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बिचौलियों से धान खरीद पर भड़के किसान
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 23 Nov 2015 11:28 PM IST
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किसानों से सीधे धान की खरीद न कर बिचौलियों के जरिए हो रही खरीद पर किसान भड़क उठे। नाराज किसानों ने सोमवार को गन्ना कार्यालय परिसर स्थित धरना स्थल को धान लदी ट्रैक्टर ट्रॉलियों से पाट दिया। करीब तीन सौ ट्रॉलिया शाम पांच बजे तक धरना स्थल पर पहुंच गई थीं। सैकड़ों किसानों ने गन्ना कार्यालय परिसर से लेकर पुलिस कार्यालय तक ट्रैक्टर ट्रॉलियों की लाइन लगा दी।
आक्रोशित किसान परिसर में ही धरने पर बैठ गए और मांगों को लेकर भाकियू के बैनर तले प्रदर्शन शुरू कर दिया। एडीएम अन्य अफसरों के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों से बात कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर देर शाम धरना समाप्त किया गया।
धरने को संबोधित करते हुए भाकियू के प्रांतीय महासचिव मुकेश सिंह ने कहा कि सरकारी क्रय केंद्रों पर किसानों का नहीं बल्कि बिचौलियों का धान खरीदा जा रहा है। किसान यदि क्रय केंद्र पर धान लेकर पहुंचता भी है तो उसमें कमियां बताकर उसे वापस कर दिया जाता है। इसका निजी व्यापारी फायदा उठा रहे हैं और किसानों का धान नौ सौ से एक हजार रुपये क्विंटल की दर से खरीद रहे हैं और यही धान वह समर्थन मूल्य 1410 रुपये की दर से सरकारी क्रय केंद्रों पर बेच रहे हैं।
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विभागीय अधिकारी जानते हुए भी कार्रवाई इसलिए नहीं कर रहे हैं क्योंकि सब कुछ इनकी मिलीभगत से हो रहा है। धरने पर मौजूद किसानों ने कहा कि क्रय केंद्र प्रभारी किसानों को टोकेन के नाम पर एक-एक माह का समय दे रहे हैं। इस मौके पर जिलाध्यक्ष अनिलकुमार वर्मा, सतीश कुमार, अनुपम, लायकराम, राधेरमन, ब्रहमानंद, शिवकुमार आदि मौजूद रहे।
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आक्रोशित किसान परिसर में ही धरने पर बैठ गए और मांगों को लेकर भाकियू के बैनर तले प्रदर्शन शुरू कर दिया। एडीएम अन्य अफसरों के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों से बात कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर देर शाम धरना समाप्त किया गया।
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धरने को संबोधित करते हुए भाकियू के प्रांतीय महासचिव मुकेश सिंह ने कहा कि सरकारी क्रय केंद्रों पर किसानों का नहीं बल्कि बिचौलियों का धान खरीदा जा रहा है। किसान यदि क्रय केंद्र पर धान लेकर पहुंचता भी है तो उसमें कमियां बताकर उसे वापस कर दिया जाता है। इसका निजी व्यापारी फायदा उठा रहे हैं और किसानों का धान नौ सौ से एक हजार रुपये क्विंटल की दर से खरीद रहे हैं और यही धान वह समर्थन मूल्य 1410 रुपये की दर से सरकारी क्रय केंद्रों पर बेच रहे हैं।
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विभागीय अधिकारी जानते हुए भी कार्रवाई इसलिए नहीं कर रहे हैं क्योंकि सब कुछ इनकी मिलीभगत से हो रहा है। धरने पर मौजूद किसानों ने कहा कि क्रय केंद्र प्रभारी किसानों को टोकेन के नाम पर एक-एक माह का समय दे रहे हैं। इस मौके पर जिलाध्यक्ष अनिलकुमार वर्मा, सतीश कुमार, अनुपम, लायकराम, राधेरमन, ब्रहमानंद, शिवकुमार आदि मौजूद रहे।