{"_id":"61897c2902e5745381782ba8","slug":"jail-barabanki-news-lko6035603165","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्रूखाबाद की घटना के बाद जिला कारागार में बढ़ाई गई चौकसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्रूखाबाद की घटना के बाद जिला कारागार में बढ़ाई गई चौकसी
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बाराबंकी। फर्रुखाबाद जेल में बंदियों के द्वारा किए गए बवाल के बाद जिला कारगार में भी चौकसी बढ़ा दी गई है। इसके तहत जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों से चप्पे चप्पे की निगरानी के साथ ही बंदी रक्षकों की गश्त भी तेज कर दी गयी है। वर्तमान में कारागार में 900 की क्षमता वाले बैरक में 1350 बंदी व कैदी बंद हैं। जेल अधीक्षक हरिबक्श सिंह ने सोमवार को पूरे जेल परिसर का भ्रमण कर सुरक्षा का हाल देखा व मातहतों को जरूरी निर्देश भी दिए।
जिला जेल में कचहरी सीरियल ब्लास्ट से जुड़े आतंकी से लेकर बाहुबली मुख्तार अंसारी के गुर्गे समेत कई शातिर बदमाश सजा काट रहे हैं। इसके अलावा गैर जिलों से प्रशासनिक आधार पर यहां भेजे गए कई शातिर बंदी भी कैद काट रहे हैं। इन सभी की निगरानी के लिए जेल में करीब 30 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनका कंट्रोल रूम जेल अधीक्षक के कार्यालय में बनाया गया है। कारागार में बंदी रक्षकों की कमी दूर कराने को 35 बंदी रक्षकों की तैनाती भी की गयी है।
जिला कारागार अतिसंवेदनशील की श्रेणी में आता है। यहां पर पूर्व में तैनात रहे एक डिप्टी जेलर को जहां मुख्य गेट पर बदमाशों ने गोली मार दी थी वहीं एक अन्य डिप्टी जेलर के आवास पर फायरिंग कर दहशत फैलाई गई थी। इसके साथ ही वर्ष 2015 में तैनात रहे एक जेल अधीक्षक को गोरखपुर के एक बदमाश ने आवास समेत बम से उड़ाने की धमकी दी थी।
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कारागार में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम है। एक एक बैरक का प्रतिदिन सघन निरीक्षण होता है। सीसीटीवी कैमरों से भी पल पल की निगरानी होती है। 35 नए बंदी रक्षकों की तैनाती से भी निगरानी में तेजी आयी है।
हरिबक्श सिंह, जेल अधीक्षक
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जिला जेल में कचहरी सीरियल ब्लास्ट से जुड़े आतंकी से लेकर बाहुबली मुख्तार अंसारी के गुर्गे समेत कई शातिर बदमाश सजा काट रहे हैं। इसके अलावा गैर जिलों से प्रशासनिक आधार पर यहां भेजे गए कई शातिर बंदी भी कैद काट रहे हैं। इन सभी की निगरानी के लिए जेल में करीब 30 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनका कंट्रोल रूम जेल अधीक्षक के कार्यालय में बनाया गया है। कारागार में बंदी रक्षकों की कमी दूर कराने को 35 बंदी रक्षकों की तैनाती भी की गयी है।
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जिला कारागार अतिसंवेदनशील की श्रेणी में आता है। यहां पर पूर्व में तैनात रहे एक डिप्टी जेलर को जहां मुख्य गेट पर बदमाशों ने गोली मार दी थी वहीं एक अन्य डिप्टी जेलर के आवास पर फायरिंग कर दहशत फैलाई गई थी। इसके साथ ही वर्ष 2015 में तैनात रहे एक जेल अधीक्षक को गोरखपुर के एक बदमाश ने आवास समेत बम से उड़ाने की धमकी दी थी।
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कारागार में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम है। एक एक बैरक का प्रतिदिन सघन निरीक्षण होता है। सीसीटीवी कैमरों से भी पल पल की निगरानी होती है। 35 नए बंदी रक्षकों की तैनाती से भी निगरानी में तेजी आयी है।
हरिबक्श सिंह, जेल अधीक्षक