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हत्याआरोपी को आजीवन कारावास, 22 हजार जुर्माना
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बाराबंकी। अपर सत्र न्यायाधीश मौसमी मदेसिया ने थाना मोहम्मदपुर खाला में 2008 में हुये राजेंद्र गोडिया हत्याकांड का फैसला सुनाते हुये अभियुक्त रामचंद्र त्रिवेदी को आजीवन कारावास व 22 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
विशेष शासकीय अधिवक्ता वरुण मिश्रा ने बताया कि वादी राममूर्ति निवासी मालमोहर बल्लोपुर ने 12 फरवरी 2008 को मोहम्मदपुर थाना में तहरीर देकर कहा था कि करीब छह बजे शाम गेहूं के खेत मे गांव के रामचंद्र त्रिवेदी की भैंस चर रही थी। जिसकी जानकारी बड़े भाई राजेंद्र गोड़िया ने रामचंद्र त्रिवेदी के घर जाकर दी और भैंस बांधने को कहा। इससे रामचंद्र त्रिवेदी व उनके भाई गोवर्धन नाराज हो गए। कहा कि मेरे दरवाजे शिकायत करने आ गये, अभी मजा चखाता हूं।
इतना कहकर घर से अपनी लाइसेंसी बंदूक लेकर दोनों लोगों ने राजेंद्र को मारने के लिये दौड़ाया। राजेंद्र चिल्लाता हुआ अपने घर की ओर भागा लेकिन दौड़ा कर काशी राम के दरवाजे के निकट रामचंद्र त्रिवेदी ने राजेंद्र गोड़िया को गोली मार कर हत्या कर दी थी। इसके बाद दहशत फैलाने के लिऐ रामचंद्र व उनके भाई गोवर्धन ने कई फायर झोंके थे। गोवर्धन की मुकदमा के दौरान मृत्यु हो गई। गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात न्यायाधीश ने अभियुक्त रामचंद्र त्रिवेदी को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 22 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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विशेष शासकीय अधिवक्ता वरुण मिश्रा ने बताया कि वादी राममूर्ति निवासी मालमोहर बल्लोपुर ने 12 फरवरी 2008 को मोहम्मदपुर थाना में तहरीर देकर कहा था कि करीब छह बजे शाम गेहूं के खेत मे गांव के रामचंद्र त्रिवेदी की भैंस चर रही थी। जिसकी जानकारी बड़े भाई राजेंद्र गोड़िया ने रामचंद्र त्रिवेदी के घर जाकर दी और भैंस बांधने को कहा। इससे रामचंद्र त्रिवेदी व उनके भाई गोवर्धन नाराज हो गए। कहा कि मेरे दरवाजे शिकायत करने आ गये, अभी मजा चखाता हूं।
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इतना कहकर घर से अपनी लाइसेंसी बंदूक लेकर दोनों लोगों ने राजेंद्र को मारने के लिये दौड़ाया। राजेंद्र चिल्लाता हुआ अपने घर की ओर भागा लेकिन दौड़ा कर काशी राम के दरवाजे के निकट रामचंद्र त्रिवेदी ने राजेंद्र गोड़िया को गोली मार कर हत्या कर दी थी। इसके बाद दहशत फैलाने के लिऐ रामचंद्र व उनके भाई गोवर्धन ने कई फायर झोंके थे। गोवर्धन की मुकदमा के दौरान मृत्यु हो गई। गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात न्यायाधीश ने अभियुक्त रामचंद्र त्रिवेदी को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 22 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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