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Barabanki News: डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा अस्पताल
Sun, 31 May 2026 12:53 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 31 May 2026 12:53 AM IST
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बाराबंकी। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की भारी कमी से जूझ रहा है। पिछले छह माह में चार डॉक्टर स्थानांतरित हो चुके हैं, जबकि तीन अवकाश पर चल रहे हैं। इस कारण केंद्र की ओपीडी और आकस्मिक सेवाएं प्रभावित हैं।
अधीक्षक सहित मात्र दो डॉक्टर ही केंद्र पर तैनात हैं। ओपीडी और आकस्मिक सेवा भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों के सहारे चल रही है। यह केंद्र लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे और पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के करीब होने के कारण अत्यंत महत्वपूर्ण है। दौलतपुर टोल गेट से होकर घायल पहले इसी केंद्र पर पहुंचते हैं। इसके अलावा, कोतवाली और सुबेहा थाना क्षेत्र के मेडिकोलीगल सहित करीब 50 गांवों की जिम्मेदारी भी इसी केंद्र पर है।
ओपीडी में प्रतिदिन 300 से अधिक मरीज पहुंचते हैं। बाहरियों के हस्तक्षेप और कर्मियों की आपसी उठापटक को भी डॉक्टरों के न रुकने का कारण बताया जा रहा है। फार्मासिस्ट के तीन पदों के सापेक्ष मात्र एक की तैनाती है। पूर्व अधीक्षक डॉ. सौरभ शुक्ला के हटने के बाद सर्जन उमंग, केतन और गौरव का स्थानांतरण हुआ। 20 मई को डॉ. प्रियांक एक माह के आकस्मिक अवकाश पर चले गए।
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अधीक्षक सहित मात्र दो डॉक्टर ही केंद्र पर तैनात हैं। ओपीडी और आकस्मिक सेवा भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों के सहारे चल रही है। यह केंद्र लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे और पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के करीब होने के कारण अत्यंत महत्वपूर्ण है। दौलतपुर टोल गेट से होकर घायल पहले इसी केंद्र पर पहुंचते हैं। इसके अलावा, कोतवाली और सुबेहा थाना क्षेत्र के मेडिकोलीगल सहित करीब 50 गांवों की जिम्मेदारी भी इसी केंद्र पर है।
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ओपीडी में प्रतिदिन 300 से अधिक मरीज पहुंचते हैं। बाहरियों के हस्तक्षेप और कर्मियों की आपसी उठापटक को भी डॉक्टरों के न रुकने का कारण बताया जा रहा है। फार्मासिस्ट के तीन पदों के सापेक्ष मात्र एक की तैनाती है। पूर्व अधीक्षक डॉ. सौरभ शुक्ला के हटने के बाद सर्जन उमंग, केतन और गौरव का स्थानांतरण हुआ। 20 मई को डॉ. प्रियांक एक माह के आकस्मिक अवकाश पर चले गए।
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