{"_id":"5ff3658a8ebc3e3ba47b5ba7","slug":"kisan-samman-nidhi-barabanki-news-lko5581749167","type":"story","status":"publish","title_hn":"1000 किसानों की दूसरों के खातों में भेजी जा रही सम्मान निधि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
1000 किसानों की दूसरों के खातों में भेजी जा रही सम्मान निधि
विज्ञापन
बाराबंकी। पीएम मोदी की लोकप्रिय प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभ के लिए भले ही दो साल से चक्कर काट रहे साढ़े 18 हजार किसानों को एक भी किस्त न मिली हो। मगर, जिले के 1000 किसानों की सम्मान निधि दूसरे के खातों में भेजी जा रही थी। किसानों की शिकायत मिलने के बाद कृषि विभाग जागा। आननफानन में 896 किसानों की समस्या का समाधान कर दूसरों के खाते में जा रही राशि पर रोक तो लगवा दी। मगर, तब तक छह किस्तों के रूप में करीब सवा करोड़ रुपये की राशि दूसरों के खाते में जा चुकी थी। जबकि वास्तविक किसान सम्मान निधि पाने की बाट जोहते रहे।
जिले में पांच लाख 68 हजार 815 काश्तकार है। इसमें प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना के तहत पंजीकरण कराने वाले पांच लाख चार हजार 631 किसान पात्र पाए गए। इसमें से चार लाख 62 हजार 964 किसानों को सम्मान निधि का लाभ मिला। इसमें से 1000 किसानों की सम्मान निधि दूसरे के खातों में भेजी जा रही थी। पहली किस्त का लाभ पाने वाले किसानों को भले ही आगे की किस्तों का लाभ न मिला हो। मगर, दूसरे के खातों में छह किस्त तक सम्मान निधि जाती रही।
किसानों की शिकायत मिलने पर कृषि विभाग जागा तो करीब एक हजार किसान ऐसे पाए गए जिनकी करीब सवा करोड़ रुपये की राशि दूसरों के खाते भेजी जा चुकी थी। इसमें से आननफानन में 896 किसानों की समस्या का समाधान कर दूसरों के खाते में जा रही सम्मान निधि पर रोक लगवा दी गई। मगर, ये किसान सम्मान निधि से वंचित रह गए। वहीं जिले के साढ़े 18 हजार काश्तकार ऐसे हैं जो दो साल से सम्मान निधि को लेकर कृषि विभाग के चक्कर काट रहे है। बावजूद इसके सम्मान निधि की एक भी किस्त उन्हें नहीं मिली। जबकि इन किसानों ने विभाग में कई बार अपने दस्तावेज भी जमा किए।
विज्ञापन
90 अपात्रों को भेेजा गया रिकवरी का नोटिस
सम्मान निधि का लाभ ले रहे 90 अपात्रों को सम्मान निधि की राशि सरकारी खाते में लौटाने का नोटिस उप कृषि निदेशक ने भेजा है। वहीं इससे पहले 73 अपात्रों ने 5.60 लाख रुपये की राशि वापस लौटाई है। अब 1000 किसानों की सम्मान निधि ले रहे लोगों से राशि की रिकवरी कराना विभाग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
करीब एक हजार किसानों की सम्मान निधि की राशि दूसरों के खाते में जा रही थी। इसको लेकर अधिकांश की समस्या का समाधान कर दिया गया है। अब इन किसानों को अगली किस्त के रूप में लाभ मिलने लगेगा। वहीं जिन खातों में राशि भेजी गई है। उनसे रिकवरी कराई जाएगी। जिन साढ़े 18 हजार किसानों को सम्मान निधि नहीं मिल रही। उनके आधार व खाते में केवाईसी आदि की समस्या को दूर किया जा रहा है। जल्द ही इन्हें भी सम्मान निधि का लाभ मिलने लगेगा।
-अनिल कुमार सागर, उप कृषि निदेशक
विज्ञापन
जिले में पांच लाख 68 हजार 815 काश्तकार है। इसमें प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना के तहत पंजीकरण कराने वाले पांच लाख चार हजार 631 किसान पात्र पाए गए। इसमें से चार लाख 62 हजार 964 किसानों को सम्मान निधि का लाभ मिला। इसमें से 1000 किसानों की सम्मान निधि दूसरे के खातों में भेजी जा रही थी। पहली किस्त का लाभ पाने वाले किसानों को भले ही आगे की किस्तों का लाभ न मिला हो। मगर, दूसरे के खातों में छह किस्त तक सम्मान निधि जाती रही।
विज्ञापन
किसानों की शिकायत मिलने पर कृषि विभाग जागा तो करीब एक हजार किसान ऐसे पाए गए जिनकी करीब सवा करोड़ रुपये की राशि दूसरों के खाते भेजी जा चुकी थी। इसमें से आननफानन में 896 किसानों की समस्या का समाधान कर दूसरों के खाते में जा रही सम्मान निधि पर रोक लगवा दी गई। मगर, ये किसान सम्मान निधि से वंचित रह गए। वहीं जिले के साढ़े 18 हजार काश्तकार ऐसे हैं जो दो साल से सम्मान निधि को लेकर कृषि विभाग के चक्कर काट रहे है। बावजूद इसके सम्मान निधि की एक भी किस्त उन्हें नहीं मिली। जबकि इन किसानों ने विभाग में कई बार अपने दस्तावेज भी जमा किए।
विज्ञापन
90 अपात्रों को भेेजा गया रिकवरी का नोटिस
सम्मान निधि का लाभ ले रहे 90 अपात्रों को सम्मान निधि की राशि सरकारी खाते में लौटाने का नोटिस उप कृषि निदेशक ने भेजा है। वहीं इससे पहले 73 अपात्रों ने 5.60 लाख रुपये की राशि वापस लौटाई है। अब 1000 किसानों की सम्मान निधि ले रहे लोगों से राशि की रिकवरी कराना विभाग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
करीब एक हजार किसानों की सम्मान निधि की राशि दूसरों के खाते में जा रही थी। इसको लेकर अधिकांश की समस्या का समाधान कर दिया गया है। अब इन किसानों को अगली किस्त के रूप में लाभ मिलने लगेगा। वहीं जिन खातों में राशि भेजी गई है। उनसे रिकवरी कराई जाएगी। जिन साढ़े 18 हजार किसानों को सम्मान निधि नहीं मिल रही। उनके आधार व खाते में केवाईसी आदि की समस्या को दूर किया जा रहा है। जल्द ही इन्हें भी सम्मान निधि का लाभ मिलने लगेगा।
-अनिल कुमार सागर, उप कृषि निदेशक