{"_id":"60d7731a8ebc3e356c1b58f6","slug":"investigation-barabanki-news-lko584291620","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाला निर्माण में धांधली की शिकायत पर जांच करने पहुंची सीडीओ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नाला निर्माण में धांधली की शिकायत पर जांच करने पहुंची सीडीओ
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फतेहपुर (बाराबंकी)। एक वर्ष पूर्व हुए नाला निर्माण में अनियमितता की शिकायत पर जांच करने सीडीओ के नेतृत्व में तकनीकी दल नगर पंचायत फतेहपुर पहुंचा। तकनीकी दल ने करीब एक घंटे तक नाला निर्माण से जुड़ी सभी फाइलों को देखा, संबंधित अधिकारियों के बयान दर्ज किए। नाले का स्थलीय निरीक्षण भी किया।
फतेहपुर नगर पंचायत के काजीपुर वार्ड में नेशनल इंटर कॉलेज से यूनियन बैंक तक 58 मीटर लंबे नाला निर्माण का टेंडर निकाला गया था। चार लाख 98 हजार रुपये के प्रस्तावित बजट से नाला निर्माण स्थानीय ठेकेदार ने शुरू करवाया। नाला निर्माण में घटिया सामग्री के प्रयोग किये जाने की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर 27 मई 2020 को की गई। शिकायत को संज्ञान लेते हुए नगर पंचायत ने जेई को मौके पर भेजकर जांच कराई और निर्माण कार्य तत्काल रोके जाने के आदेश दिए।
आदेश को दरकिनार करते हुए ठेकेदार ने नाला निर्माण जारी रखा। ईओ ने निर्माण कार्य रुकवाने के लिए तीन नोटिस ठेकेदार को देने के साथ ठेकेदार को तीन साल के ब्लैक लिस्टेड कर दिया और भुगतान पर रोक लगा दी। इसकी जांच करने सीडीओ एकता सिंह तकनीकी दल के साथ शनिवार को मौके पर पहुंची।
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कार्यालय में नाला निर्माण से जुड़ी सभी फाइलों को देखा, संबंधित अधिकारियों के बयान दर्ज किए और स्थलीय निरीक्षण भी किया। सीडीओ ने कहा कि जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ईओ आदित्य प्रकाश ने बताया कि ठेकेदार ने कार्य रोके जाने के बावजूद निर्माण कराया, जिसके लिए उसे 6 जुलाई 2020 को तीन साल के लिए ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया। कहा कि ठेकेदार को नाला निर्माण का कोई भुगतान नहीं किया गया है।
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फतेहपुर नगर पंचायत के काजीपुर वार्ड में नेशनल इंटर कॉलेज से यूनियन बैंक तक 58 मीटर लंबे नाला निर्माण का टेंडर निकाला गया था। चार लाख 98 हजार रुपये के प्रस्तावित बजट से नाला निर्माण स्थानीय ठेकेदार ने शुरू करवाया। नाला निर्माण में घटिया सामग्री के प्रयोग किये जाने की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर 27 मई 2020 को की गई। शिकायत को संज्ञान लेते हुए नगर पंचायत ने जेई को मौके पर भेजकर जांच कराई और निर्माण कार्य तत्काल रोके जाने के आदेश दिए।
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आदेश को दरकिनार करते हुए ठेकेदार ने नाला निर्माण जारी रखा। ईओ ने निर्माण कार्य रुकवाने के लिए तीन नोटिस ठेकेदार को देने के साथ ठेकेदार को तीन साल के ब्लैक लिस्टेड कर दिया और भुगतान पर रोक लगा दी। इसकी जांच करने सीडीओ एकता सिंह तकनीकी दल के साथ शनिवार को मौके पर पहुंची।
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कार्यालय में नाला निर्माण से जुड़ी सभी फाइलों को देखा, संबंधित अधिकारियों के बयान दर्ज किए और स्थलीय निरीक्षण भी किया। सीडीओ ने कहा कि जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ईओ आदित्य प्रकाश ने बताया कि ठेकेदार ने कार्य रोके जाने के बावजूद निर्माण कराया, जिसके लिए उसे 6 जुलाई 2020 को तीन साल के लिए ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया। कहा कि ठेकेदार को नाला निर्माण का कोई भुगतान नहीं किया गया है।