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Barabanki News: परिश्रम व अनुशासन ही सफलता की कुंजी
Thu, 28 Aug 2025 01:46 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 28 Aug 2025 01:46 AM IST
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बाराबंकी। जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल पीजी कॉलेज में बुधवार को विशेष कक्षाओं के लिए चयनित छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित दीक्षारंभ कार्यक्रम उत्साह और उत्साह से भरा रहा। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए लिखित व साक्षात्कार के माध्यम से चुने गए 49 छात्र-छात्राओं को विषयवार कक्षाओं की जानकारी दी गई। प्रो. मानव सिंह नेे कहा कि लक्ष्य पाने के लिए कोई शॉर्टकट नहीं है। कठिन परिश्रम, अनुशासन और सकारात्मक सोच ही सफलता पाने की कुंजी है।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य प्रो सीताराम सिंह ने करते हुए कहा कि हमारा उद्देश्य है कि यहां पढ़ने वाले बच्चे न सिर्फ प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हो, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान भी बनाएं। शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज को दिशा देने और राष्ट्र निर्माण का सबसे मजबूत आधार है। डॉ. अरविंद पांडेय ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में वही सफल होता है, जिसकी पकड़ सभी विषयों पर समान रूप से मजबूत होती है।
प्रो. संतोष गौड़ ने कहा कि पठन पाठन में टेक्नोलॉजी का समावेश होना भी जरूरी है। डॉ. आशुतोष सिंह ने बताया कि भाषा और संवाद कौशल विद्यार्थी की सबसे बड़ी ताकत होती है। आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति सफलता की पहली सीढ़ी है। डॉ. अनुराग कृष्ण ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी खुद को जिम्मेदार और बेहतर इंसान बनाने का अवसर भी देती है। इस अवसर पर डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. अभिषेक मौर्य ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। विद्यार्थियों को जीवन में अनुशासन, समय प्रबंधन और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का संदेश दिया।
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कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य प्रो सीताराम सिंह ने करते हुए कहा कि हमारा उद्देश्य है कि यहां पढ़ने वाले बच्चे न सिर्फ प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हो, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान भी बनाएं। शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज को दिशा देने और राष्ट्र निर्माण का सबसे मजबूत आधार है। डॉ. अरविंद पांडेय ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में वही सफल होता है, जिसकी पकड़ सभी विषयों पर समान रूप से मजबूत होती है।
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प्रो. संतोष गौड़ ने कहा कि पठन पाठन में टेक्नोलॉजी का समावेश होना भी जरूरी है। डॉ. आशुतोष सिंह ने बताया कि भाषा और संवाद कौशल विद्यार्थी की सबसे बड़ी ताकत होती है। आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति सफलता की पहली सीढ़ी है। डॉ. अनुराग कृष्ण ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी खुद को जिम्मेदार और बेहतर इंसान बनाने का अवसर भी देती है। इस अवसर पर डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. अभिषेक मौर्य ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। विद्यार्थियों को जीवन में अनुशासन, समय प्रबंधन और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का संदेश दिया।
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