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कोरोना मरीजों के उपचार को सात सीएचसी तैयार
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बाराबंकी। संकट की इस घड़ी में कोरोना पॉजिटिव मरीजों को उपचार के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े इसके लिए जिले के सात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को तैयार किया गया है। यहां पर आने वाले मरीजों को तत्काल प्राथमिक उपचार की सुविधा मुहैया कराई जाएगी जिससे उन्हें काफी राहत मिल सकेगी। यदि इसके बावजूद मरीज की हालत में सुधार नहीं हो रहा है तो उसे फौरन जिला अस्पताल के लिए रेफर किया जाएगा। जिला अस्पताल कोविड मरीजों के उपचार के लिए पूरी तरह से तैयार है।
महामारी से निपटने के लिए जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह पूरी तरह से गंभीर हैं। कोविड मरीजों को निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर ही प्राथमिक उपचार की सुविधा मिल सके इसके आदेश सीएमओ को दिए। डीएम से मिले आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से हरकत में आ गया। सीएमओ ने अपनी टीम को क्षेत्र के हिसाब से ऐसे सात अस्पताल तैयार करने के आदेश दिए जहां पर कोविड मरीजों को प्राथमिक उपचार की सुविधा मिल सके।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामसनेेहीघाट, रामनगर, फतेहपुर, हैदरगढ़, घुंघटेर, सिद्धौर और टिकैतनगर को इसके लिए तैयार किया गया है। यहां पर दो ऑक्सीजन कंसंट्रेटर लगवा दिए गए हैं। कोरोना से संबंधित सभी प्रकार की दवाएं मुहैया करा दी गई हैं। सीएचसी अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि इन अस्पतालों में आने वाले कोविड मरीजों को प्राथमिक उपचार की सुविधा तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद भी यदि स्थिति नियंत्रण में नहीं आती है तो ऐसे मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया जाएगा।
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उधर, कोरोना मरीजों को जिले में ही बेहतर उपचार की सुविधा मिले सके इसके लिए सीएचसी बड़ागांव को 30 बेड का कोविड अस्पताल बनाए जाने की तैयारियां जोरों पर चल रही है। सिद्धौर में गन्ना और आबकारी के संयुक्त प्रयास से ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा सभी 15 सीएचसी पर कंसंट्रेटर लगाए जाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
सिरौलीगौसपुर में 100 और रामनगर में चार बेड का कोविड अस्पताल शुरू
सिरौलीगौसपुर। कोरोना मरीजों के लिए सौ बेड का चिकित्सालय बनकर तैयार हो जाने के बाद शनिवार से चालू कर दिया गया है। फिलहाल अभी किसी मरीज को भर्ती नहीं किया गया है। जिले में कोरोना के बढ़ते मरीजों को देखते हुए इस चिकित्सालय को चालू किया गया है। कोरोना से ग्रसित मरीजों की अब सीधे भर्ती यहां हो सकेगी। मरीजों के इलाज के लिए 15 लोगों का स्टाफ तैनात किया गया है। इसमें तीन चिकित्सक, छह स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, वार्ड ब्वॉय शामिल हैं। यहां पर पांच ऑक्सीजन कंसंट्रेटर लगाए गए है।
इसके अलावा सभी संबंधित दवाइयों के अतिरिक्त एक्सरे मशीन, सभी प्रकार की खून की जांच के लिए लैब तैयार किया गया है। यदि महिला गर्भवती है तो उसके डिलीवरी की भी व्यवस्था की जा रही है। इस संबंध में सीएमएस डॉ. आरबी राम ने बताया कि कोविड चिकित्सालय की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं जो भी मरीज आएगा अब उसकी सीधी भर्ती की जाएगी।
उधर, रामनगर सीएचसी में भी बनाए गए चार बेड के कोविड अस्पताल का शुभारंभ कर दिया गया जिसका उद्घाटन शनिवार को क्षेत्रीय विधायक शरद अवस्थी ने किया। कहा कि कोरोना मरीजों को अब उपचार के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। एसडीएम राजीव शुक्ला ने कहा कि कोरोना मरीजों को बेहतर उपचार की सुविधा मिले इसका पूरा प्रयास किया जाएगा। इस मौके पर डॉ. अविचल भटनागर, डॉ. राजीव दीक्षित, डॉ. तृप्ति भटनागर, कमलेश शुक्ला, अमित अवस्थी आदि मौजूद रहे।
अवैध वसूली पर उठाया गया कदम
कोरोना मरीजों से निजी अस्पतालों में कैसा व्यवहार हो रहा है यह बात जगजाहिर हो चुकी है। ऑक्सीजन की कमी बताकर भर्ती न करना, भर्ती, इलाज, दवाओं आदि के नाम पर अवैध वसूली करना आम होता जा रहा था। शासन स्तर तक हुई शिकायतों के बाद प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए पहले जिला अस्पताल में 30 बेड का कोविड वार्ड शुरू कराया। इसके बाद सात सीएचसी पर प्राथमिक उपचार की सुविधा शुरू करा दी है।
जिले के सात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कोरोना मरीजों को प्राथमिक उपचार की सुविधा मिल सके इसके पूरे इंतजाम करा दिए गए हैं आक्सीजन कंसनट्रेटर लगवा दिए गए हैं और दवाओं भी उपलब्ध करा दी गई है। यहां के सीएचसी अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं यहां पर आने वाले कोविड मरीजों को उपचार की बेहतर सुविधा मिल सके इसके पूरे प्रयास किए जाएं यदि इसके बाद भी सुधार नहीं होता है तो उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर किया जाए।
डॉ. बीकेएस चौहान, सीएमओ
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महामारी से निपटने के लिए जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह पूरी तरह से गंभीर हैं। कोविड मरीजों को निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर ही प्राथमिक उपचार की सुविधा मिल सके इसके आदेश सीएमओ को दिए। डीएम से मिले आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से हरकत में आ गया। सीएमओ ने अपनी टीम को क्षेत्र के हिसाब से ऐसे सात अस्पताल तैयार करने के आदेश दिए जहां पर कोविड मरीजों को प्राथमिक उपचार की सुविधा मिल सके।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामसनेेहीघाट, रामनगर, फतेहपुर, हैदरगढ़, घुंघटेर, सिद्धौर और टिकैतनगर को इसके लिए तैयार किया गया है। यहां पर दो ऑक्सीजन कंसंट्रेटर लगवा दिए गए हैं। कोरोना से संबंधित सभी प्रकार की दवाएं मुहैया करा दी गई हैं। सीएचसी अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि इन अस्पतालों में आने वाले कोविड मरीजों को प्राथमिक उपचार की सुविधा तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद भी यदि स्थिति नियंत्रण में नहीं आती है तो ऐसे मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया जाएगा।
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उधर, कोरोना मरीजों को जिले में ही बेहतर उपचार की सुविधा मिले सके इसके लिए सीएचसी बड़ागांव को 30 बेड का कोविड अस्पताल बनाए जाने की तैयारियां जोरों पर चल रही है। सिद्धौर में गन्ना और आबकारी के संयुक्त प्रयास से ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा सभी 15 सीएचसी पर कंसंट्रेटर लगाए जाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
सिरौलीगौसपुर में 100 और रामनगर में चार बेड का कोविड अस्पताल शुरू
सिरौलीगौसपुर। कोरोना मरीजों के लिए सौ बेड का चिकित्सालय बनकर तैयार हो जाने के बाद शनिवार से चालू कर दिया गया है। फिलहाल अभी किसी मरीज को भर्ती नहीं किया गया है। जिले में कोरोना के बढ़ते मरीजों को देखते हुए इस चिकित्सालय को चालू किया गया है। कोरोना से ग्रसित मरीजों की अब सीधे भर्ती यहां हो सकेगी। मरीजों के इलाज के लिए 15 लोगों का स्टाफ तैनात किया गया है। इसमें तीन चिकित्सक, छह स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, वार्ड ब्वॉय शामिल हैं। यहां पर पांच ऑक्सीजन कंसंट्रेटर लगाए गए है।
इसके अलावा सभी संबंधित दवाइयों के अतिरिक्त एक्सरे मशीन, सभी प्रकार की खून की जांच के लिए लैब तैयार किया गया है। यदि महिला गर्भवती है तो उसके डिलीवरी की भी व्यवस्था की जा रही है। इस संबंध में सीएमएस डॉ. आरबी राम ने बताया कि कोविड चिकित्सालय की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं जो भी मरीज आएगा अब उसकी सीधी भर्ती की जाएगी।
उधर, रामनगर सीएचसी में भी बनाए गए चार बेड के कोविड अस्पताल का शुभारंभ कर दिया गया जिसका उद्घाटन शनिवार को क्षेत्रीय विधायक शरद अवस्थी ने किया। कहा कि कोरोना मरीजों को अब उपचार के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। एसडीएम राजीव शुक्ला ने कहा कि कोरोना मरीजों को बेहतर उपचार की सुविधा मिले इसका पूरा प्रयास किया जाएगा। इस मौके पर डॉ. अविचल भटनागर, डॉ. राजीव दीक्षित, डॉ. तृप्ति भटनागर, कमलेश शुक्ला, अमित अवस्थी आदि मौजूद रहे।
अवैध वसूली पर उठाया गया कदम
कोरोना मरीजों से निजी अस्पतालों में कैसा व्यवहार हो रहा है यह बात जगजाहिर हो चुकी है। ऑक्सीजन की कमी बताकर भर्ती न करना, भर्ती, इलाज, दवाओं आदि के नाम पर अवैध वसूली करना आम होता जा रहा था। शासन स्तर तक हुई शिकायतों के बाद प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए पहले जिला अस्पताल में 30 बेड का कोविड वार्ड शुरू कराया। इसके बाद सात सीएचसी पर प्राथमिक उपचार की सुविधा शुरू करा दी है।
जिले के सात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कोरोना मरीजों को प्राथमिक उपचार की सुविधा मिल सके इसके पूरे इंतजाम करा दिए गए हैं आक्सीजन कंसनट्रेटर लगवा दिए गए हैं और दवाओं भी उपलब्ध करा दी गई है। यहां के सीएचसी अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं यहां पर आने वाले कोविड मरीजों को उपचार की बेहतर सुविधा मिल सके इसके पूरे प्रयास किए जाएं यदि इसके बाद भी सुधार नहीं होता है तो उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर किया जाए।
डॉ. बीकेएस चौहान, सीएमओ