फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Polling ends for elections to 92 urban bodies in Andhra Pradesh

आंध्र प्रदेश चुनाव: 92 शहरी निकायों में मतदान खत्म; जगन ने क्यों लगाया धांधली का आरोप, कब आएंगे नतीजे?

Sun, 01 Nov 2026 08:52 PM IST
निर्मल कांत आईएएनएस, पुलिवेन्दुला
आईएएनएस, पुलिवेन्दुला Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 01 Nov 2026 08:52 PM IST
सार

आंध्र प्रदेश के 92 शहरी निकायों में मतदान पूरा हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने टीडीपी पर बूथ कब्जाने और धांधली के आरोप लगाकर दोबारा मतदान की मांग की है। आखिर मतदान के दौरान क्या हुआ और नतीजे कब आएंगे? पढ़िए इस रिपोर्ट में।

विज्ञापन
Polling ends for elections to 92 urban bodies in Andhra Pradesh
आंध्र प्रदेश निकाय चुनाव - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/डीडी न्यूज

विस्तार

आंध्र प्रदेश के 92 शहरी निकायों के चुनाव के लिए मतदान शांतिपूर्ण रहा। कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़कर कहीं बड़ी परेशानी नहीं हुई। राज्य के 13 नगर निगमों और 79 नगर पालिकाओं व नगर पंचायतों में सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ था। यह शाम पांच बजे खत्म हो गया। राज्य चुनाव आयुक्त अनिल चंद्र पुनेठा ने रविवार को यह जानकारी दी।
विज्ञापन


शाम 5 बजे मतदान केंद्रों पर कतार में खड़े लोगों को भी वोट डालने की अनुमति दी गई। जिलों से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, दोपहर तीन बजे तक 48.03 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था।
विज्ञापन


अंतिम मतदान प्रतिशत कब आएगा?
मतदान कर्मचारी मतपेटियों और चुनाव से जुड़ी सामग्री के साथ संग्रह केंद्रों पर पहुंचेंगे। हर मतदान केंद्र पर पड़े वोटों का ब्योरा जांचा जाएगा। इसके बाद अंतिम मतदान प्रतिशत की गणना की जाएगी। उन्होंने कहा कि संग्रह केंद्रों से पूरी जानकारी मिलने के बाद सोमवार तक मतदान प्रतिशत घोषित कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस चुनाव में कुल 99.35 लाख मतदाता वोट डालने के योग्य थे। इसके लिए 11,378 मतदान केंद्र बनाए गए थे। महापौर, अध्यक्ष और वार्ड स्तर के पदों के लिए चुनाव लड़ रहे 10,262 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला तीन नवंबर को होगा। इसी दिन मतगणना की जाएगी।

कितने पदों पर निर्विरोध चुनाव हुआ?
17 नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के अध्यक्ष पदों के लिए चुनाव निर्विरोध हुआ। आठ नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में अध्यक्ष और वार्ड सदस्य, दोनों निर्विरोध चुने गए। 13 नगर निगमों में महापौर पद के लिए कुल 153 उम्मीदवार मैदान में थे। वहीं, 70 नगर पालिकाओं में अध्यक्ष पद के लिए 367 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे थे।

ये भी पढ़ें: 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' रैली: नागपुर में जुटेंगे 20 हजार लोग, फडणवीस-गडकरी करेंगे नेतृत्व; क्या है मकसद?

कुल 922 पार्षद वार्डों में से 804 वार्डों में मतदान हुआ। बाकी 118 वार्डों में चुनाव निर्विरोध हुआ। नगर निगम के इन 804 वार्डों के लिए कुल 3,077 उम्मीदवार मैदान में थे। नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के 2,382 वार्डों के लिए कुल 6,669 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे थे।

शांतिपूर्ण मतदान के लिए क्या इंतजाम किए गए थे?
राज्य चुनाव आयोग ने बताया कि उसने शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए जिला कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों (एसपी), पुलिस आयुक्तों, डीआईजी और चुनाव पर्यवेक्षकों के साथ समीक्षा बैठकें की थीं। आयुक्त ने बताया कि राज्य में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से चुनाव प्रक्रिया को लेकर शिकायतें और आवेदन मिले थे। उन्होंने पुलिस विभाग, जिला कलेक्टरों, एसपी और पुलिस आयुक्तों को इन शिकायतों की जांच करने और जरूरी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

आयुक्त ने बताया कि उन्होंने नांदयाल, कडप्पा, पलनाडु, मार्कापुरम, प्रकाशम, नेल्लोर, तिरुपति, चित्तूर, अनंतपुर, कुरनूल, अन्नमय्या और श्री सत्य साई जिलों के जिला कलेक्टरों के साथ करीब 45 मिनट तक चर्चा की। इस दौरान मतदान प्रक्रिया, मिली शिकायतों और हिंसा की घटनाओं को लेकर बातचीत हुई।

उन्होंने बताया कि जिला कलेक्टरों ने जानकारी दी कि ज्यादातर जिलों में मतदान शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था। कुछ इलाकों में ही छोटी-मोटी शिकायतें मिली थीं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ जिलों में कोई शिकायत या हिंसा की घटना सामने नहीं आई थी।

जगन ने क्या आरोप लगाया?
वहीं, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश में नगर निकाय चुनाव के दौरान दिनदहाड़े लोकतंत्र की हत्या की गई। उन्होंने कहा कि तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के कार्यकर्ताओं ने मतदान केंद्रों पर कब्जा कर लिया। उन्होंने वाईएसआर कांग्रेस के एजेंटों को बाहर निकाल दिया। पुलिस के समर्थन से बड़े पैमाने पर धांधली भी की गई।


उन्होंने कहा कि पुलिवेंदुला के 80 में से 70 मतदान केंद्रों पर वाईएसआर कांग्रेस के एजेंटों को बैठने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा, लोकतंत्र में अगर विपक्षी पार्टी के एजेंटों को मतदान केंद्रों के अंदर बैठने की अनुमति नहीं दी जाती है, तो मतदाताओं की पहचान कौन करेगा? उनकी पहचान करने के लिए कोई नहीं होगा। क्योंकि वाईएसआर कांग्रेस के मतदान एजेंटों को या तो जबरन मतदान केंद्रों से बाहर निकाल दिया गया है या उन्हें मतदान केंद्रों में प्रवेश करने से रोक दिया गया। 

वाईएस जगन मोहन रेड्डी नगर निकाय चुनाव में वोट डालने के लिए अपने गृह नगर पुलिवेंदुला पहुंचे थे। यह शहर वाईएसआर कडप्पा जिले में है। उन्होंने दोबारा मतदान कराने की मांग को लेकर रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय के सामने धरना दिया। उनके साथ पार्टी के वे एजेंट भी मौजूद थे, जिन्हें मतदान केंद्रों से बाहर निकाला गया था। जगन ने सवाल किया, क्या यह लोकतंत्र है? क्या हम वास्तव में लोकतांत्रिक व्यवस्था में काम कर रहे हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed