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Barabanki News: हर गांव में खुलेगा आजीविका केंद्र, 12 हजार महिलाओं को मिलेगा रोजगार
Wed, 03 Jul 2024 04:41 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 03 Jul 2024 04:41 AM IST
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एक ही छत के नीचे बुटीक, ब्यूटी पार्लर और जनरल स्टोर की होगी सुविधा
एक माह में प्रत्येक ब्लॉक में तैयार हो जाएंगे मॉडल आजीविका केंद्र
मनरेगा से सरकारी जमीन पर बनाया जाएगा भवन
बाराबंकी। जिले के प्रत्येक गांव में ही सभी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए आजीविका केंद्र खोलने का फैसला लिया गया है। 1155 ग्राम पंचायतों में शुरू होने वाले इस आजीविका केंद्र में स्वयं सहायता समूह की 12 हजार महिलाओं को रोजगार मिलेगा। डीएम ने सभी खंड विकास अधिकारियों के साथ बैठक कर जल्द ही इसे अंजाम देने के निर्देश दिए हैं। सरकारी जमीन पर मनरेगा से प्रत्येक ब्लॉक में मॉडल केंद्र का निर्माण एक माह में पूरा करने का फैसला लिया गया है। इसके बाद गांव स्तर पर निर्माण कराया जाएगा। यही नहीं इन केंद्रों पर स्वयं सहायता समूह की निर्मित वस्तुएं बेची जाएंगी।
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार का फैसला धरातल पर उतरा तो 12 हजार महिलाओं को रोजगार के साथ ही एक छत के नीचे बुटीक, ब्यूटीपार्लर, कपड़ा और जनरल स्टोर का सामान मुहैया कराया जाएगा। स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार की किए जा रहे सर्फ डिटरजेंट, फिनायल व सफाई की अन्य स्वच्छता किट के अलावा चिप्स, पापड़, अचार, पीने के पानी से लेकर बर्मी कंपोस्ट खाद तक उपलब्ध होगी। यही नहीं महिलाओं द्वारा बुटीक और ब्यूटी पार्लर का कार्य भी किया जाएगा। डीएम ने बताया कि सभी बीडीओ के साथ बैठक कर पूरे जिले में लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। पहले चक्र में प्रत्येक ब्लॉक के एक गांव में आजीविका केंद्र एक महीने में तैयार कर दिया जाएगा। जिसे मॉडल के रूप में देखा जाएगा। (संवाद)
मनरेगा से ग्राम समाज की भूमि पर बनेगा भवन
मनरेगा के तहत प्रत्येक गांव में सरकारी जमीन को चिह्नित कर आजीविका केंद्र के रूप में भवन का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों को जमीन चिह्नित करने से लेकर कार्य स्वीकृति और भवन निर्माण के नक्शे को भी तैयार कराया जा रहा है।
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एक माह में प्रत्येक ब्लॉक में तैयार हो जाएंगे मॉडल आजीविका केंद्र
मनरेगा से सरकारी जमीन पर बनाया जाएगा भवन
बाराबंकी। जिले के प्रत्येक गांव में ही सभी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए आजीविका केंद्र खोलने का फैसला लिया गया है। 1155 ग्राम पंचायतों में शुरू होने वाले इस आजीविका केंद्र में स्वयं सहायता समूह की 12 हजार महिलाओं को रोजगार मिलेगा। डीएम ने सभी खंड विकास अधिकारियों के साथ बैठक कर जल्द ही इसे अंजाम देने के निर्देश दिए हैं। सरकारी जमीन पर मनरेगा से प्रत्येक ब्लॉक में मॉडल केंद्र का निर्माण एक माह में पूरा करने का फैसला लिया गया है। इसके बाद गांव स्तर पर निर्माण कराया जाएगा। यही नहीं इन केंद्रों पर स्वयं सहायता समूह की निर्मित वस्तुएं बेची जाएंगी।
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार का फैसला धरातल पर उतरा तो 12 हजार महिलाओं को रोजगार के साथ ही एक छत के नीचे बुटीक, ब्यूटीपार्लर, कपड़ा और जनरल स्टोर का सामान मुहैया कराया जाएगा। स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार की किए जा रहे सर्फ डिटरजेंट, फिनायल व सफाई की अन्य स्वच्छता किट के अलावा चिप्स, पापड़, अचार, पीने के पानी से लेकर बर्मी कंपोस्ट खाद तक उपलब्ध होगी। यही नहीं महिलाओं द्वारा बुटीक और ब्यूटी पार्लर का कार्य भी किया जाएगा। डीएम ने बताया कि सभी बीडीओ के साथ बैठक कर पूरे जिले में लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। पहले चक्र में प्रत्येक ब्लॉक के एक गांव में आजीविका केंद्र एक महीने में तैयार कर दिया जाएगा। जिसे मॉडल के रूप में देखा जाएगा। (संवाद)
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मनरेगा से ग्राम समाज की भूमि पर बनेगा भवन
मनरेगा के तहत प्रत्येक गांव में सरकारी जमीन को चिह्नित कर आजीविका केंद्र के रूप में भवन का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों को जमीन चिह्नित करने से लेकर कार्य स्वीकृति और भवन निर्माण के नक्शे को भी तैयार कराया जा रहा है।
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