{"_id":"68cd9e89a1a892e5160bd369","slug":"if-the-community-toilet-is-found-closed-the-responsible-will-be-held-accountable-barabanki-news-c-315-1-slko1014-148003-2025-09-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: सामुदायिक शौचालय बंद मिला तो नपेंगे जिम्मेदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: सामुदायिक शौचालय बंद मिला तो नपेंगे जिम्मेदार
Fri, 19 Sep 2025 11:48 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Fri, 19 Sep 2025 11:48 PM IST
विज्ञापन
बाराबंकी। सामुदायिक शौचालय के संचालन को लेकर शासन ने सख्त रुख अपनाया है। नियमित संचालन न मिलने पर अब ग्राम पंचायत सचिव से लेकर बीडीओ, जीपीआरओ व डीसीएनआरएलएम तक की जवाबदेही तय की गई है। इसके लिए एक पोर्टल तैयार कर, उसर पर संचालन संबंधी पूरा ब्योरा अपडेट करना होगा।
जिले की 1155 ग्राम पंचायतों में से 1154 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों का संचालन हो रहा है। एक ग्राम पंचायत का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इनका संचालन नियमित न होने पर प्रमुख सचिव अनिल कुमार की तरफ से जारी आदेश में सभी की जवाबदेही तय की गई है। इसके तहत सामुदायिक शौचालयों का संचालन स्वयं सहायता समूह के माध्यम से कराने और भुगतान दो किस्तों में कराने के लिए कहा गया है।
प्रतिदिन की प्रगति का पूरा विवरण अपडेट रखने के लिए एक पोर्टल भी बनाया जाएगा। इस पर अपलोड सूचनाओं की समीक्षा जीएम की अध्यक्षता में होने वाली जिला स्वच्छता समिति की बैठक में करना होगी। संचालन न होने या शौचालयों के बंद मिलने पर इससे जुड़े संबंधित लोगों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई होगी। जिला पंचायत राज अधिकारी नीतेश भोंडेले ने बताया कि शासन स्तर से जारी निर्देशों का अनुपालन शुरू करा दिया गया है। इसके लिए सभी एडीओ पंचायत को अवगत भी करा दिया गया है।
विज्ञापन
दो माह से नहीं मिला मानदेय
निर्देश के बाद भी बीते दो माह से शौचालय के संचालन की जिम्मेदारी संभालने वाले 11 केयर टेकरों को मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है। जानकारी मिलने के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी ने केयर टेकरों को मानदेय दिलवाने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की है। इसकी जांच के साथ ही अब उन्हें बकाया मानदेय दिलाए जाने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है।
विज्ञापन
जिले की 1155 ग्राम पंचायतों में से 1154 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों का संचालन हो रहा है। एक ग्राम पंचायत का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इनका संचालन नियमित न होने पर प्रमुख सचिव अनिल कुमार की तरफ से जारी आदेश में सभी की जवाबदेही तय की गई है। इसके तहत सामुदायिक शौचालयों का संचालन स्वयं सहायता समूह के माध्यम से कराने और भुगतान दो किस्तों में कराने के लिए कहा गया है।
विज्ञापन
प्रतिदिन की प्रगति का पूरा विवरण अपडेट रखने के लिए एक पोर्टल भी बनाया जाएगा। इस पर अपलोड सूचनाओं की समीक्षा जीएम की अध्यक्षता में होने वाली जिला स्वच्छता समिति की बैठक में करना होगी। संचालन न होने या शौचालयों के बंद मिलने पर इससे जुड़े संबंधित लोगों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई होगी। जिला पंचायत राज अधिकारी नीतेश भोंडेले ने बताया कि शासन स्तर से जारी निर्देशों का अनुपालन शुरू करा दिया गया है। इसके लिए सभी एडीओ पंचायत को अवगत भी करा दिया गया है।
विज्ञापन
दो माह से नहीं मिला मानदेय
निर्देश के बाद भी बीते दो माह से शौचालय के संचालन की जिम्मेदारी संभालने वाले 11 केयर टेकरों को मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है। जानकारी मिलने के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी ने केयर टेकरों को मानदेय दिलवाने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की है। इसकी जांच के साथ ही अब उन्हें बकाया मानदेय दिलाए जाने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है।