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Barabanki News: पुलिस करती कार्रवाई तो बच जाती किशोरी
Fri, 23 Jun 2023 01:05 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Fri, 23 Jun 2023 01:05 AM IST
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हैदरगढ़ (बाराबंकी)। दुष्कर्म के प्रयास से दुखी किशोरी ने रोज-रोज की ब्लैक मेलिंग से आजिज आकर आत्म हत्या कर ली। हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की किशोरी के परिजनों का कहना है कि पीड़िता लगातार हो रही छेड़छाड़ से दुखी थी। युवक किशोरी को रोज आपित्तजनक वीडियो वायरल करने की धमकी देता था। उनका आरोप है कि पुलिस समय पर एक्शन में आती तो आज किशोरी जिंदा होती।
किशोरी की मां के अनुसार बीते आठ जून को रात करीब साढ़े 11 बजे पड़ोसी युवक दयाशंकर उर्फ सोनू किशोरी का मुंह दबाकर उसे पास के ही एक टिनशेड के नीचे ले गया और दुष्कर्म का प्रयास किया। गांव की एक महिला मौके पर पहुंची तो युवक भाग गया। अगले दिन इस घटना की तहरीर मिलने बाद पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने की बजाय आरोपियों से ही मिल गई। 10 जून को दोनों पक्षों में समझौता करा दिया गया। आरोपी खुलेआम किशोरी को वीडियो वायरल करने को लेकर धमकाता रहा।
परिजनों ने जब दबाव बनाया तो 14 जून को आरोपी सोनू का शांतिभंग में चालान करके मामला रफादफा कर दिया लेकिन युवक व उसके परिजनों की तरफ से धमकी बंद नहीं हुई। इससे क्षुब्ध किशोरी की मां ने 16 जून को एसपी को शिकायती पत्र देकर पूरे मामले से अवगत कराया। एसपी ने केस दर्ज करने के आदेश दिए तो 17 जून को दयाशंकर उर्फ सोनू के खिलाफ दुष्कर्म के प्रयास व धमकाने का केस दर्ज किया गया। 20 जून को किशोरी का मेडिकल कराया गया लेकिन युवक की गिरफ्तारी नहीं हुई। न ही किशोरी को सुरक्षा मुहैया कराई गई।
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बृहस्पतिवार भोर किशोरी का शव घर के अंदर फंदे से लटका देख परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस पहुंची तो परिजनों के सवालों के आगे पुलिस अधिकारी कोई जवाब नहीं दे सके। सीओ जेएन अस्थाना, कोतवाल लालचंद्र सरोज के बाद मौके पर पहुंचे एसपी दिनेश कुमार सिंह व एएसपी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह ने परिजनों ने बात की। इस दौरान प्रदर्शन होता रहा।
परिजनों ने साफ कहा कि अगर गिरफ्तारी हो जाती तो बेटी की जान नहीं जाती। इसके बाद खुद को कटघरे में खड़ा होते देख पुलिस ने आनन-फानन सोनू को गिरफ्तार कर लिया। एसपी दिनेश कुमार सिंह ने केस की विवेचना कर रहे दरोगा योगेंद्र प्रताप सिंह को सस्पेंड कर विभागीय जांच बैठा दी। आरोपी का घर सील कर दिया गया है। उसके भाई को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। एसपी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में जो भी दोषी होगा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उल्टे फंसने के डर से भी सहमा था परिवार
परिजनों ने पुलिस से बताया कि किशोरी को मेडिकल के लिए भेजने के बाद पुलिसकर्मियों ने यह भी कहा कि मेडिकल में कुछ नहीं आया तो पीड़ित परिवार ही उल्टा फंस सकता है। सीओ के सामने परिजनों ने खुलेआम यह बात कही तो किसी को जवाब नहीं सूझा।
पुलिस को 40 हजार देने का लगाया आरोप
मृतका की मां ने एएसपी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह से बताया कि आरोपी के परिवार ने कहा कि चाहे जितना पैसा खर्च हो कुछ नहीं होगा। पुलिस आरोपी व उसका परिवार धमकी देने के साथ कह रहा था कि थाने में 40 हजार रुपये दे आए हैं।
14 दिन बैठी रही पुलिस, अब मांग रही थी आधा घंटा
परिजनों व ग्रामीणों का प्रदर्शन देख पुलिसवाले सहम गए। 14 दिनों तक आरोपी को खुलेआम घूमने की छूट देने वाली पुलिस परिजनों से गिरफ्तारी व कार्रवाई के लिए केवल आधे घंटे का वक्त मांग रही थी। कोतवाल लालचंद्र सरोज व अन्य पुलिसकर्मी की इस बात को भी सुनने से इंकार कर दिया गया।
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किशोरी की मां के अनुसार बीते आठ जून को रात करीब साढ़े 11 बजे पड़ोसी युवक दयाशंकर उर्फ सोनू किशोरी का मुंह दबाकर उसे पास के ही एक टिनशेड के नीचे ले गया और दुष्कर्म का प्रयास किया। गांव की एक महिला मौके पर पहुंची तो युवक भाग गया। अगले दिन इस घटना की तहरीर मिलने बाद पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने की बजाय आरोपियों से ही मिल गई। 10 जून को दोनों पक्षों में समझौता करा दिया गया। आरोपी खुलेआम किशोरी को वीडियो वायरल करने को लेकर धमकाता रहा।
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परिजनों ने जब दबाव बनाया तो 14 जून को आरोपी सोनू का शांतिभंग में चालान करके मामला रफादफा कर दिया लेकिन युवक व उसके परिजनों की तरफ से धमकी बंद नहीं हुई। इससे क्षुब्ध किशोरी की मां ने 16 जून को एसपी को शिकायती पत्र देकर पूरे मामले से अवगत कराया। एसपी ने केस दर्ज करने के आदेश दिए तो 17 जून को दयाशंकर उर्फ सोनू के खिलाफ दुष्कर्म के प्रयास व धमकाने का केस दर्ज किया गया। 20 जून को किशोरी का मेडिकल कराया गया लेकिन युवक की गिरफ्तारी नहीं हुई। न ही किशोरी को सुरक्षा मुहैया कराई गई।
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बृहस्पतिवार भोर किशोरी का शव घर के अंदर फंदे से लटका देख परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस पहुंची तो परिजनों के सवालों के आगे पुलिस अधिकारी कोई जवाब नहीं दे सके। सीओ जेएन अस्थाना, कोतवाल लालचंद्र सरोज के बाद मौके पर पहुंचे एसपी दिनेश कुमार सिंह व एएसपी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह ने परिजनों ने बात की। इस दौरान प्रदर्शन होता रहा।
परिजनों ने साफ कहा कि अगर गिरफ्तारी हो जाती तो बेटी की जान नहीं जाती। इसके बाद खुद को कटघरे में खड़ा होते देख पुलिस ने आनन-फानन सोनू को गिरफ्तार कर लिया। एसपी दिनेश कुमार सिंह ने केस की विवेचना कर रहे दरोगा योगेंद्र प्रताप सिंह को सस्पेंड कर विभागीय जांच बैठा दी। आरोपी का घर सील कर दिया गया है। उसके भाई को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। एसपी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में जो भी दोषी होगा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उल्टे फंसने के डर से भी सहमा था परिवार
परिजनों ने पुलिस से बताया कि किशोरी को मेडिकल के लिए भेजने के बाद पुलिसकर्मियों ने यह भी कहा कि मेडिकल में कुछ नहीं आया तो पीड़ित परिवार ही उल्टा फंस सकता है। सीओ के सामने परिजनों ने खुलेआम यह बात कही तो किसी को जवाब नहीं सूझा।
पुलिस को 40 हजार देने का लगाया आरोप
मृतका की मां ने एएसपी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह से बताया कि आरोपी के परिवार ने कहा कि चाहे जितना पैसा खर्च हो कुछ नहीं होगा। पुलिस आरोपी व उसका परिवार धमकी देने के साथ कह रहा था कि थाने में 40 हजार रुपये दे आए हैं।
14 दिन बैठी रही पुलिस, अब मांग रही थी आधा घंटा
परिजनों व ग्रामीणों का प्रदर्शन देख पुलिसवाले सहम गए। 14 दिनों तक आरोपी को खुलेआम घूमने की छूट देने वाली पुलिस परिजनों से गिरफ्तारी व कार्रवाई के लिए केवल आधे घंटे का वक्त मांग रही थी। कोतवाल लालचंद्र सरोज व अन्य पुलिसकर्मी की इस बात को भी सुनने से इंकार कर दिया गया।