{"_id":"640a353cc6df0f00ac0eb834","slug":"it-rained-a-lot-people-danced-to-the-tunes-of-dj-barabanki-news-c-13-1-120232-2023-03-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: खूब बरसा रंग, डीजे की धुनों पर थिरके लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: खूब बरसा रंग, डीजे की धुनों पर थिरके लोग
Fri, 10 Mar 2023 01:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Fri, 10 Mar 2023 01:06 AM IST
विज्ञापन
बाराबंकी। करीब दो-तीन साल बाद होली का ऐसा उत्साह जिले में देखने को मिला। शहर से लेकर गांवों तक होली की धूम रही। यूं तो रंग खेलने का सिलसिला दो-तीन दिनों से चल रहा था, मगर बुधवार को सुबह सात से दोपहर दो बजे तक खूब रंग बरसा। इस दौरान डीजे, भांगड़ा व ढोल मंजीरों की धुन पर लोग झूमते रहे। सड़कें तक रंगीन हो गईं।
शहर में होली का अभूतपूर्व दृश्य सामने आया। घंटाघर से धनोखर चौराहे पर सुबह से ही हजारों की संख्या में केवल युवा ही नहीं बल्कि महिलाएं, बच्चे और बड़े-बूढ़े अबीर और गुलाल से सराबोर हो गए। अबीर गुलाल उड़ाते लोग राधे-राधे जप रहे थे। एक साथ हजारों की भीड़ ने जब झूमना शुरू किया तो देखने वालों भी खुद को रोक नहीं सके।
दरअसल शहर में सुबह श्रद्धालुओं की प्रभातफेरी निकलती है। बुधवार को होली के दिन यह प्रभातफेरी भी होरियारों की टोली में शामिल हो गई तो अद्भुत नजारा सामने आया। फूलों की होली के बाद लोगों ने खूब गुलाल उड़ाया। लोगों ने कई रंग का गुलाल उड़ाया तो सतरंगी छटा बिखर गई। सांसद उपेंद्र रावत भी इसमें शामिल हुए।
विज्ञापन
स्वरोही डांस एकेडमी के कलाकारों ने नृत्य कर समां बांध दिया। लोगों ने सेल्फी लेने व वीडियो बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उधर, बुधवार शाम नागेश्वरनाथ मंदिर परिसर में होली मिलन समारोह में शहर भर से लोगों ने भाग लिया। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष शशांक कुशमेश, विनोद गाबा, प्रभात वर्मा, सौरभ गुप्ता, महावीर अग्रवाल आदि मौजूद रहे। पौराणिक तीर्थ स्थल लोधेश्वर महादेवा में श्रद्धालुओं ने अपने आराध्य भोलेनाथ की पूजा-अर्चना कर उन्हें अबीर गुलाल अर्पित किया। यहां पर सभी धर्म के लोगों ने एक साथ होली खेली। कस्बे में सुबह से लेकर शाम तक रंग खेला गया।
शाम को अंत में कस्बे के राजा रत्नाकर सिंह के यहां कस्बावासियों ने उनके साथ होली खेली और यहीं पर रंग का समापन हुआ। उधर, धार्मिक स्थल कोटवाधाम में बाबा के जयघोष के साथ होली होलिका दहन के बाद जुलूस शुरू हुआ जो पूरी रात चलता रहा। सुबह होते ही रंग शुरू हो गया। अमानियपुर गांव में होरियारों टोली के भजन गायक भोला ने होली खेले रघुवीरा अवध में... आदि गाए तो सभी नाचते गाते होली खेलते रहे।
फतेहपुर में होली के पर्व पर धूमधाम से चाचर जुलूस निकाला गया। मुंशीगंज बाजार से शुरु होकर जुलूस महावीर मार्ग, पचघरा, बाबा संगत, ब्लॉक तिराहा, तहसील चौराहा, बेलहरा चौराहा, मुंशीगंज, मस्तान रोड, नालापार दक्षिणी आदि मोहल्लों में भ्रमण करता हुआ समाप्त हुआ। होलिका दहन के साथ ही मंगलवार को शब-ए-बरात का पर्व भी होने के कारण पुलिस प्रशासन चाक चौबंद रहा।
ग्रामीण अंचलों में रही रंगोत्सव की धूम
रामसनेहीघाट, हैदरगढ़, सिरौलीगौसपुर, रामनगर, फतेहपुर तहसील क्षेत्र में होली का पर्व धूमधाम से मनाया गया। निंदूरा, बाबागंज, बजगहानी, भद्रास, जमुआ गांव में खूब रंग खेला गया। बाबा मस्तराम आश्रम दारापुर आश्रम से टोली बनाकर कीर्तन व भजन हुआ। कस्बा टिकैतगंज, कुर्सी, बाबागंज में होरियारी की टोलियों ने जुलूस निकाला और खूब गुलाल उड़ाया। मसौली में होली का पर्व धूमधाम से मनाया गया। जरौली के बुढि़या मैया मंदिर पर फाग गाए गए।
देवा दरगाह में हर धर्म के लोगों ने खेली होली
देवा (बाराबंकी)। सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की देवा स्थित दरगाह में परंपरागत रूप से खेली गई होली कौमी एकता एवं सौहार्द का प्रतीक रही। यहां हर धर्म के लोगों के हाथों में गुलाल दिखा। सुबह 10 बजे कौमी एकता द्वार से फूलों की होली के साथ देवा की होली शुरू हुई। उसके बाद जुलूस गाजे बाजे के साथ निर्धारित मार्गों से होता हुआ दोपहर 12 बजे मजार शरीफ प्रांगण पहुंचा। जहां पर फूलों की होली के बाद खूब अबीर गुलाल उड़ा। मजार पर देश के कोने-कोने से आए वारिस भक्तों ने जुलूस के साथ खूब रंग खेला। दोपहर साढ़े 12 बजे मजार पर रंग खेलने के बाद जुलूस का समापन हुआ।
विज्ञापन
शहर में होली का अभूतपूर्व दृश्य सामने आया। घंटाघर से धनोखर चौराहे पर सुबह से ही हजारों की संख्या में केवल युवा ही नहीं बल्कि महिलाएं, बच्चे और बड़े-बूढ़े अबीर और गुलाल से सराबोर हो गए। अबीर गुलाल उड़ाते लोग राधे-राधे जप रहे थे। एक साथ हजारों की भीड़ ने जब झूमना शुरू किया तो देखने वालों भी खुद को रोक नहीं सके।
विज्ञापन
दरअसल शहर में सुबह श्रद्धालुओं की प्रभातफेरी निकलती है। बुधवार को होली के दिन यह प्रभातफेरी भी होरियारों की टोली में शामिल हो गई तो अद्भुत नजारा सामने आया। फूलों की होली के बाद लोगों ने खूब गुलाल उड़ाया। लोगों ने कई रंग का गुलाल उड़ाया तो सतरंगी छटा बिखर गई। सांसद उपेंद्र रावत भी इसमें शामिल हुए।
विज्ञापन
स्वरोही डांस एकेडमी के कलाकारों ने नृत्य कर समां बांध दिया। लोगों ने सेल्फी लेने व वीडियो बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उधर, बुधवार शाम नागेश्वरनाथ मंदिर परिसर में होली मिलन समारोह में शहर भर से लोगों ने भाग लिया। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष शशांक कुशमेश, विनोद गाबा, प्रभात वर्मा, सौरभ गुप्ता, महावीर अग्रवाल आदि मौजूद रहे। पौराणिक तीर्थ स्थल लोधेश्वर महादेवा में श्रद्धालुओं ने अपने आराध्य भोलेनाथ की पूजा-अर्चना कर उन्हें अबीर गुलाल अर्पित किया। यहां पर सभी धर्म के लोगों ने एक साथ होली खेली। कस्बे में सुबह से लेकर शाम तक रंग खेला गया।
शाम को अंत में कस्बे के राजा रत्नाकर सिंह के यहां कस्बावासियों ने उनके साथ होली खेली और यहीं पर रंग का समापन हुआ। उधर, धार्मिक स्थल कोटवाधाम में बाबा के जयघोष के साथ होली होलिका दहन के बाद जुलूस शुरू हुआ जो पूरी रात चलता रहा। सुबह होते ही रंग शुरू हो गया। अमानियपुर गांव में होरियारों टोली के भजन गायक भोला ने होली खेले रघुवीरा अवध में... आदि गाए तो सभी नाचते गाते होली खेलते रहे।
फतेहपुर में होली के पर्व पर धूमधाम से चाचर जुलूस निकाला गया। मुंशीगंज बाजार से शुरु होकर जुलूस महावीर मार्ग, पचघरा, बाबा संगत, ब्लॉक तिराहा, तहसील चौराहा, बेलहरा चौराहा, मुंशीगंज, मस्तान रोड, नालापार दक्षिणी आदि मोहल्लों में भ्रमण करता हुआ समाप्त हुआ। होलिका दहन के साथ ही मंगलवार को शब-ए-बरात का पर्व भी होने के कारण पुलिस प्रशासन चाक चौबंद रहा।
ग्रामीण अंचलों में रही रंगोत्सव की धूम
रामसनेहीघाट, हैदरगढ़, सिरौलीगौसपुर, रामनगर, फतेहपुर तहसील क्षेत्र में होली का पर्व धूमधाम से मनाया गया। निंदूरा, बाबागंज, बजगहानी, भद्रास, जमुआ गांव में खूब रंग खेला गया। बाबा मस्तराम आश्रम दारापुर आश्रम से टोली बनाकर कीर्तन व भजन हुआ। कस्बा टिकैतगंज, कुर्सी, बाबागंज में होरियारी की टोलियों ने जुलूस निकाला और खूब गुलाल उड़ाया। मसौली में होली का पर्व धूमधाम से मनाया गया। जरौली के बुढि़या मैया मंदिर पर फाग गाए गए।
देवा दरगाह में हर धर्म के लोगों ने खेली होली
देवा (बाराबंकी)। सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की देवा स्थित दरगाह में परंपरागत रूप से खेली गई होली कौमी एकता एवं सौहार्द का प्रतीक रही। यहां हर धर्म के लोगों के हाथों में गुलाल दिखा। सुबह 10 बजे कौमी एकता द्वार से फूलों की होली के साथ देवा की होली शुरू हुई। उसके बाद जुलूस गाजे बाजे के साथ निर्धारित मार्गों से होता हुआ दोपहर 12 बजे मजार शरीफ प्रांगण पहुंचा। जहां पर फूलों की होली के बाद खूब अबीर गुलाल उड़ा। मजार पर देश के कोने-कोने से आए वारिस भक्तों ने जुलूस के साथ खूब रंग खेला। दोपहर साढ़े 12 बजे मजार पर रंग खेलने के बाद जुलूस का समापन हुआ।