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Barabanki News: संपत्ति के लालच में हुई थी जयप्रकाश की हत्या
Thu, 08 Jun 2023 01:04 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 08 Jun 2023 01:04 AM IST
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बाराबंकी। बड्डूपुर थाना क्षेत्र के बड़ागांव में चार महीने पहले हुए किसान जयप्रकाश हत्याकांड का खुलासा पुलिस ने बुधवार को कर दिया। हत्या संपत्ति के लालच में हुई थी। पुलिस ने गांव में ही रहने वाले पिता व दो पुत्रों को गिरफ्तार कर खून से सनी ईंट बरामद की है।
बीती 21 फरवरी को बड्डूपुर थाना क्षेत्र के बड़ागांव में जयप्रकाश वर्मा का शव उसके घर के पीछे इंटरलाॅकिंग ईंट बनाने वाले कारखाने के परिसर में पाया गया था। पुलिस ने बुधवार को बड़ागांव के ही निवासी दीनानाथ, उसके पुत्र रोहित प्रताप उर्फ रिंटू व सत्य प्रकाश उर्फ टिंकू को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, जयप्रकाश अकेला था। एक बहन अपनी ससुराल दलजीत सराय गांव में रहती है। दीनानाथ मूल रूप से देवरिया जिले का है, लेकिन बचपन से ही अपने बहनोई रामविलास के साथ बड़ागांव में रहने लगा। यहीं जयप्रकाश से उसकी दोस्ती हो गई। जयप्रकाश ने उसे जमीन दी और उसके अवैैध संबंध दीनानाथ की पत्नी से हो गए थे।
जयप्रकाश ने अपनी संपत्ति दीनानाथ, उसकी पत्नी व बेटों को देने की बात कही थी। उसने सीमेंट ईंट कारखाना लगाने के लिए दीनानाथ को अपनी जमीन दी थी और उसी कारखाने के बगल में धर्मकांटा खोलने के लिए अपने नाम जमीन खरीद ली। इसका दीनानाथ ने विरोध किया तो दोनों में विवाद हो गया। जयप्रकाश ने अपनी संपत्ति अपने भांजे धर्मेन्द्र वर्मा के नाम करने की धमकी दी।
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इसी को लेकर 20 फरवरी की रात दीनानाथ ने पुत्र रोहित व सत्यप्रकाश के साथ मिलकर ईंट कारखाना में सोते समय जयप्रकाश की ईंट से कूंचकर हत्या कर दी। वारदात के बाद दीनानाथ की ओर से पुलिस से अपनी पत्नी को जयप्रकाश की पत्नी बताया व मृतक की बहन सावित्री उर्फ कालिंदी के नाम वरासत होने से रोकने के लिए खुद को वारिस बताकर आपत्ति दायर की गई थी। एसपी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि संपत्ति के लालच में दीनानाथ व उसके पुत्रों ने हत्या की है।
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बीती 21 फरवरी को बड्डूपुर थाना क्षेत्र के बड़ागांव में जयप्रकाश वर्मा का शव उसके घर के पीछे इंटरलाॅकिंग ईंट बनाने वाले कारखाने के परिसर में पाया गया था। पुलिस ने बुधवार को बड़ागांव के ही निवासी दीनानाथ, उसके पुत्र रोहित प्रताप उर्फ रिंटू व सत्य प्रकाश उर्फ टिंकू को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, जयप्रकाश अकेला था। एक बहन अपनी ससुराल दलजीत सराय गांव में रहती है। दीनानाथ मूल रूप से देवरिया जिले का है, लेकिन बचपन से ही अपने बहनोई रामविलास के साथ बड़ागांव में रहने लगा। यहीं जयप्रकाश से उसकी दोस्ती हो गई। जयप्रकाश ने उसे जमीन दी और उसके अवैैध संबंध दीनानाथ की पत्नी से हो गए थे।
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जयप्रकाश ने अपनी संपत्ति दीनानाथ, उसकी पत्नी व बेटों को देने की बात कही थी। उसने सीमेंट ईंट कारखाना लगाने के लिए दीनानाथ को अपनी जमीन दी थी और उसी कारखाने के बगल में धर्मकांटा खोलने के लिए अपने नाम जमीन खरीद ली। इसका दीनानाथ ने विरोध किया तो दोनों में विवाद हो गया। जयप्रकाश ने अपनी संपत्ति अपने भांजे धर्मेन्द्र वर्मा के नाम करने की धमकी दी।
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इसी को लेकर 20 फरवरी की रात दीनानाथ ने पुत्र रोहित व सत्यप्रकाश के साथ मिलकर ईंट कारखाना में सोते समय जयप्रकाश की ईंट से कूंचकर हत्या कर दी। वारदात के बाद दीनानाथ की ओर से पुलिस से अपनी पत्नी को जयप्रकाश की पत्नी बताया व मृतक की बहन सावित्री उर्फ कालिंदी के नाम वरासत होने से रोकने के लिए खुद को वारिस बताकर आपत्ति दायर की गई थी। एसपी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि संपत्ति के लालच में दीनानाथ व उसके पुत्रों ने हत्या की है।