कहा कि वे राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराते।
क्योंकि स्वतंत्रता दिवस उनका नहीं है और यह पूछने का अधिकार आपको नहीं है। प्रबंधक ने उन्हें जातिसूचक गालियां दी व मारापीटा था। मौलाना उबेर पर पापुलर फ्रंट के बैनर तले सांप्रदायिक उन्माद फैलाने का मामला भी पुलिस में दर्ज है। याची ने इस मामले में अतीक को भी आरोपी दर्शाया है।
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याची ने पूर्व में पुलिस को अर्जी देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी लेकिन केस नहीं दर्ज हुआ तो मामला न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया था। न्यायालय ने सुनवाई शुरू की मगर कोविड के कारण प्रक्रिया बाधित रही। अंत में न्यायालय ने थानाध्यक्ष सफदरगंज को आदेश दिया कि एफआईआर दर्ज कर विवेचना करें और एफआईआर की कॉपी न्यायालय को भेजें।
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मामला कस्बा रामपुर कटरा थाना सफदरगंज का है। रामपुर भवानीपुर निवासी अजय कुमार कनौजिया की ओर से कोर्ट पर प्रस्तुत मामले में कहा गया है कि वह अनुसूचित जाति का है और न्यूज चैनल का रिपोर्टर है। वह 15 अगस्त 2020 को 10 बजे रिपोर्टिंग के आशय से रामपुर कटरा स्थित मदरसा दारुलउलूम पहुंचा जहां राष्ट्रीय ध्वज न लगा देखकर प्रबंधक मौलाना उबेर से पूछा तो उन्होंने कहा कि वे राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराते।
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क्योंकि स्वतंत्रता दिवस उनका नहीं है और यह पूछने का अधिकार आपको नहीं है। प्रबंधक ने उन्हें जातिसूचक गालियां दी व मारापीटा था। मौलाना उबेर पर पापुलर फ्रंट के बैनर तले सांप्रदायिक उन्माद फैलाने का मामला भी पुलिस में दर्ज है। याची ने इस मामले में अतीक को भी आरोपी दर्शाया है।
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याची ने पूर्व में पुलिस को अर्जी देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी लेकिन केस नहीं दर्ज हुआ तो मामला न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया था। न्यायालय ने सुनवाई शुरू की मगर कोविड के कारण प्रक्रिया बाधित रही। अंत में न्यायालय ने थानाध्यक्ष सफदरगंज को आदेश दिया कि एफआईआर दर्ज कर विवेचना करें और एफआईआर की कॉपी न्यायालय को भेजें।