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Barabanki News: आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा, अस्पताल प्रबंधक पर केस

Sun, 03 Nov 2024 02:10 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Sun, 03 Nov 2024 02:10 AM IST
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Fraud in Ayushman scheme, case against hospital manager
बाराबंकी। देवा रोड स्थित एमिकस हॉस्पिटल में आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा करने के साथ ही मरीजों की जान से खिलवाड़ करने का मामला सामने आया है। यहां डॉक्टर के फर्जी मुहर हस्ताक्षर का प्रयाेग करके पोर्टल पर कागजात अपलोड किए जाने के साथ ही इलाज के नाम पर लाभार्थियों से जमकर वसूली भी होती मिली। एसीएमओ की तहरीर पर अस्पताल के प्रबंधक पर केस दर्ज कराने की कार्रवाई की गई है।
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एसीएमओ डॉ. डीके श्रीवास्तव ने बताया कि बीती 28 अक्तूबर को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट काव्या श्री, डिप्टी सीएमओ डॉ. राजीव कुमार व एसीएमओ की टीम ने देवा रोड पर संचालित एमिकस हॉस्पिटल का निरीक्षण कर जांच पड़ताल की थी। पुलिस को दी गई तहरीर में बताया गया कि अस्पताल के संचालक के बतौर एमडी मेडिसिन डॉ. अरुण अभिषेक का नाम अंकित मिला। निरीक्षण में आयुष्मान योजना के कागजातों में उनकी मुहर व हस्ताक्षर भी मिले मगर जब मोबाइल फोन पर बातचीत की गई तो डॉ. अरुण अभिषेक ने बताया कि वह तीन माह से अस्पताल गए ही नहीं हैं।
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जांच के दौरान रजिस्टर पर दर्ज कर्मचारियों की जगह दूसरे लोग अस्पताल में काम करते मिले। योजना के तहत तीन मरीज भी भर्ती मिले। एक मरीज को ऑक्सीजन सपोर्ट पर दर्शाया गया मगर परीक्षण में मरीज पूरी तरह स्वस्थ मिला। आयुष्मान योजना के तहत यहां इलाज कराने वाली लाभार्थी नीलम ने मोबाइल फोन पर बताया कि 12 अक्तूबर को इलाज में उसका करीब 11 हजार रुपये खर्च हुआ। जहांगीराबाद की एसएचओ गीता द्विवेदी ने बताया कि एमिकस हॉस्पिटल के प्रबंधक डॉ. विनीत श्रीवास्तव के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
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आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा का यह मामला भले ही उजागर हो गया है मगर जिले में अन्य जगहों पर भी ऐसा हो रहा है। कई लाभार्थियों ने इस संबंध में अस्पताल पहुंचने पर इलाज खर्च के नाम पर हजारों रुपये वसूल किए जाने की शिकायत भी सीएमओ कार्यालय में दर्ज करा रखी है। ऐसे में मामले की गहनता से जांच होने पर अन्य अस्पतालों में भी फर्जीवाड़ा मिलने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।
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