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हत्यारे को आजीवन कारावास, सवा लाख जुर्माना भी
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बाराबंकी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मंजुला सरकार ने हत्या के मामले में एक आरोपी के आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी को एक लाख पच्चीस हजार रुपये अर्थदंड भुगतने का भी आदेश दिया है जिसमें से 50 हजार रुपये की राशि वादी को दी जाएगी।
सहायक शासकीय अधिवक्ता राजकुमार वर्मा के अनुसार थाना पटरंगा के इचौलिया के निवासी मोहम्मद शमीम ने 10 अगस्त 2008 को थाना जीआरपी को प्रार्थना दिया था। जिसमें उसने बताया है कि उसके लड़के मोबीन का विवाह थाना दरियाबाद के ग्राम जेठौती राजपूतन निवासी शेर मोहम्मद की बहन माजदा के साथ हुआ था।
मोबीन मुंबई में खराद मशीन पर कार्य करता था। शेर मोहम्मद ने मोबीन से 70 हजार रुपये उधार लिया था। मोबीन के कई बार मांगने पर शेर मोहम्मद ने वापस नहीं किया। बल्कि माजदा को अपने घर पर बुलाकर रोक लिया। पंचायत के बाद शेर मोहम्मद ने अपनी बहन माजदा को मोबीन के घर भेजा था।
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7 अगस्त 2008 को मोबीन मुंबई से अपनी ससुराल पहुंचा। उसी दिन मोहम्मद शमीम के गांव के प्रधान संतशरन यादव के पास शेर मोहम्मद ने फोन करके बताया कि मोबीन झगड़ा कर रहा है। दूसरे दिन मोबीन के ट्रेन से कटने की सूचना मिली। घटना की रिपोर्ट मृतक के पिता मोहम्मद शमीम ने दर्ज कराई थी।
गवाहों के बयान तथा टेलीफोन की बातचीत व शरीर पर मृत्यु के पूर्व आई चोटों के आधार पर कोर्ट ने अभियुक्त शेर मोहम्मद को हत्या व साक्ष्य छिपाने के आरोप में दोषी पाते हुए उम्रकैद व एक लाख पच्चीस रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जिसमें से 50 हजार रुपये वादी को दिए जाएंगे। कोर्ट ने सह आरोपी मोहम्मद मुकीम को संदेह के लाभ में बरी कर दिया।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता राजकुमार वर्मा के अनुसार थाना पटरंगा के इचौलिया के निवासी मोहम्मद शमीम ने 10 अगस्त 2008 को थाना जीआरपी को प्रार्थना दिया था। जिसमें उसने बताया है कि उसके लड़के मोबीन का विवाह थाना दरियाबाद के ग्राम जेठौती राजपूतन निवासी शेर मोहम्मद की बहन माजदा के साथ हुआ था।
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मोबीन मुंबई में खराद मशीन पर कार्य करता था। शेर मोहम्मद ने मोबीन से 70 हजार रुपये उधार लिया था। मोबीन के कई बार मांगने पर शेर मोहम्मद ने वापस नहीं किया। बल्कि माजदा को अपने घर पर बुलाकर रोक लिया। पंचायत के बाद शेर मोहम्मद ने अपनी बहन माजदा को मोबीन के घर भेजा था।
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7 अगस्त 2008 को मोबीन मुंबई से अपनी ससुराल पहुंचा। उसी दिन मोहम्मद शमीम के गांव के प्रधान संतशरन यादव के पास शेर मोहम्मद ने फोन करके बताया कि मोबीन झगड़ा कर रहा है। दूसरे दिन मोबीन के ट्रेन से कटने की सूचना मिली। घटना की रिपोर्ट मृतक के पिता मोहम्मद शमीम ने दर्ज कराई थी।
गवाहों के बयान तथा टेलीफोन की बातचीत व शरीर पर मृत्यु के पूर्व आई चोटों के आधार पर कोर्ट ने अभियुक्त शेर मोहम्मद को हत्या व साक्ष्य छिपाने के आरोप में दोषी पाते हुए उम्रकैद व एक लाख पच्चीस रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जिसमें से 50 हजार रुपये वादी को दिए जाएंगे। कोर्ट ने सह आरोपी मोहम्मद मुकीम को संदेह के लाभ में बरी कर दिया।