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प्रस्ताव पर मुहर लगी होती तो नहीं आती यह नौबत
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बाराबंकी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करोड़ों की विकास योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण जिस जीआईसी के मैदान में करेंगे। वह मैदान खुद विकास की बाट जोह रहा है। दो साल पहले मैदान को ऊंचा करने का प्रस्ताव अफसरशाही की अनदेखी के चलते फाइलों में कैद होकर रह गया। अगर, समय से विनियमित क्षेत्र के 10 लाख के इस प्रस्ताव पर मुहर लग गई होती तो आज तालाब बने मैदान से पानी निकालने की प्रशासन को मशक्कत न करनी पड़ती। वहीं बड़े आराम से मुख्यमंत्री का कार्यक्रम संपन्न हो जाता।
शहर का प्राचीन जीआईसी का मैदान हल्की बारिश में ही तालाब बन जाता है। ऑडीटोरियम के निर्माण होने के बाद भी ग्राउंड में जलभराव होने के कारण इसके प्रयोग में काफी अड़चनें सामने आती थीं। ऐसे में दो वर्ष पूर्व डीआईओएस राजेश कुमार वर्मा की मांग पर जिलाधिकारी ने जीआईसी के मैदान को ऊंचा कर खूबसूरत बनाने का प्रस्ताव विनियमित क्षेत्र से तैयार कराया था। ताकि विनियमित क्षेत्र की अवस्थापना निधि से ग्राउंड को ऊंचा व खूबसूरत बनाया जा सके। जिसके बाद विनियतिम क्षेत्र 10 लाख रुपये की लागत से ग्राउंड की पटाई, चारों ओर सड़क व नाली निर्माण तथा सड़क के किनारे छायादार खूबसूरत पौधे लगाने का प्रस्ताव तैयार किया। मगर, अवस्थापना निधि में धनराशि होने के बाद इस प्रस्ताव पर मुहर नहीं लग सकी।
ऐसे में वह आज भी विनियमित क्षेत्र के कार्यालय में फाइलों में कैद होकर रह गया। ऐसे में 16 फरवरी को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर कई सड़कें तो बनाई गईं मगर, मैदान की पटाई कर ऊंचा करने का ख्याल किसी को नहीं आया। फिर क्या भारी बारिश में कार्यक्रम स्थल तालाब में तब्दील हो गया। अब जब फिर मुख्यमंत्री का कार्यक्रम होना है तो भले ही ग्राउंड में भरे पानी को पंप सेट लगाकर निकाला जा रहा है। लेकिन कहीं बारिश हुई तो जलभराव की समस्या से निपटना प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा।
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इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। अगर, ऐसा कोई प्रस्ताव तैयार किया गया था। तो उसकी जानकारी कर जल्द ही उस पर कार्रवाई कराई जाएगी।
-पंकज कुमार सिंह, एसडीएम सदर
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शहर का प्राचीन जीआईसी का मैदान हल्की बारिश में ही तालाब बन जाता है। ऑडीटोरियम के निर्माण होने के बाद भी ग्राउंड में जलभराव होने के कारण इसके प्रयोग में काफी अड़चनें सामने आती थीं। ऐसे में दो वर्ष पूर्व डीआईओएस राजेश कुमार वर्मा की मांग पर जिलाधिकारी ने जीआईसी के मैदान को ऊंचा कर खूबसूरत बनाने का प्रस्ताव विनियमित क्षेत्र से तैयार कराया था। ताकि विनियमित क्षेत्र की अवस्थापना निधि से ग्राउंड को ऊंचा व खूबसूरत बनाया जा सके। जिसके बाद विनियतिम क्षेत्र 10 लाख रुपये की लागत से ग्राउंड की पटाई, चारों ओर सड़क व नाली निर्माण तथा सड़क के किनारे छायादार खूबसूरत पौधे लगाने का प्रस्ताव तैयार किया। मगर, अवस्थापना निधि में धनराशि होने के बाद इस प्रस्ताव पर मुहर नहीं लग सकी।
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ऐसे में वह आज भी विनियमित क्षेत्र के कार्यालय में फाइलों में कैद होकर रह गया। ऐसे में 16 फरवरी को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर कई सड़कें तो बनाई गईं मगर, मैदान की पटाई कर ऊंचा करने का ख्याल किसी को नहीं आया। फिर क्या भारी बारिश में कार्यक्रम स्थल तालाब में तब्दील हो गया। अब जब फिर मुख्यमंत्री का कार्यक्रम होना है तो भले ही ग्राउंड में भरे पानी को पंप सेट लगाकर निकाला जा रहा है। लेकिन कहीं बारिश हुई तो जलभराव की समस्या से निपटना प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा।
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इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। अगर, ऐसा कोई प्रस्ताव तैयार किया गया था। तो उसकी जानकारी कर जल्द ही उस पर कार्रवाई कराई जाएगी।
-पंकज कुमार सिंह, एसडीएम सदर