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एसडीएम साहब! बाजा बाजी की न बाजी
Amarujala Bureau
Updated Thu, 18 Jan 2018 12:04 AM IST
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एसडीएम ने दिया आश्वासन
- फोटो : अमर उजाला
हर युवा की जुबान पर भोजपुरी गीत ‘बाजा बाजी की न बाजी...’ की यह लाइन एसडीएम के दफ्तर में बुधवार को सुनने को मिली जब एक दुल्हन बनने वाली युवती हाथ में शादी का कार्ड व प्रार्थना पत्र के साथ दाखिल हुई। उसने आवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि... एसडीएम साहब! बाजा बाजी की न बाजी। यह सुन एसडीएम ने आवेदन का अवलोकन कर कोतवाली की रिपोर्ट पर बैंड बाजा व डीजे के परमिशन देने का आश्वासन दिया।
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न्यायालय के आदेश पर धार्मिक स्थलों पर होने वाले आयोजनों के साथ शादी-समारोह में भी बैंड बाजे की परमिशन लेने का मामला सुखिर्यों में आने के बाद बुधवार को जिले के एसडीएम कार्यालय में अनुमति का पहला आवेदन आया। यह आवेदन स्वयं दुल्हन बनने वाली युवती स्वयं लेकर पहुंची। युवती का विवाह दिल्ली में रहने वाले लड़के से 22 जनवरी को शहर में होना तय है। एसडीएम कार्यालय पहुंची युवती काफी इंतजार के बाद एसडीएम से मिली तो उसने शादी का कार्ड व आवेदन देने के साथ बोली कि एसडीएम साहब! बाजा बाजी की न बाजी। इस पर एसडीएम ने आवेदन को कोतवाली पुलिस को अग्रसारित कर उसे बाजा बजाने की अनुमति देने का भरोसा दिया।
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युवती ने बताया कि उसके पिता शादी के अन्य कामों में व्यस्त है तो मां बीमार है। घर में बड़ी होने के बाद उसे ही इस काम के लिए आना पड़ा। एससडीएम सदर सुशील प्रताप सिंह का कहना है कि वैवाहिक समारोह पर बैंड बाजा व डीजे की परमिशन के लिए युवती का पहला आवेदन है। पुलिस रिपोर्ट मिलते ही उसे बैंड बाजे की परमिशन दे दी जाएगी।
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