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घाघरा का पानी स्थिर, लेकिन संकट बरकरार

Wed, 07 Aug 2019 11:21 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 07 Aug 2019 11:21 PM IST
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Ghagra water stagnant, but crisis continues
बाराबंकी। घाघरा नदी का पानी खतरे के निशान से नीचे पहुंचकर भले ही स्थिर हो गया हो मगर बाढ़ पीड़ितों का संकट जस का तस बना हुआ है। जिन गांवों में पानी भरा है वहां के पीड़ित बुधवार को पूरा दिन सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करते दिखाई दिए। वहीं जो परिवार तटबंधों पर झोपड़ियां बनाकर रह रहे हैं, उनकी समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मगर प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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बाढ़ कंट्रोल रूम के मुताबिक नदी का पानी खतरे के निशान 106.076 से घटकर 105.986 पर पहुंचकर स्थिर हो गया है। मगर बाढ़ से प्रभावित टेपरा, सरायं सुरजन, बंधौली और तेलवारी गांव के लोगों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। इन गांवों में पानी भरने के बाद बाढ़ पीड़ितों ने यहां से पलायन शुरू कर दिया है।
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गांव को जोड़ने वाले मार्गों पर पानी भरा होने की वजह से बाढ़ पीड़ितों को आवागमन में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिन गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है वहां के लोग बुधवार को भी पूरा दिन पलायन करते रहे। वहीं जो परिवार अलीनगर रानीमऊ तटबंध पर झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं उनके सामने दो वक्त की रोटी और मवेशियों के लिए चारे का संकट बना हुआ है। इसके बावजूद प्रशासन इसको लेकर जरा भी गंभीर नहीं दिखाई दे रहा है।
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बाढ़ पीड़ितों के मुताबिक अधिकारी आते हैं और लोगों से बातचीत करके चले जाते हैं लेकिन समस्याओं पर जरा भी ध्यान नहीं देते हैं। मदद के नाम पर एक अदद तिरपाल के अलावा आज तक किसी को कुछ भी नहीं मिला है। बिजली व पानी की व्यवस्था न होने की वजह से बाढ़ पीड़ितों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सूरतगंज ब्लॉक में हेतमापुर क्षेत्र में बसा कंचनापुर गांव बाढ़ के पानी की चपेट में सबसे पहले आता है। नदी का जलस्तर जैसे की खतरे के निशान को पार करता है ये गांव बाढ़ की चपेट में आ जाता है। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही गांव के किनारे तक घाघरा का पानी पहुंचने से यहां हड़कंप मच गया है और बाढ़ पीड़ित सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की तैयारी में जुटे हैं।

एडीएम संदीप कुमार गुप्ता का कहना है कि घाघरा नदी का पानी खतरे के निशान से नीचे आकर स्थिर हो गया है। जिन गांवों तक पानी पहुंच गया था वहां के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर बसाने के निर्देश एसडीएम सिरौलीगौसपुर को दिए गए हैं। इसके साथ ही बाढ़ पीड़ितों पर बराबर नजर रखने को कहा गया है। बाढ़ पीड़ितों को किसी प्रकार की समस्या न हो, इस पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
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