{"_id":"680d2d39e21b1f0fbb0b26b4","slug":"lives-are-going-at-over-speed-no-arrangements-to-stop-them-barabanki-news-c-315-1-brp1005-138060-2025-04-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: ओवर स्पीड में जा रही जानें, रोकने के इंतजाम नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: ओवर स्पीड में जा रही जानें, रोकने के इंतजाम नहीं
Sun, 27 Apr 2025 12:30 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 27 Apr 2025 12:30 AM IST
विज्ञापन
बाराबंकी। बाराबंकी। जिले में हो रहे सड़क हादसों का मुख्य कारण वाहनों की तेज रफ्तार है। हाईवे पर फर्राटा भरते ओवर स्पीड वाहनों को रोकने के लिए यातायात पुलिस के पास पर्याप्त संसाधन भी मुहैया नहीं हैं। निगरानी के नाम पर परिवहन विभाग के पास केवल एक इंटरसेप्टर और पुलिस के पास सिर्फ एक स्पीड लेजर गन है। यह बात यातायात पुलिस ने जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सौंपी रिपोर्ट में स्वीकार की है।
रफ्तार के कारण बढ़ते सड़क हादसों में लोग अपनी जान भी गंवा रहे हैं। वर्ष 2024 में जिले में कुल 527 लोगों ने सड़क हादसों के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी। यानी हर 17 घंटे में एक इंसान की जान ओवर स्पीड के कारण गई। जिले से पांच लखनऊ-अयोध्या, बाराबंकी-बहराइच, लखनऊ-सुल्तानपुर, किसान पथ और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे गुजरते हैं। इन सड़कों पर रोजाना औसतन सवा लाख वाहन दौड़ते हैं। जिले में साढ़े चार लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। इस कारण सड़कों पर भी वाहनों का भारी दबाव रहता है।
यातायात पुलिस ने बीते दो माह में करीब कुल 3300 चालान ओवर स्पीडिंग में किए है। इसके बावजूद ओवरटेकिंग, गलत साइड चलना और नशे में वाहन चलाने के कारण होने वाले हादसों की संख्या पर लगाम नहीं कस पा रही है। एआरटीओ अंकिता शुक्ला का कहना है कि दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण ओवर स्पीडिंग होता है। इसको कम करने के लिए पूर्वांचल एक्सप्रेस पर आईटीएमएस कैमरे से और अयोध्या रोड पर इंटरसेप्टर वाहन से ओवर स्पीडिंग के चालान किए जा रहे हैं। निर्धारित अंतराल पर लोगो को रफ्तार के कहर के कारण होने वाले हादसों की रोकथाम के लिए जागरूक बनाने के कार्यक्रम भी आयोजित कराए जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
रफ्तार के कारण बढ़ते सड़क हादसों में लोग अपनी जान भी गंवा रहे हैं। वर्ष 2024 में जिले में कुल 527 लोगों ने सड़क हादसों के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी। यानी हर 17 घंटे में एक इंसान की जान ओवर स्पीड के कारण गई। जिले से पांच लखनऊ-अयोध्या, बाराबंकी-बहराइच, लखनऊ-सुल्तानपुर, किसान पथ और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे गुजरते हैं। इन सड़कों पर रोजाना औसतन सवा लाख वाहन दौड़ते हैं। जिले में साढ़े चार लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। इस कारण सड़कों पर भी वाहनों का भारी दबाव रहता है।
विज्ञापन
यातायात पुलिस ने बीते दो माह में करीब कुल 3300 चालान ओवर स्पीडिंग में किए है। इसके बावजूद ओवरटेकिंग, गलत साइड चलना और नशे में वाहन चलाने के कारण होने वाले हादसों की संख्या पर लगाम नहीं कस पा रही है। एआरटीओ अंकिता शुक्ला का कहना है कि दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण ओवर स्पीडिंग होता है। इसको कम करने के लिए पूर्वांचल एक्सप्रेस पर आईटीएमएस कैमरे से और अयोध्या रोड पर इंटरसेप्टर वाहन से ओवर स्पीडिंग के चालान किए जा रहे हैं। निर्धारित अंतराल पर लोगो को रफ्तार के कहर के कारण होने वाले हादसों की रोकथाम के लिए जागरूक बनाने के कार्यक्रम भी आयोजित कराए जाते हैं।
विज्ञापन